वार्ता के लिए राजी हुई मोर्चा, संघीय गठबन्धन को भी बुलाने पर होगी वार्ता

वार्ता के लिए राजी हुई मोर्चा, संघीय गठबन्धन को भी बुलाने पर होगी वार्ता
विजेता चौधरी, काठमाण्डू, अषाढ ३Madhesi-morcha-ka-4-neta
महीनाें से जारी आन्दोलन की परिणति कुछ सार्थक दिखने को है । कल दिन भर की गहमा गहमी और समूह विशेष की अगल अलग बैठक के बाद संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चा वार्ता के लिए तैयार हुई है ।
सुबह ९ बजे से देर रात तक चली संघीय गठबन्धन उसके बाद मधेसी मोर्चा के बैठक के बाद मधेसवादी नेताओं ने प्रधानमन्त्री को सात बुँदे जवाव लिखने को राजी हुई है ।
वस्तुतः पत्र मोर्चा आवद्ध सात मधेसवादी दल के तरफ से भेजी गई है । श्रोता के मुताविक सरकार वार्ता के लिए मोर्चा तथा गठबन्धन दोनो समूह को आह्वाहन कर पुनः पत्र भेजेगी तभी दोनो समूह अपनी अपनी हैसियत से वार्ता में जाएगी बताया ।
मोर्चा द्वारा सरकार को भेजी गई सात बुँदों में लिखा गया है–
 मधेस विद्रोह के दौरान सरकार के साथ हुई २२ बुँदे तथा ८ बुँदे समझौता तथा जनजाति, थारु, मस्लिम के साथ हुई समझौता–सहमति का तत्काल कार्यान्वयन किया जाए ।
 फास्ट ट्रयाक में जारी संविधान प्रतिगमनकारी, असमावेशी होने के कारण विभेदकारी प्रावधानों को सही किया जाए ।
 आन्दोलन के दौरान सरकारी सुरक्षा निकाय द्वारा मारा गए सभी को यथाशीघ्र शहीद घोषणा कर शहीद परिवारों को क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए ।
 सरकार द्वारा आन्दोलनरत नेता तथा कार्यकर्ता के उपर जारी धरपकड, दमन, झुठा मुद्दा लगाने, कैद करने का कार्य तुरन्त बन्द कर सम्पूर्ण राजबन्दी को यथाशीघ्र बिना शर्त रिहा करें तथा उन लोगों के उपर लगाया गया मुद्दा तुरन्त खारिज किया जाए ।
 आन्दोलन के क्रम में घायल हुएं सभी के सम्पूर्ण इलाज खर्च राज्य को उठानी पडेÞगी तथा अपांगता झेल रहे को न्यायाचित क्षतिपूर्ति दी जाए ।
 मधेस आन्दोलन में सरकार द्वारा अत्यधी बल प्रयोग कर तराई–मधेस में किया गया हिंसा, हत्या, दमन के साथ ही मधेसी–थारु समुदायों के उपर किया गया नरसंकार के सम्बन्ध में जाँचपडताल कर दोषी के उपर कारबाही करने के लिए स्वतन्त्र, निष्पक्ष उच्चस्तरीय न्यायिक छानविन आयोग का गठन किया जाए ।
 मधेसी मोर्चा सहित सम्मिलित रहे संघीय गठबन्धन द्वारा आन्दोलन जारी होने के कारण गठबन्धन को भी वार्ता के लिए सरकार द्वारा बुलाई जानी चाहिए ।

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