वीरगंजवासी की नजर में वाणिज्य दूतावास

अंजू रंजन, महावाणिज्य दूत
भारतीय महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज

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अंजू रंजन, महावाणिज्य दूत
भारतीय महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज

पिछले दस वर्षों में भारतीय महावाण्ज्िय दूतावास, वीरगंज ने तर्राई के लोगों के लिए सराहनीय काम किया है । दरअसल तर्राई के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही

महावाणिज्य दूतावास की स्थापना की गई थी । पहले छोटी-छोटी जरूरतों, जैसे मोटर परमिट, प्रमाण-पत्र सत्यापन तथा अन्य कौंसुलर सेवाओं के लिए तर्राई के लोगों को भारतीय राजदूतावास, काठमाण्डू जाना पडÞता था । इन सारी सुविधाओं को महावाणिज्य दूतावास पिछले दस वर्षों से वीरगंज में ही उपलब्ध करवा रहा है, जिससे तर्राईवासियों की परेशानियाँ कम हर्ुइ हैं । दूसरा महत्वपर्ूण्ा कार्य है भारत सरकार द्वारा प्रायोजित परियोजनाओं का अवलोकन, मूल्यांकन तथा समीक्षा करना एवं उन्हें पर्ूण्ा कराना । आज तर्राई के आठ जिले जो दूतावास के अधीन हैं उनमें लगभग पैंतीस लघु परियोजनाओं तथा चार बडÞी परियोजनाओं को अंजाम दिया जा रहा है । इसके अलावा सीमा सुरक्षाबल से समन्वय, व्यापार, कस्टम सम्बन्धी समस्याओं का निराकरण तथा भारत-नेपाल सीमा को कैसे लोकानुकूल बनाया जाए, इस दिशा में भी महावाण्ज्िय दूतावास सतत प्रयासरत है ।

 

Ajay chourasiya

अजय चौरसिया,
पर्ूव सभासद
नेपाली काँग्रेस

भारत महान लोकतांत्रिक राष्ट्र है और नेपाल का सच्चा मित्र तथा पडÞोसी है । नेपाल का भारत के साथ जिस तरह का ऐ्तिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सम्बन्ध हैं, वैसा किसी अन्य देश के साथ नहीं । इसलिए आम नेपालियों के मन में भारत और भारतवासियों के प्रति उच्च सम्मान और सदभाव है । नेपाल की आर्थिक राजधानी वीरगंज में भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना के दस वर्षपूरे हुए । हम कह सकते हैं कि महावाणिज्य दूतावास की स्थापना से हमारे सम्बन्धों को अधिक बल मिला है । कला, संस्कृति, शिक्षा, पर्ूवाधार विकास, स्वास्थ्य, कृषि, संचार आदि क्षेत्रों में अनेक सहयोग प्राप्त हुए हैं । वर्तमान महावाणिज्यदूत श्रीमती अंजू रंजन के कुशल राजनयिक नेतृत्व में यह दूतावास सम्बन्धों को नयी दिशा और नया आयाम दे यह हमारी शुभकामना है । नेपाल-भारत के बीच जनस्तर का सम्बन्ध है । हमने एक-दूसरे की विविध संस्कृतियों को स्वीकारी भी है । आज दोनों देशों के लिए आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूपान्तरण की नई तथा दृढÞ इच्छाशक्ति अपने भीतर उत्पन्न करने की ऐतिहासिक आवश्यकता की घडÞी है । साझा प्रयत्न, सहयोग और समन्वय की जरूरत है । इस आलोक में वीरगंज स्ूिथत महावाणिज्य दूतावास मित्रता का सोपान बनने में निरन्तर कारगर रहेगा, ऐसा जनमत है । महावाणिज्य दूतावास के एक दशक पूरा होने पर सभी सम्बद्ध पक्षों को हमारी शुभकामनाएँ ।
समय-समय पर राजनैतिक स्तर में आनेवाले तरंगों के बावजूद नेपाल और भारत के बीच जनस्तर में सदैव

