लाहान अस्पताल, अस्पताल नहीं एक मौत का कुँवा

मनाेज बनैता, लहान, १३ कार्तिक । रा.उ.मु स्मारक अस्पताल लाहान के लापरबाही से एक गरिब दलितका घर जहाँ कभी खुशी गुँजती थी वहाँ अाज मातम छाया हुवा है । लहान ८ निवासी अन्दाजी ३५ वर्ष का दुखी मेहतर का मौत चिकित्सक के लापरबाही के कारण हुवा है । मृतक दुखी मेहतर कल रविवार सुवह करिब ११:०० बजे तक अपना दैनिक सरसफाइ का काम करके जब अपने घर लाैटा तब अचानक उसके पेटमे दर्द शुरु हुवा और तुरन्त उन्हे सरकारी अस्पताल लेजाया गया । ईमर्जेन्सी मे भर्ना किएगए मेहतर कुछ क्षण पश्चात् होस मे आया और उनसे कई लाेगाे का बातचित भी हुई । परिवारजन जब अस्पताल से घर कुछ खानेका सामान लेने गए बस उसी पल मौत ने दुखी मेहतरको अपना आगोस मे ले लिया । पीडित पक्षके अनुसार इमर्जेन्सी के डाक्टर ने दुखी मेहतर का शरिरका तापक्रम कम हाेनेका बात किया था फिर भी उन्हे स्लाईन दिया गया । पीडित परिवार के अनुसार डाक्टर अगर राेग ना समझ पाया ताे उनहे रेफर कर देना चाहिए था । प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार लाहान अस्पताल का चरम लापरबाही के कारण दुखी मेहतर का मौत हुवा है । अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल द्वारा दुखी मेहतर को बचानेका यथासम्भव प्रयास किया गया था ।
दुखी मेहतर जैसे नजाने कैयाें गरिब चिकित्सकके लापरवाही के कारण लाहान अस्पताल मे अपना दम तोडते आरहे है । लाहान अस्पताल मौतका कुवा से काेई कम नजर नहि अारहा है ।

काैन है दुखी मेहतर ?
लाहान ८ मे जन्मे दुखी मेहतर का एक १४ वर्ष का लडका और बिवी सहित जम्मा ३ सदस्य परिवार था । मेहतर सडक और सौचालय सरसफाई का काम कर रहे थे । मृतक मेहतर १४ वर्ष से लाहान मनोकामना बोर्डिङ स्कुल मे क्लिनिङ वर्कर के रुपमे काम करते आरहे थे । उनके मृत्युके कारण स्कुलका सम्पूर्ण पठन पाठनका काम थप किया गया है ।

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