विवादित फिल्म ने पाकिस्तान में मचाई हिंसा

webduniya:पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इस्लाम विरोधी अमेरिकी फिल्म का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने राजनयिक प्रतिष्ठानों वाले इलाके की ओर जाने का प्रयास किया, जिसके चलते उनकी पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई। यहां कई पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हुए।

पाक की यात्रा न करें अमेरिकी नागरिक : अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी यात्रा चेतावनी में कहा गया है कि बड़े पैमाने पर अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों को देखते हुए वहां की यात्रा करना सुरक्षित नहीं है। परामर्श में अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि अगर अनिवार्य नहीं हो तो वे अपनी पाकिस्तान यात्रा को टाल दें
इस्लामी जमीयत-ए-तलबा सहित कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस्लामाबाद के रेड जोन इलाके में एकत्र होना शुरू कर दिया था। इसी इलाके में अमेरिकी दूतावास, भारतीय उच्चायोग और कई अन्य देशों के दूतावास-उच्चायोग हैं।

विवादित फिल्म ने पाकिस्तान में मचाई हिंसा

विवादित फिल्म ने पाकिस्तान में मचाई हिंसा

दिन में करीब दो बजे तक इलाके में भारी भीड़ एकत्र हो गई थी। ये लोग इस्लाम विरोधी फिल्म ‘इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स’ को लेकर अपना विरोध जता रहे थे। इनके अलावा अहले सुन्नत वल जमात और जमात-उ-दावा जैसे कट्टरपंथी संगठनों के हजारों कार्यकर्ता रावलपिंडी में एक रैली के रूप में इस्लामाबाद पहुंचे।

डिप्लोमैटिक एनक्लेव के गेट से महज आधे किलोमीटर से भी कम दूरी पर भारतीय उच्चायोग स्थित है। सूत्रों का कहना है कि राजनयिक इलाके में सभी भारतीय सुरक्षित हैं और वे उच्चायोग के भीतर हैं।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में कम से कम 36 पुलिसकर्मी और करीब 15 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इस्लामाबाद में करीब तीन घंटे तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प होती रही। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया तो पुलिस ने अश्रुगैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां चलाईं।

पुलिस ने लाठियां भी भांजीं। झड़प में कम से कम नौ पुलिसकर्मी और छह छात्र घायल हुए हैं। स्थिति को संभालने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद गृह मंत्रालय ने सेना को बुलाया, जिसके बाद स्थिति काबू में आ सकी। प्रदर्शनकारियों ने कम से कम दो पुलिस चौकियों को आग के हवाले कर दिया।

डिप्लोमैटिक एनक्लेव के निकट स्थित सेरेना होटल के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए थे। प्रशासन ने इन्हें रोकने के लिए कई प्रमुख सड़कों को बंद कर रखा था, लेकिन कई प्रदर्शनकारी बैरियर लांघकर घुस गए। स्थानीय चैनलों पर कई घायल पुलिसकर्मियों की तस्वीरें प्रसारित की गईं। घायल पुलिसकर्मियों को उनके साथियों द्वारा अस्पताल ले जाते दिखाया गया।

पुलिस की ओर से अश्रुगैस के गोले छोड़े जाने और रबर की गोलियां चलाए जाने के कुछ देर बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रेड जोन इलाके की ओर बढ़ते दिखाई दिए। ये लोग कार और मोटरसाइकलों पर सवार थे। कई लोगों के हाथ में लाठी-डंडे थे।

पाकिस्तानी सरकार ने इस फिल्म की निंदा करते हुए शुक्रवार को ‘पैगम्बर प्रेम दिवस’ मनाने और राष्ट्रीय अवकाश का ऐलान किया है। पाकिस्तान के कराची और कई अन्य शहरों में अब तक प्रदर्शनों में दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।

ऐसा लगता है कि इस्लामाबाद पुलिस इस बात से अनजान थी कि इतनी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित होंगे और यही वजह है कि डिप्लोमैटिक एनक्लेव के आसपास स्थिति के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।

इस्लाम विरोधी अमेरिकी फिल्म को लेकर प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ नारे लगाए। उनकी मांग थी कि उन्हें अमेरिकी दूतावास की ओर जाने दिया जाए।

कई प्रदर्शनकारी यह कहते नजर आए कि वे अमेरिकी दूतावास को आग के हवाले किए बिना चैन से नहीं बैठेंगे। राजनयिक इलाके के आसपास निगरानी के लिए प्रशासन ने हेलीकॉप्टरों का सहारा लिया।

सूचना मंत्री कमर जमां कायरा कई चैनलों पर लोगों से अमन की अपील करते नजर आए। उन्होंने कहा कि लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब प्रांत की पीएमएल-एन की सरकार ने रावलपिंडी से प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद जाने दिया।

कायरा ने कहा, यह अराजकता पैदा करने की साजिश है। सरकार अपनी ओर से कल इस फिल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर रही है और ऐसे में इस हिंसक प्रदर्शन की कोई जरूरत नहीं थी।

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