Rameshwar Sedae

रामेश्वर सेढाइ
पर्ूव अध्यक्ष,
बार एसोसिएसन, वीरगंज

अतुलनीय और अद्वितीय सम्बन्ध रहा है । वीरगंज में भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना के बाद भारत नेपाल सम्बन्ध में एक नया आयाम स्थापित हुआ है और संभावनाओं के अनेक द्वार खुले हैं । इस कार्यालय के माध्यम से खास कर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए निवेश तथा द्विपक्षीय व्यापार सहजीकरण और पर््रवर्द्धन में हुए रचनात्मक सहयोग से पारस्परिक सम्बन्ध और सुमधुर, जीवन्त तथा प्रगाढÞ हो रहा है । जनस्तर पर होने वाले औपचारिक-अनौपचारिक बातचीत, संवाद और मुलाकातों से एक दूसरे को नजदीक से देखने, समझने और समस्याओं की पहचान कर  उनका समाधान करने में सहयोग पहुँचा है । नितान्त व्यक्तिगत और क्षणिक लाभ के लिए कृत्रिम निकटता प्रदर्शित करने की प्रवृत्ति के प्रति सजग रहते हुए दोनों देशों के बीच बहुआयामिक सम्बन्ध को दर्ीघकालीन और विश्वसनीय बनाने के लिए इस कार्यालय के रचनात्मक और परिणाममुखी प्रयास सराहनीय हैं ।

 

Om Prakash Sikariya

ओमप्रकाश सिकारिया
पर्ूव अध्यक्ष,
वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ

नेपाल और भारत का जो सम्बन्ध है उसके अनेक आयाम और रंग हैं । इनमें आर्थिक आयाम अत्यन्त महत्वपर्ूण्ा हैं । नेपाल का सबसे बडÞा आयात-निर्यात साझेदार भारत है । नेपाल र्सवाधिक आयात भारत से करता है और र्सवाधिक निर्यात भी भारत को ही करता है । इस द्विपक्षीय व्यापार में अनेक कानूनी और व्यावहारिक कठिनाइयाँ आती रहती हैं । वीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास एक ऐसा कार्यालय है, जहाँ हम भारतीय अधिकारियों द्वारा खडÞी की गई अडÞचनों के समाधान के लिए जाते हैं, ये लोग हमारी समस्याओं को सुनते और समाधान का पूरा प्रयास करते हैं । वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के पर्ूव अध्यक्ष के रूप में मुझे स्मरण है कि महावाणिज्य दूतावास ने नेपाल के व्यापारियों की दर्जनों समस्याओं का समाधान किया है । इस द्विदेशीय व्यापार में अनेक ऐसी समस्याएँ हैं जिससे लागत बहुत बढÞ जाती है । इस सम्बन्ध में दूतावास के वाणिज्य विभाग को संवेदनशील बनना चाहिए ।

 
भारतीय महावाणिज्य दूतावास के एक दशक पूरा करने पर मेरी बधाई और शुभकामना । इसके एक दशक के काम-काज पर कुछ कहने से पर्ूव भारत नेपाल के

Surendra Chaudhary

सुरेन्द्र चौधरी
सभासद, नेपाली काँग्रेस

सम्बन्धों के मर्म को समझना आवश्यक है । यह सम्बन्ध मात्र राजनैतिक और आर्थिक नहीं । सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्तर पर भी दोनों देशों के गहरे सम्बन्ध हैं । यह भी सच है कि इस सम्बन्ध को सिर्फराजनीति

निर्देशित नहीं करती । सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आयाम भी इसे निर्देशित करते हैं । यह सच है कि राजनैतिक दृष्टिकोण से इन सम्बन्धों में उतार-चढÞाव आते रहते हैं परन्तु सांस्कृतिक-धार्मिक स्तर पर इस पर कोई प्रभाव नहीं पडÞा है । आज की विदेशी कूटनीति सिर्फराजनीति में विश्वास नहीं करती । वह जनस्तर पर भी सम्बन्ध विस्तार की दिशा में क्रियाशील रहती है । इसके विभिन्न आयामों में शिक्षा, अनुसंधान, खेलकूद, साहित्य आदि भी आते हैं । इन स्तरों पर दोनों देशों के मध्य सम्बन्ध स्थापित करने में वाणिज्य महादूतावास की महत्वपर्ूण्ा भूमिका रही है । भारतीय दूतावास की इस शाखा के खुलने से इस क्षेत्र के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध हो जाती है । इसके अतिरिक्त साहित्य-संगीत के क्षेत्र में भी विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा भारत-नेपाल-मैत्री सम्बन्ध को सुदृढÞ करने का प्रयास किया गया है । वे धन्यवाद के पात्र हैं । मैं उन्हें शुभकामना देता हूँ ।

