वर्षा के देवता मच्छिन्द्रनाथ जात्रा समाप्त, राष्ट्रपति भण्डारी द्वारा अवलोकन

काठमाण्डू, साउन १५
वर्षा एवम् सहकाल के देवता के रुप मे माने जाने वाले रातो अर्थात लाल मच्छिन्द्रनाथ रथ जात्रा के अन्तिम दिन भोटो जात्रा कल्ह शुक्रवार को  मनाया गया है । इ वर्ष राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी उक्त जात्रा की प्रमुख अतिथि रहीं ।

machhindranath
वर्षो से मनाते आ रहें उक्त जात्रा काठमाण्डू उपत्यका के सब से महत्वपूर्ण जात्रा मानी जाती है । जात्रा के अन्तिम दिन ललितपुर के जाउलाखेल में भोटो दिखाते हुए उक्त भोटो किसका है कहते हुए रथ के बुर्जा से पुजारी द्वारा उक्त भोटो को चारों तरफ तीन बार दिखाने का प्रचलन रहा है ।
लिच्छवीकालीन राजा नरेन्द्र देव के समय से ही तात्कालीन राजा को भोटे दिखाने का तथा राजा अतिथि होने का चलन था । यद्यपि गणतन्त्र के स्थापना पश्चात से राष्ट्रपति प्रमुख अतिथि बनते आ रहें है । इसी सन्दर्भ में आज राष्ट्रपति भण्डारी ने जात्रा अवलोकन कीं ।
परम्परा के अनुसार जात्रा के समाप्ति के बाद मच्छिन्द्रनाथ को बाजागाज के साथ जाउलाखेल से बुङमती के मन्दिर में ६ः महिने के विराजमान करवाने के लिए ले जाया जाता है ।

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