लाहान मे मेडिकल माफिया का बोलबाला, अधिकतम दवाखाना वेगैर लाईसेन्स

मनोज बनैता, लाहान, २३ जुलाई । मानव स्वास्थ से सम्बन्धित अति समवेदनशील व्यवसाय दवाखाना यानी औषधी पसल अमर्यादित और गैरकानुनी रुपसे चलना अपने आपमे बहुत शर्मनाक है । लेकिन कुछलोग ईसे पैसे कमाने का बहुत अच्छा जरिया बनाया हुवा है । अगर लाहान कि बात किई जाए तो लगता है यहाँ निजी अस्पताले और दवाखाना सिर्फ पैसे ऐठने के लिए खोले गए है ।

कई सालो से विभिन्न मिडिया मे लाहान स्थित स्वास्थ संस्थाओ कि लापरबाही के समाचार आरहा है लेकिन हालात मे कुछ बदलाब होते नहि दिखरहा है । लाहानके अधिकतम पोलिक्लिनिक गैरकानुनी तरिके से गरिबोको लुटरहा है । कई पोलिक्लिनिक तो सरकार कि मापदण्ड को लतमर्दन करते हुवे गोप्य रुपमे कई ऐसे काम भी करती है जिससे कितनो को अपना जान गवाना पडता है ।
अगर दवाखाना का जो बात करे तो यहाँ करिब ५०% से ज्यादा दवाखाना गैरकानुनी रुपसे चलरही है । औषधी व्यवस्था विभाग के जाँच के दिन धराधर दवाखानो के सटर गिरने लगते है । उसदिन मानो कोई आफत आगई हो । फिर दुसरे दिनसे वहि लुट्का धन्धा चालू होता है । औषधी व्यवस्था बिभाग को माने तो यह प्रावधान है कि सिर्फ लाईसेन्स वाले फार्मेसी पढे लोग हि दवा बेच सकते है पर यहाँका तो बात हि कुछ और है यहाँ तो ईतिहास के बिद्यार्थी भी दवा बेचरहा है । मेडिकल माफिया लोग चन्द सिक्को के लिए गरिब जनताके जान का सौदा कररहा है और सम्बन्धित निकाय मौन है ।

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