 

Pradip kediya

प्रदीप केडिया
अध्यक्ष
वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ

भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना के दस वर्षपूरे हुए हैं । इस अवधि में इस क्षेत्र में उद्योग-व्यापार में वृद्धि हर्ुइ है और इस दृष्टि से इसकी उपयोगिता भी इस क्षेत्र में बढÞी है । शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सडÞक आदि अनेक क्षेत्रों के विकास में इस कार्यालय की सक्रियता देखी जा सकती है । विगत दस वर्षों में प्राकृतिक आपदा विशेषतः बाढÞ के कारण जब पूरब से हमारा सर्म्पर्क टूटा तो भारतीय मार्ग उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निर्वहन कर इस कार्यालय ने यहाँ के उद्योगी और व्यापारियों को सहयोग किया । नेपाल निबंधित क्षेत्र में कार्यरत लोगों को पहचानपत्र जारी कर उन्हें भी यहाँ उचित सुविधा प्रदान कराने में इसने सक्रिय भूमिका निभायी है । सबसे महत्वपर्ूण्ा तो यह है कि भारत के साथ व्यापार सहजीकरण में यह कार्यालय महत्वपर्ूण्ा भूमिका निभा रहा है और इससे रास्ते निश्चित ही आसान हुए हैं । वे हमारे लिए बधाई के पात्र हैं ।

आत्माराम साह
पर्ूव सभासद्
मधेशी जनाधिकार फोरम
भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना के दस वर्षपूरे हो चुके हैं । इस अवधि में भारत नेपाल के बीच जनस्तर में बढÞे सर्म्पर्क के लिए मैं बधाई देता हूँ । वीरगंज औद्योगिक नगर है और निश्चय ही महावाणिज्य दूतावास की स्थापना से उद्योग-व्यवसाय के क्षेत्र में लोगों को लाभ हुआ है । लेकिन पूरे नेपाल के सर्ंदर्भ में जाने से पर्ूव भारत नेपाल के बीच विद्यमान प्यार और घृणा, शंका और संभावनाओं का आकलन करना आवश्यक होगा । इसी के कारण इस क्षेत्र में नेपाल की जनता भारत में हर्ुइ प्रगति का लाभ नहीं उठा पायी है । सन् १८१र्४र् इ. के नेपाल और ब्रिटिश इंडिया के बीच हुए युद्ध और समझौते के कारण सन् १८५र्८र् इ. में नेपाली शासक का अंग्रेजों का प्रत्यक्ष साथ देना, सन् १९१९ के जलियाँवालाबाग काण्ड में गोरखा राइफल्स के जवानों का इस्तेमाल तथा भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में नेपालवासियों की प्रत्यक्ष सहभागिता सरकारी स्तर पर घृणा और जनता के स्तर पर प्यार का नमूना है । वाणिज्य महादूतावास की स्थापना ने अपने कार्यकाल में जनता के स्तर पर प्यार की कडÞी को मजबूत किया है परन्तु सरकारी स्तर पर घृणा में कमी नहीं आई है । इस कारण सिर्फउद्योग और वाणिज्य के क्षेत्र में ही नहीं, अन्य क्षेत्रों में भी जैसा लाभ लिया जा सकता था, नहीं लिया जा सका । हमारी अपेक्षा है कि दोनों देशों के बीच यह दूतावास प्यार की कडÞी को और बढाए । हमारी शुभकामनाएँ हैं ।
जिस उद्देश्य से वीरगंज में भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना हर्ुइ, वह अपने एक दशक के कार्यकाल में लक्ष्य की दिशा में निरन्तर अग्रसर है । वीरगंज

