वामदेव गौतम नैतिकता के आधार पर तुरुन्त राजिनामा दे

sonal-2मनिश कुमार,वीरगन्ज,१२ अक्टूबर । बारा जिला पुरे देश मे सबसे ज्यादा कर तिरने वाले जिला मे से एक है । देश के नेतागण बारी बारी से अपना उपचार कराने के लिये कभी अमेरिका तो कभी बैंकक जाते हैं । बालुआटार से धमाधम दशैं खर्च बाटा जा रहा है । इधर जनता जब विकास की माँग करती है तो उसपर लाठी और गोलीयाँ बर्साया जाता है । सुकुम्वासी आयोग के नाम पर एमाले व्दारा देश भर मे अपने कार्यकर्ताओं को सरकारी तलब खिलाया जारहा है ।
राजनीतिक नियुक्तियों मे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को दसैं आया हुआ है । जनता ने देश ही लुट्ने का म्यान्डेट दे दिया है यह अपना अधिकार समझते हुये कांग्रेस और एमाले के नेता निर्वाध रुप मे राष्ट्र की खजाना से ब्रह्मलुट मचा रहा है । बारा जिल्ला मे ‘सडक मरम्मत कर दीजिये हुजुर’ कहते हुये आन्दोलन के क्रम मे शनिबार हरिहरपुर-७ के युवा जयनारायण पटेल को लोकतान्त्रिक सरकार ने सीधा छाती मे गोली मारकर हत्या करदिया है । अनेको घायल हो गये है। शाही सरकार की तरह ही माथा पर लाठी  बर्साकर कइ को घायल बना दिया गया है । शान्तिपूर्ण रुप मे आवाज उठाने पर ‘लोकतान्त्रिक सरकार’के गृहमन्त्री वामदेव गौतम के नेतृत्व मे रहे प्रहरी प्रशासन ने सडक मरम्मत माँग करनेवाले स्थानीय वासीन्दा पर जबरदस्ती बल प्रयोग करने के कारण तनाव उत्पन हुआ था ।
स्थानीयलोगों के अनुसार सिम्रौनगढ-कलैया सडक मर्मत कराने के लिये स्थानीय जनता कुछ दिनो से आन्दोलन कर रहे थे । इसीक्रम मे स्थानीयवासी की आवाज किसी के भी व्दारा नही सुनने पर शुक्रबार को वहाँ यातायात बन्द का आयोजना किया गया था ।
जनता के आक्रोश को दबाने केलिये प्रहरी ने सम्वाद और बातचित का रास्ता नही अपनाकर लाठी और गोली की भाषा प्रयोग किया  । बारा की घटना मे सरकारी रबैया बहुतही खेदजनक एवं निन्दनीय है । जनता की समस्या और आवाज पर जरा सा भी ध्यान नही देना, जायज माग राखकर आन्दोलन करनेवालों को  दमन करना । बारा के नेपाली जनता ने सरकार से सडक  मर्मत माग करना क्या नाजायज काम था ? अपने बेटा-बेटी को अमेरिका और युरोप मे रखते हैं । वे लोग हेलिकोप्टर चढकर नदी देखने जाते हैं। विकास की माग करनेवाले जनता को अराजकतावादी देखना यह सिंहदरबार की दृष्टिदोष है । बेटाबेटी अगर अपना माग के लिये कुछ उद्दण्ड व्यवहार ही करता है तो इसका मतलव यह नही की मा-बाप उसका गला ही दबा दें । वामदेव गौतम को नैतिकता के आधार पर तुरुन्त राजिनामा देना चहिये । साथही सरकार व्दारा हत्यारों को बर्खास्त करके उसके उपर  कडा कारवाइ करना चहिये । मृतक को शहिद घोषणा करने के साथ मृतक के परिवार को उचित क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की जानी चहिये ।

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