विवाहपञ्चमी पर मिथिला के रीति-रिवाज अनुसार तिकोत्सव

1कैलास दास,जनकपुर, अगहन २० । सप्ताहव्यापी रामजानकी विवाहपञ्चमी अन्तर्गत विहिवार मिथिलाञ्चल के रीति रिवाज अनुसार  तिलकोत्सव सम्पन्न हुआ है । जानकी मन्दिर के महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव ने मिथिला दरबार के भुमिका निर्वाह किया था तो अयोध्या दरवार के नेतृत्व राममन्दिर का महन्थ रामगिरी ने किया था ।3

मंगलधुन सहित जानकी मन्दिर से तिलकोत्सव के लिए उपहार लेकर जानकी मन्दिर के महन्थ सहित साधु सन्त राम मन्दिर पहुँचकर मन्दिर के प्रदक्षिणा कर तिलकोत्सव समारोह में सहभागी हुये थे । तिलकोत्सव में राजा जनक की भुमिका में जानकी मन्दिर का महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव ने भगवान राम को तिलक किया था ।

4राममन्दिर का महन्थ रामगिरि ने जानकी मन्दिर का महन्थ सहित साधु सन्तों को अयोध्या का राजा दशरथ के रुप में राम मन्दिर का महन्थ राम गिरी ने स्वागत किया था । धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का विवाहपञ्चमी महोत्सव अन्तर्गत का तिलकोत्सव पर्व देखने के लिए हजारों के संख्या में भक्तजन राममन्दिर परिसर मे उपस्थित थे ।

समारोह में भारत अयोध्या से आये बडे भक्त माल आश्रम का महन्थ कौशल किशोर दास को वशिष्ठ के रुप में आसन ग्रहण कराया गया था । दोनो महन्थ ने एक दुसरे को दोसल्ला ओढाकर अंकमाल किया था ।5

इस पर्वको व्यवस्थित बनाने के लिए श्रीराम युवा कमिटी और महावीर युवा कमिटी ने अहम भुमिका निर्वाह किया है । विवाहपञ्चमी महोत्सव में एक सौ के संख्या मे भार जानकी मन्दिर से तिलकोत्सव समारोह के लिए राम मन्दिर मे लाया गया था ।

कार्यक्रम मे मिथिलानी महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के विवाह सम्बन्धी गीत गायी थी । साथ ही अबीर और पुष्पवृष्टि भी की थी ।0

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