Rajendra Bhadur Aamaty

राजेन्द्रबहादुर अमात्य
सभासद, नेपाली काँग्रेस

औद्योगिक-व्यापारिक शहर है और दूतावास की इस शाखा की स्थापना के बाद इस क्षेत्र में कार्यरत लोगों को सहजता हर्ुइ है क्योंकि, आनेवाली समस्याओं के त्वरित निष्पादन में यह पहल करती है । इस क्षेत्र में विकास योजनाओं को भी इसके माध्यम से अंजाम मिला है जो एक सकारात्मक कदम है । शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी इन्होंने अपना योगदान दिया है । विद्यालय बने हैं, दूर-दराज के क्षेत्रों के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर ऐम्बुलेंस बाँटे गए हैं । महत्वपर्ूण्ा बात यह है कि जिन समस्याओं को लेकर कभी काठमांडू जाने की आवश्यकता होती थी, उनमें से अधिकांश का समाधान यहीं हो जाता है । भारत एक तीव्र विकास दर प्राप्त करने वाला देश है और इसका विशाल बाजार भी है । इसलिए इस देश के उत्पादों का भारत में अधिकतम मार्केटिंग की दिशा में इसे सक्रिय होना चाहिए । इसके साथ ही इस शहर में एक आँडिटोरियम की नितान्त आवश्यकता महसूस की जा रही है । हमारी अपेक्षा है कि इस दिशा में इनका पहल हो । कुछ अवसरों पर भारतीय दूतावास की यह शाखा विवादों में आईं है, लेकिन अपुष्ट खबरों के आधार पर इसके सम्बन्ध में नकारात्मक दृष्टिकोण नहीं बनाया जाना चाहिए । हुलाकी राजमार्ग जो समस्त मधेश को जोडÞता है, इसके निर्माण की दिशा में इन्होंने बहुत कुछ किया है, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है, इसलिए इस क्षेत्र में आए अवरोधों को हटाकर शीघ्र इसे अन्तिम रूप देने की दिशा में पहल की जानी चाहिए ।

 

Subodh Gupta

सुबोध गुप्ता
सचिव
वीरगंज उद्योग वाणिज्य महासंघ

वीरगंज नेपाल की आर्थिक नगरी है और नेपाल का प्रमुख प्रवेशद्वार भी । भारत नेपाल का सबसे बडÞा व्यापारिक साझेदार है । नेपाल के अधिकतम उत्पाद कैसे भारतीय बाजार तक पहुँचे, इसी तरह भारतीय और भारत से होकर आने वाले सामान किस तरह सहजता से नेपाल के गंतव्य तक पहुँचे, यह एक महत्वपर्ूण्ा पक्ष है । भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना व्यापारिक रोजमर्रर्ााी इन्हीं समस्याओं के न्यूनीकरण के उद्देश्य से हुआ है । इस दिशा में कस्टम से जुडÞी समस्याओं का शीघ्र समाधान की दिशा में यह काम करता हैं । विगत में आई बाढÞ के कारण जब नेपाल की सडÞकें क्षत्रि्रस्त हो गई थी तो महावाणिज्य दूतावास की पहल पर पर्ूर्वी क्षेत्र में उत्पादों की आपर्ूर्ति के लिए भारतीय सडÞक उपलब्ध करायी गई थी । आज नेपाल के व्यापारियों की सबसे बडÞी समस्या है कि तीसरे देशों से सामान के आयात के लिए मात्र कोलकता बन्दरगाह का विकल्प है, जो अतिव्यस्त और अव्यवस्थित बन्दरगाह माना जाता है । सामान्यतया चौदह दिनों के भीतर कण्टेनर वापस करना होता है । लेकिन शीघ्रता करने पर भी लगभग २० दिन लग ही जाते हैं । इस कारण नेपाल के व्यापारियों की एक अच्छी राशि जर्ुमाने में खर्च हो जाती है । इस दिशा में अच्छी पहल की आवश्यकता है । इण्टीग्रेटेड चेक पोस्ट का काम योजनानुसार सन् २०१३ तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन यह अभी तक नहीं हो पाया । आज जो पर्ूवाधार है वह २५-३० वर्षपहले का है जिसके कारण दबाब बहुत अधिक है और जाम की विकट समस्या है । इसलिए इस दिशा में प्रयत्न होना चाहिए साथ ही हुलाकी राजमार्ग के शेष काम को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए । रक्सौल से मोतिहारी तक सडÞक की अवस्था अत्यन्त दयनीय है जो आवागमन के साथ-साथ व्यापारिक हितों के भी अनुकूल नहीं है । इस दिशा में भी काम होना चाहिए । साथ ही रक्सौल से दिल्ली रेलपथ से १२ घंटे में पहुँचने की व्यवस्था की जानी चाहिए । रक्सौल से विमानों का व्यावसायिक उडÞान भी होना चाहिए । लेकिन सबसे महत्वपर्ूण्ा है नेपाल के व्यवसायियों और भारत के विशेषतः दिल्ली, कलकोता और मुर्म्बई के व्यवसायियों का प्रत्येक तीन महीने में नियमित बैठक होनी चाहिए । इसका संयोजन महावाण्ज्िय दूतावास को करना चाहिए । विद्यालय के लिए भवन, वाहन, ऐंबुलेंस आदि यहाँ सहयोग स्वरूप दिए जाते हैं, लेकिन हमारी अपेक्षा है कि पालिटेकनिक और इंजीनियरिंग काँलेज हमें मिले जिससे हम अपनी जनशक्ति का उत्पादन कर सके और माँगने की आदत छूटे ।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना के दस वर्षपूरा होने पर मैं ठाकुर राम बहुमुखी क्याम्पस परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामना व्यक्त करता हूँ । इस दूतावास के

