लहान में आन्दोलनकारियों ने राजमार्ग पर डाला डेरा, सिरहा में बम विस्फोट

मनोज बनैता, लहान, ८ आश्विन । मधेश आन्दोलन संघर्ष समिति और संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा ने सिरहा का सड़क अवरुद्ध करने के लिए सड़क में खाने और रात में 12006291_472316906281266_3740600640257650817_nरहने का निर्णय किया है । रात में स्कर्टिगं करके व्यापक रूप से सवारी साधन काठमाडौं ले जाने की वजह से ऐसे कड़े आन्दोलन की घोषणा की गई है।

आज के पत्रकार सम्मेलन में वोलते हुए पूर्व मन्त्री राजलाल यादव ने कहा कि लहान के अस्पताल चौक में आज शाम ६ बजे निरन्तर रूप में रातभर हाईवे में सोकर आन्दोलन करेंगे । मधेश दिनभर बन्द करने के बाद भी रात को पुलिस जबरदस्ती स्कर्टिंग करके गाड़ी ले जा रही है । सद्भावना पार्टी के केन्द्रीय सलाहकार तथा मुस्लिम अगुवा महमुद आलम ने कहा है कि हमारे शान्तिपूर्ण आन्दोलन में खसवादी प्रशासन का हमेशा हस्तक्षेप रहा है इसिलिए हमने इस अहंकारी सरकार को एक पाठ सिखाने के लिए ऐसी रणनीति अपनाइ है। अगर प्रशासन ने फिर भी अपना रवैया नहीं बदला तो हम प्रतिकार करने से भी नींह हटेंगे । इसीतरह से, गोलबजार के आन्दोलनकारीयों ने भी हाईवे अवरुद्ध करके सड़क में रात बीताने का निर्णय किया है ।

DSC01387गोल बजार के उद्योग वाणिज्य संघ और स्थानीय व्यापारी लोगों ने भी ये प्रण लिया है कि जब तक हमें अपना अधिकार नहीं मिल जाता हमारी कोई भी दुकान नहीं खुलेगी । अब बस मधेश विजय का प्रसाद खा के ही हम ए व्रत तोड़ेंगे । आन्दोलन सशक्त होर हे अवस्था में सिरहा के सदरमुकाम और मिर्चैया में बम विस्फोट हुआ है।

आज सुवह ११ वजे बैठे संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा के बैठक ने आम हड़ताल को सशक्त बनाने के लिए राजमार्ग बन्द कराने की घोषणा की थी । मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मधेशी एकता जिन्दावाद , खस शासक मुर्दावाद मधेश स्वायत्त प्रदेश घोषणा कर आदि नारा लगाया था ।

नेपाल का संविधान २०७२ मधेश विरोधी और मधेशी का कोई भी हक अधिकार को सम्बोधित नहीं किया है आरोप लगाते हुए विगत ४३ दिन से सिरहा लगायत मधेश के २० जिला में आमहड़ताल जारी है । स्वायत्त मधेश प्रदेश, जनसंख्या के आधार में निर्वाचन क्षेत्र , राज्य के हरेक निकाय में समानुपातिक सहभागिता , नागरिकता जैसे मुख्य मुद्दा को लेकर मधेश केन्द्रित दल आन्दोलन करते आ रहे हैं । मधेश की मांग सम्बोधन नहीं होने तक आन्दोलन जारी रहने की चेतावनी मोर्चा के नेताओं ने दी है । आन्दोलन के क्रम में अब तक ४५ लोगों ने अपनी जान कि कुर्वानी दी है इसके बाद भी सरकार मधेश को सम्बोधन करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है । मधेश आन्दोलन दिनप्रतिदिन सश्क्त होने के कारण जनजीवन कष्टकर होता जा रहा है ।DSC01328 DSC01481

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