Fri. Sep 21st, 2018

विषादी प्रयोग संबंधी विचार गोष्ठी

पवन जायसवाल, नेपागञ्ज/(बाँके)
तरकारी और फलफूल में होनेवाली बिषादी प्रयोग और उसके न्यूनीकरण के लिए नेपालगंज में अभिमुखीकरण विचार गोष्ठी सम्पन्न हुआ है । नेपालगञ्ज, गणेशमान चौक स्थित साथी कृष्ण कटेज में सम्पन्न विचार गोष्ठी में बाली संरक्षण निर्देशनालय, बिषादी अवशेष द्रुत बिश्लेषण प्रयोगशाला ईकाई नेपालगञ्ज और व्यवसायिक कृषि तथा व्यापार आयोजना सुर्खेत की आयोजन हुई है ।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि तथा प्रमुख जिला अधिकारी रमेश कुमार केसी ने कहा कि जनसंख्या बढ्ती जा रही है, कृषिजन्य उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी करना पड़ रही है जिसके चलते तरकारी और फलफूलजन्य खाद्य पदार्थ में बिषादी का प्रयोग अधिक हो रहा है । प्रमुख जिला अधिकारी केसी का मानना है कि विषादी का प्रयोग आज विश्वव्यपी चुनौती का विषय बन रहा है । लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि इसको नहीं रहेंगे को भावी पुस्ता में भयानक खतरा उत्पन्न भी हो सकता है ।


इसीतरह कार्यक्रम में बाली संरक्षण निर्देशनालय के वरिष्ठ बाली संरक्षण अधिकृत रामकृष्ण सुबेदी ने कहा कि कृषकों को कौन–सी बिषदी सुरक्षित है और कौन नहीं है, इसकी जानकारी होना जरुरी है । उसके बाद उत्पादित खाद्य पदार्थ में बिषादी का मात्रा कम हो सकती है । जिला कृर्षि बिकास कार्यालय बाँके के वरिष्ठ कृर्षि बिकास अधिकृत तथा प्रमुख कृष्ण बहादुर बस्नेत का कहना है कि किसान आईपिएम मार्फत बिषादी की प्रयोग करते हैं, जिस की वजेह से तरकारी शुद्ध और खाने के लिए योग्य रही है ।
प्रधानमन्त्री कृर्षि आधुनिकीकरण परियोजना मकई जोन के प्रमुख देवेश कुमार मिश्र, उपभोक्त हित संरक्षण मंच बाँके के अध्यक्ष प्रभातसिंह ठाकुरी, क्षेत्रीय खाद्य प्रबिधि तथा गुण नियन्त्रण कार्यालय के प्रमुख जोत्सना श्रेष्ठ, रानी तलाउ सब्जी मण्डी के व्यापारी मेराज कबडिया, कृषक बागेश्वरी बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था लि. की कमला न्यौपाने, मकई जोन कार्यान्यवन ईकाई परियोजना समिति के अध्यक्ष जयपाल मौर्या, पत्रकार यदुराज मिश्र और शकील अहमद कादरी लगायत लोगों ने कार्यक्रम में अपनी–अपनी बिचार व्यक्त किया
कार्यक्रम में कोहलपुर, खजुरा, हिरमिनिया, जयसपर आदि क्षेत्रों से कृषक लोग भी सहभागी थे । प्रधानमन्त्री कृर्षि आधुनिकीकरण मकई जोन परियोजना कार्यान्वयन ईकाई के बाली संरक्षण कृषि अधिकृत शकील अहमद के अनुसार कार्यक्रम के दौरान कृषक तथा व्यापारियों ने अपनी–अपनी जिज्ञासा भी प्रस्तुत किया, सहभागियों की जिज्ञासा को जवाफ वरिष्ठ बाली संरक्षण अधिकृत रामकृष्ण सुबेदी ने दिया ।

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