Lalan Dibedi

ललन द्विवेदी
क्याम्पस प्रमुख
ठाकुरराम बहुमुखी क्याम्पस,
वीरगंज

वीरगंज में खुलने से पहले भारत सरकार की ओर से नेपाल में प्रदान किए जाने वाले सहयोग के बारे में आम लोगों को जानकारी भी नहीं होती और जिन्हें जानकारी भी होती वे काठमाण्डू तक नहीं पहुँच पाते । लेकिन वीरगंज में वाणिज्य महादूतावास की स्थापना के बाद मधेश क्षेत्र की जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य, भौतिक संरचना आदि क्षेत्रों में सहयोग प्राप्त हो रहा है और जनापेक्षाएँ दिनानुदिन बढÞती जा रही हैं । हम आशा करते हैं कि इस क्षेत्र की जनता में जो अपेक्षाएँ बढÞी हैं और भारत की सरकार के प्रति आम जनता में जो सकारात्मक सोच की वृद्धि हर्ुइ है उसे यह दूतावास संवेदनशील होकर पूरा करे । अपनी स्थापना के कुछ वषोर्ं में ही विद्यालय भवन, स्कूलबस, ऐंबुलेंस आदि जन सरोकार के क्षेत्र में इसने अपना सहयोग दिया । लेकिन इधर कुछ वषोर्ं में भौतिक संरचना के क्षेत्र में सहयोग की गति सुस्त महसूस की जा रही है । विभिन्न स्थानों से विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं लेकिन प्रक्रिया आगे न बढÞ सकने के कारण सम्बद्ध पक्षों में निराशा की स्थिति है । आशा की जा रही है कि पूरे मधेश की ‘लाइफ-लाईन’ मानी जानेवाली हुलाकी सडÞक, अस्पताल, विद्यालय भवन तथा ठाकुर राम बहुमुखी क्याम्पस द्वारा प्रस्तावित पी.जी.ब्लाँक की परियोजना को शीघ्र स्वीकृत कर इस क्षेत्र की जनता को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होने का अवसर प्रदान हो ।

 

Dr. bhagwan Prasad

डाँ. भगवान प्रसाद
कैम्पस प्रमुख
हरिखेतान बहुमुखी कैम्पस वीरगंज

भारतीय महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज की स्थापना से शिक्षा के क्षेत्र में तर्राई-मधेश के लोग निश्चित रूप से लाभान्वित हुए हैं । इस क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले अवसरों सुविधाओं, छात्रवृत्तियों के सम्बन्ध में इस क्षेत्र के लोगों की जागरुकता और पहुँच बढÞी है । अधिकाँश सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो जाने के कारण इस क्षेत्र में लोगों की संवेदनशीलता भी बढÞी है । अपनी स्थापना के बाद शिक्षा के क्षेत्र में भौतिक पर्ूवाधार के विकास में भी इस कार्यालय ने अपना योगदान दिया है । निश्चित ही यह तर्राई-मधेश की उपलबिध है । लेकिन यही पर्याप्त नहीं है । इस क्षेत्र में और अधिक काम किए जाने की अपेक्षा है । भारत सरकार द्वारा मेडिकल, इन्जीनियंरिग, बी.एस. सी. एग्रीकल्चर, वेटनरी साइंस, फार्मेसी आदि विषयों के अध्ययन के लिए अवसर बढÞाए हैं, जिसका लाभ निश्चित ही इस क्षेत्र में भी लोगों को मिलेगा । लेकिन चयन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाए जाने की आवश्यकता है । यह सच है कि तर्राई-मधेश के जनमानस में भारत के प्रति सकारात्मक और आत्मीय सोच है, इसलिए कोई भी ऐसे कदम किसी भी पक्ष से नहीं उठाए जाने चाहिए जिससे इस जनसंवेदना पर आघात हो ।
न्ोपाल की आर्थिक नगरी वीरगंज में भ्ाारतीय महावाणिज्य दूतावास कीें स्थापना आज से ठीक दस वर्षपर्ूव हर्ुइ

