‘विनोद चौधरी-आत्मकथा’ प्रकाशित

कविता दास । काठमाणडू । उदोगपती विनोद चौधरी का जीवन गाथा ‘विनोद चौधरी-आत्मकथा’ २० माघ मे काठमाडू मे विमोचन किया गया ।उदोगपती विनोद चौधरी ने शनिबार को अपने अत्मकथा को सबजनिक करते समय  खुद भावुक हो गए । विनोद चौधरी ने लेखक सुदीप श्रेष्ठ के साथ सहकार्य मे आत्मबृतान्त लिखा है ।  चार वर्ष से भी ज्यादा समय लगाकर लिखेगये इस चौधरी गाथा मे नेपाल के एक अग्रणी व्यापारिक घराना चौधरी ग्रुप के आरोह–अवरोह की कहानी समेटी गयि है । इस किताब को चौधरी ने चौधरी ग्रुप का ही आत्मकथा कहा है ।
किताब का अनुभव बताते हुये चौधरी ने कहा कि किताब मे काम करते समय मैने विगत को सजीव  रुप मे समझने का मौका पाया है ।

किताब मे चौधरी ने नेपाल के उद्योग व्यवसाय और राजनीतिक घटनाक्रम से जुडा हुआ विभिन्न प्रसंग का वर्णनकिया है। शाही परिवार, पञ्चायत और प्रजातन्त्रकालीन प्रधानमन्त्री तथा नेताओं के साथ के सम्बन्ध भी लिखा गया है । आपने समय के शक्तिशाली राजनीतिक व्यक्तित्व के साथ उठने बैठने से राजनीतिक उतार चढाव के विविध आयाम को समझने मे मद्दत मिला है । अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार विस्तार के संस्मरण के साथ साथ नेपाल के ब्रान्ड को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान देनेवाला महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी चौधरीरखा है।
नेपालय व्दारा प्रकाशित  ‘विनोद चौधरी — आत्मकथा’ का मुल्य ३ सय ९५ रुपैयाँ है ।

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