Sat. Sep 22nd, 2018

विजली निर्यात ही व्यापार घाटा न्यूनीकरण के लिए एक मात्र विकल्पः चौधरी

काठमांडू, १ जून । नेपाली कांग्रेस के सांसद विनोद चौधरी ने कहा है कि नेपाल की व्यापार घाटा न्यूनीकरण के लिए विजली निर्यात ही एक मात्र विकल्प है । सरकार द्वार पेश बजट संबंधी विचार–विमर्श में शुक्रबार भाग लेते हुए सांसद चौधरी ने कहा कि कम से कम ५ हजार मेगावाट विद्यतु निर्यात करने की योजनाएं सरकार के पास होना चाहिए, उसके बाद ही व्यापार घाट कम कर सकते हैं ।
संसद में सम्बोधन करते हुए सांसद चौधरी ने कहा– ‘चालू आर्थिक वर्ष में व्यापार घाटा ११ खर्ब पहुँचने की सम्भावना है । हमारी राष्ट्रीय बजट और व्यापार घाटा लगभग समान दिखाई देता है ।’ उनका मानना है कि तथ्यांक के अनुसार नेपाल सतप्रतिशत परनिर्भरता की अवस्था में पहुँच गई है । उन्होंने आगे कहा– ‘इसकी उपचार सामान्य प्रविधि से होनेवाला नहीं है, कुछ बड़ा ही शल्यक्रिया की आवश्यकता है ।’ सांसद चौधरी का मानना है कि अन्य उत्पादन और उद्योगों से भारत और चीन के बीच में रहकर प्रतिस्पर्धा करने की सम्भावना नहीं है । उन्होंने कहा– ‘हमारे लिए विजली निर्यायत ही एक विकल्प है । कम से कम ५ हजार विजली निर्यात कर सकते हैं तो भारत के साथ जो व्यापार घाटा है, वह सन्तुलन में आ सकता है ।’
विकास बजट कार्यान्वयन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शासकीय क्षमता और सुशासन की अवस्था भी खराब है, इसमें सुधार करने के लिए उन्होंने सरकार से आग्रह किया । उन्होंने आगे कहा– ‘विकास के लिए शासकीय क्षमता भी अवरोधक दिखाई देता है । केन्द्र से लेकर प्रदेश और स्थानीय तहों में भी शासकीय क्षमता में सुधार की जरुरत है । नहीं तो लक्षित विकास हासिल करना सम्भव नहीं है ।’ निजी क्षेत्रों की उत्पादन में वृद्धि के लिए भी उन्होंने आग्रह किया ।

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