Ganesh Lath

गणेश लाठ
पर्ूव अध्यक्ष
वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ

थी । निःसन्देह, महावाणिज्य दूतावास की स्थापना के पश्चात भारत-नेपाल के व्यापार में काफी कुछ सहजता की अनुभूति हर्ुइ है । निश्चय ही सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को दूतावास द्वारा प्रदत सेवा व सुविधाओं का व्यापक लाभ प्राप्त हुआ है । साथ ही नेपाल और भारत के मित्रवत् रिश्तांे में भ्रान्तियाँ फैलाने वालों पर अंकुश भी लगा है । नेपाली नम्बर की गाडिÞयों को भारत के किसी भी भाग में ले जाने की अनुमति भी सुविधाजनक हर्ुइ है । नेपाल के विद्यार्थियों को भारतीय शिक्षण-स्ांस्थानों में छात्रवृत्ति उपलब्ध करवाने में दूतावास की अहम् भूमिका रही है । इन्ा सभी बातों के अतिरिक्त वीरगंज क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों के पासपोर्ट, परिचय-पत्र इत्यादि बनाने में इसकी सव्रिmय भूमिका रही है । विभिन्न अनुदान एवं सहयोग के तहत भारत सरकार द्वारा नेपाल के मध्य तर्राई-क्षेत्र में प्रदत परियोजनाओ को उचित समय पर सम्पन्न करवाने में दूतावास की महत्वपर्ूण्ा भूमिका रही है । निःसंदेह भारतीय महावाणिज्य दूतावास साधुवाद का पात्र है । दूतावास की उपस्थिति का लाभ सभी तबके के लोगो को सुलभ हो और यह अपने कर्मपथ पर यूँ ही क्रियाशील और अडिग रहे, यह मेरी शुभकामना है ।

चन्द्रकिशोर
वरिष्ठ-पत्रकार
वीरगंज में भारतीय महावाण्ज्िय दूतावास की स्थापना से इस आर्थिक नगरी को अन्तर्रर्ाा्रीय स्तर पर कूटनैतिक शहर के रूप में नई पहचान मिली है । नेपाल के इस पुराने एवं परम्परागत मित्रराष्ट्र का दूतावास काठमाण्डू में होने के कारण कतिपय सन्दर्भों में ‘दिल्ली दूर’ होने की स्थिति थी । लेकिन वीरगंज में दूतावास की इस शाखा की स्थापना से भारत सरकार का नेपाल स्थित कूटनैतिक केन्द्र से प्राप्त होनेवाली सुविधाएँ सहज हो गई है । इस अर्थ में हम इस दूतावास को तर्राई को जोडÞनेवाला सेतु कह सकते हैं । पिछले दस वर्षों में आमजन में मित्रता का संदेश पहुँचाने और बदलाव की दिशा में प्रेरक के रूप में इसकी कामयाबी सिद्ध हर्ुइ है । हमारे सम्बन्धों के क्षितिज और अधिक विस्तृत हो, सहयोग का आयतन और अधिक घना हो और अभिन्न मित्रता की अनन्त यात्रा में यह सदैव सक्रिय रहे, यह मेरी शुभकामना है । यद्यपि वीरगंज स्थित इस महावाणिज्य दूतावास को लेकर कई तरह की भ्रान्तियाँ मीडिया के द्वारा प्रचारित होती रही हैं, विरोधाभास को परोसने का प्रयास कई कोनों से होता रहा है, तथापि इसके प्रति भारत-नेपाल की मित्रता के शुभचिन्तकों को सजग और जिम्मेवार रहना चाहिए ।

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