वरिष्ठ न्यायाधीश रामकुमार प्रसाद साह बनेगें प्रधान्यायाधीश

ramkumar sahसंसदीय सुनुवाई विषेश समिति ने सर्वोच्च अदालत के वरिष्ठ न्यायाधीश रामकुमार प्रसाद साह को प्रधान्यायाधीश के लिये अनुमोदन कर दिया है।

समिति मे अधिकाँस सभासद साह के पक्ष मे बोले थे । लेकिन एक स्वतन्त्र सभासद अतहर कमाल ने विरोध जताया था।
प्रधानन्यायाधीश दामोदर प्रसाद शर्मा को सेवानिवृत होने के बाद २४ गते को  वरिष्ठ न्यायाधीश रामकुमार प्रसाद साह को राष्ट्रपति नियुक्ति करेगें।
समिति व्दारा अनुमोदन होने से पुर्व  प्रधानन्यायाधीश रामकुमार प्रसाद साह ने संसदीय सुनुावाई के तहत अपना सफाइ पेश किया था ।
उन्होने कहा था कि उनके व्दारा दिया गया फैसला बिलकुल कानुन सम्मत था तथा सुन्धारा स्थित जमीन के फिरादपत्र मे मस्जीद का ही जमीन होने का कंही उल्लेख नही था।
‘इस फैसला मे कोइ भी फीराद मे मस्जिद के बारे मे उल्लेख नही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा कोइ दिखादे तो मै आज ही इस्तिफा दे दुंगा ।
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