वीरगंज में कॉंग्रेस का साम्राज्य समाप्ति के कगार पर

बिजयकुमार सरावगी

वीरगंज में इस बार के स्थानीय निकाय के चुनाव में फोरम का जीतना लगभग तय हो गया अब । और इससे ये साफ़ तौर पर कहा जा सकता है कि पहले मधेश आन्दोलन में जो जीत फोरम को मिली थी वो महज़ एक तुक्का नही थी । नई पार्टी के साथ साथ एक बिल्कुल नई उम्मीदवार करीमा बेगम ने उस समय के धाकड़ प्रतिद्वन्दि बिमल श्रिवास्तव को पछाड़ दिया था ।
इस बार फिर एक नए उम्मीदवार के साथ फोरम ने कॉंग्रेस के पुराने स्तम्भ रहे अजय द्विवेदी को लगभग हरा ही दिया है ! और एक शुभ संकेत कम से कम इस शहर के लिये ये है कि एक व्यापारी आया है व्यापारिक शहर के तख़्त पर। विजय सरावगी पहले से स्थापित चेहरा हैं, जिन्हें शायद और यश की आवश्यकता नही रही होगी जिससे वो राजनीति में कूद पड़े हैं । ( भरत शाह के वाल से )

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