लहान का मानव मेला का संकेत है कि मधेस अब गुलामी से मुक्ति चाहती है : रोशन झा

“मधेस कि धरती करे पुकार, मधेस मे लाओ पूर्ण स्वराज”

अबकि बार ही मांग जनमत संग्रह का हो एलाननारा की बात करते है, यदि ईस परिवेश में मधेस में जनमत संग्रह होता है तो 90% से अधिक जनमत मधेस के पक्ष मे आने का अनुमान लग रहा है
balidan dibas

रोशन झा |,माघ ०९ राजबिराज

  स्वतन्त्र मधेस गठबन्धन के संयोजक डाॅ. सि. के. राउत के प्रमुख आतिथ्य में माघ ०५ गते सिरहा लहान में सम्पन्न जनसम्बोधन कार्यक्रम में मधेसी जनसमुदाय की महासागर को देखकर स्वराज बिरोधियों की होस उड गयी हैं । उस महाकुंभ में उपस्थित लोगों की संख्या का अन्दाजा लगाना असम्भव था । स्वतन्त्र मधेस के पक्षधर स्वराजी एवं डाॅ. सि. के. राउत को लेकर मधेसी जनता की जनमत के बारे मे कमजोर बतानेवाले आजादी बिरोधियों के लिए ये एक करारा जवाव ही नहीं, बल्कि आजादी का जयघोष भी हैं ।

लहान के मधेसी मानव मेला यह बात स्पष्ट करती है कि अब मधेस कि धरती नेपाली उपनिवेश से मुक्ति चाहती हैं । लहान के जनमास से एकरुपता पूर्वक ‘आजादी-आजादी’ गूंजनेवाली मधेसी दहाड़ यह कह रही थी कि ck raut आप आजादी लाओ, हम आपके साथ हैं । वर्तमान अवस्था में यदि मधेस का जायजा लिया जाए तो स्वतन्त्र मधेस गठबन्धन बुलन्दि की उच्च शिखर को छु रही है। डाॅ. राउत जो “अबकि बार ही मांग जनमत संग्रह का हो एलान” नारा की बात करते है, यदि ईस परिवेश में मधेस में जनमत संग्रह होता है तो 90% से अधिक जनमत मधेस के पक्ष मे आने का अनुमान लग रहा है ।

मधेसवादी दल द्वारा जो पिछले 70 वर्ष से संघियता और प्रदेश के लिये संघर्ष किया जा रहा है उसमें सैकडौं मधेसीयों ने प्राणो की आहुती दी लेकिन कागज के टुकड़ों पर सम्झौता और आस्वाशन के बावजुद कुछ नही मिला । स्वतन्त्र मधेस गठबन्धन के नेतृत्व में डाॅ. सि. के. राउत ने जब प्राचिन मधेसी सभ्यता एवं मधेस के ईतिहास से मधेसीयों को अवगत कराया तो धिरे-धिरे मधेस में स्वाराज का नारा बुलंद होने लगा, शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले डाॅ. राउत लगायत अन्य स्वराजीयों की वाक स्वतन्त्रता का हनन् करते हुए नेपाल सरकार द्वारा बारबार धर-पक्कड़ किया गया उसने बहुत कम समय मे मधेसी जनता को स्वतन्त्रता के पक्ष में एकजुट होने के लिए अग्रसर कर दिया है । पशुपति आदर्श उच्च मा. वि. प्राड़गण के जनसम्बोधन में सि. के. राउत ने जो दहाड़ लगाई कि कोई माई का लाल मधेस को आजाद होने से नही रोक सकता है । उन्होने यह बात स्पष्ट कर दिया कि मधेस को आजाद कर के मधेसी सहिदों का सपना साकार किए बिना हम चैन से नही बैठेंगे, ईस से यह अनुमान लगाया जा सकता हैं कि मधेस आजादी के बेहद करिब है । सरकार अगर समय पर सचेत नही हुई तो अंजाम कुछ भी हो सकता है |

 

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1 Comment on "लहान का मानव मेला का संकेत है कि मधेस अब गुलामी से मुक्ति चाहती है : रोशन झा"

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s .kumar
Guest

जल्दी करो ,
मदेस ( सप्तरी – पर्सा ) नेपालके लिए अभिसाप है । बिहारमे मिलाओ ।
मदिसे से नेपालीयोँको आजादी चाहिए ।
मुहाजिर बनो ,खुस रहो ।
तुम भि खुस, हम भि खुस ।

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