नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, २०७१ फाल्गुन १ गते । नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं के आयोजना में दो दिवसीय क्षेत्रीय ललितकला गोष्ठी तथा कला प्रदर्शनी नेपालगन्ज में सम्पन्न हुआ है । नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं की उप– कुलपति शारदा चित्रकार के प्रमुख आतिथ्य में, नेपाल ललितकला संस्था बाँके जिला के अध्यक्ष आशाराम मौर्या के  बिशिष्ट
" /> नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, २०७१ फाल्गुन १ गते । नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं के आयोजना में दो दिवसीय क्षेत्रीय ललितकला गोष्ठी तथा कला प्रदर्शनी नेपालगन्ज में सम्पन्न हुआ है । नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं की उप– कुलपति शारदा चित्रकार के प्रमुख आतिथ्य में, नेपाल ललितकला संस्था बाँके जिला के अध्यक्ष आशाराम मौर्या के  बिशिष्ट
" /> नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, २०७१ फाल्गुन १ गते । नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं के आयोजना में दो दिवसीय क्षेत्रीय ललितकला गोष्ठी तथा कला प्रदर्शनी नेपालगन्ज में सम्पन्न हुआ है । नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं की उप– कुलपति शारदा चित्रकार के प्रमुख आतिथ्य में, नेपाल ललितकला संस्था बाँके जिला के अध्यक्ष आशाराम मौर्या के  बिशिष्ट
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ललितकला गोष्ठी तथा कला प्रदर्शनी नेपालगन्ज में सम्पन्न

DSC08978नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, २०७१ फाल्गुन १ गते ।
नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं के आयोजना में दो दिवसीय क्षेत्रीय ललितकला गोष्ठी तथा कला प्रदर्शनी नेपालगन्ज में सम्पन्न हुआ है ।
नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं की उप– कुलपति शारदा चित्रकार के प्रमुख आतिथ्य में, नेपाल ललितकला संस्था बाँके जिला के अध्यक्ष आशाराम मौर्या के  बिशिष्ट आतिथ्य में नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान लोककला बिभाग काठामण्डौं के प्रमुख सुवोध चन्द्र दास के सभापतित्व में क्षेत्रीय ललितकला गोष्ठी तथा कला प्रदर्शनी कार्यक्रम सम्पन्न हुआ है ।
नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं के उप– कुलपति शारदा चित्रकार  ने कहा पुरानी कला को बचाने के लियें बिभिन्न प्रकार की चुनौतिया सामने आती है , पुरानी कला और सांस्कृतिया दिन प्रति दिन गायब होते जा रहा है । पुरानी कला संस्कृति को बचाने के लियें सभी लोगों को गम्भीर होना जरुरी  है उन्हों ने बतायी । बहु भाषा, संस्कृतिया“ से विभूषित नेपाल में मौलिक लोककला के माध्यमों से आर्थिक एवं सामाजिक विकास कर सकते है  ।
इसी तरह कार्यक्रम में नेपालगन्ज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद श्रेष्ठ ने नेपालगन्ज लगायत मध्यपश्चिम क्षेत्र में लोककला की भण्डार है तो भी राज्य पक्ष के ओर से उदासिनता रही है सिकायत करते हुयें कहा कला संस्कृति संरक्षण एवं प्रवद्र्धन में सहकार्य एवं समन्वय की अभाव रही है, लोककला विकास करने में सम्बन्धित सराकार वालों ने सहयोग करने के लियें बताया ।
रोल्पा, दाङ्ग, सुर्खेत, कैलाली, कञ्चरपुर, कैलाली जिला की दिखाई पड्ने वाली लोककला को विगत और वर्तमान अवस्था के बारे में क्षेत्रीय गोष्ठी तथा कला प्रदर्शनी में लोककला प्रेमीयों की सहभागिता रही थी ।

DSC03249कैसे कार्यक्रम में राना थारु लोककला की कार्यपत्र शिव कुमारी राना ने किया, मगरजाति लोककला की कार्यपत्र देबिका घर्तीमगर, दंगाली थारुजाति की संस्कृति और लोककला की कार्यपत्र कैलाली जिला की सुश्री किरन थारु और अवधी लोककला अवस्था और आवश्यकता की कार्यपत्र प्रस्तुति काठकाण्डौं के बिक्रममणि त्रिपाठी ने किया था, नेपालीभाषी पर्वते समुदाय की लोक चित्रकला की कार्यपत्र का प्रस्तुति डा. गोबिन्द आचार्य ने किया था ।
राना थारु लोककला, मगरजाति लोककला , थारु जाति की संस्कृति और लोककला में टिप्पणी अशोक थारु ने किया था , अवधी लोककला अवस्था और आवश्यकता की कार्यपत्र में टिप्पणी नेपाल ललितकला संस्था बा“के जिला के सचिव तथा अवधी सा“स्कतिक प्रतिष्ठान के अध्यक्ष बिष्णुलाल कुमाल ने किया था ।
कार्यक्रम में कला बिकास प्रेमी एवं नागरिक समाज के भूपेन्द्र प्रकाश शर्मा लगायत लोगों की  सहभागिता रही थी, भगवान बाबा श्री चन्द्र मन्दिर प्राकृतिक योग चिकित्सालय नेपालगन्ज के डा. आनन्द बहादुर कर्माचार्या  और नेपाल ललितकला संस्था बा“के जिला के उपाध्यक्ष श्याम थापा ने कार्यक्रम को सञ्चालन किया था । बिभिन्न जगाह से आयें हुयें कला प्रेमीयों ने अपना अपना कला प्रदर्शनी किया था । इसी तरह नेपाल ललितकला संस्था बा“के जिला के उपाध्यक्ष श्यामानन्द सिंह ने बैलगाडी, कबूतर लगायत की सामाग्रीया“ प्रदर्शनी किया था ।

DSC03250नेपाल ललितकला प्रज्ञा प्रतिष्ठान लोककला बिभाग काठमाण्डौं के प्रमुख सुवोध चन्द्र दास ने जानकारी दी ।

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