वीरगंज में भारत–नेपाल व्यापार एवं निवेश प्रवद्र्धन सम्बन्धी गोष्ठी का आयोजन


वीरगंज, २४ गते श्रावण । भारतीय महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज और वीरगंज उद्योग–वाणिज्य संघ के संयुक्त आयोजन में भारत–नेपाल व्यापार एवं निवेश प्रवद्र्धन गोष्ठी-Indo-Nepal Trade And Investment Promotion Seminar_ का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य नेपाल में भारतीय निवेश को आकर्षित करना है । इस गोष्ठी में बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल के व्यापारियों के साथ–साथ नेपाल के इस क्षेत्र में क्रियाशील व्यवसायियों को सहभागी कराया गया । बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के अपने स्वागत मंतव्य में महावाणिज्यदूत श्री बी. सी प्रधान ने दोनों देशों के मध्य व्यापार प्रवद्र्धन की आवश्यकता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आगामी २०२५ ई. तक भारत विश्व का सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा । यह नेपाल के लिए अवसर है और उसका उपयोग इसे अपने आर्थिक विकास के लिए करना चाहिए । इस अवसर पर वीरगंज के औद्योगिक–व्यापारिक विकास की संभाव्यता को स्पष्ट करते हुए यहाँ के व्यवसायी मनोजदास ने कहा कि वीरगंज और इसके आसपास शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और कृषि के विकास के लिए आधारभूत संरचनाएँ हैं । इस कार्यक्रम में अपना विचार रखते हुए वरिष्ठ व्यवसायी श्री जगदीश अग्रवाल ने कहा कि नेपाल में निवेश की दृष्टि से आज चीन सबसे आगे है और भारत पीछे । जबकि आज से तीन–चार साल पहले स्थिति उलट थी । उनहोंने सवाल उठाया कि ऐसा क्यों है । इस बात के मद्देनजर नेपाल और भारत की सरकारें भी चिंतित हैं । जबकि नेपाल से भारत में प्रति वर्ष ६ खरब का माल आता है और प्रत्येक वर्ष १५ फिसदी की दर से इस आँकड़े में इजाफा होता है । नेपाल में भारत के निवेश की अनुकूलता पर विचार प्रकट करते हुए उनहोंने कहा कि नेपाल भले ही छोटा देश है और इसकी वार्षिक बजट की राशि छोटी है लेकिन यहाँ रेमिटान्स के द्वारा भी पैसे आते हैं और एन. जी. ओ के माध्यम से भी व्यापक निवेश होता है । इसलिए प्रति व्यक्ति के हिसाब से नेपाल का बजट भारत के बजट से बड़ा है और यहाँ के आम लोगों की क्रयशक्ति अधिक है । आज अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन की विश्वसनीयता कम रही है । इसलिए मेक इन इण्डिया, अमेरिका या नेपाल की संभाव्यता बढ़ती जा रही है । पोखरा उद्योग–वाणिज्य संघ के अध्यक्ष विश्व पालिक ने प्रदेश नं. ४ की औद्योगिक संभाव्यता को अनेक कोनों से स्पष्ट करते हुए एडवेंचरस ट्र«ेकिंग और पर्यटन क िदृष्टि से इस क्षेत्र को आदर्श बताया । इसु कार्यक्रम में मोरंग व्यापार संघ क िओर से अनिल शारदा ने चीन, बंगलादेश, भुटान और भारत की सीमाओं से अपनी निकटता होने के साथ–साथ भारत के साथ यातायात ओर धार्मिक क्षेत्रों की अधिकता के कारण पर्यटकीय उद्योग के विकास की संभाव्यता पर अपना पक्ष रखा । अपने धन्यवाद मंतव्य में वीरगंज उद्योग वाणिज्य श्रेष्ठ के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि व्यापार ऐसा सहज मार्ग है जहाँ व्यक्ति–व्यक्ति का सम्पर्क गाढ़ा होता है । इसमें इतनी ताकत है कि हम राजनीति को भी पीछे छोड़कर अपने सम्बन्धों को बेहतर कर सकते हैं । इस कार्यक्रम में प्रायः वक्ताओं ने इस बात को सामने रखा कि नेपाल में भूमि सस्ती है । विदेशी निवेश के कानून सहज हैं । बैंकों से ऋण सहज रूप में मिल जाता है, श्रम सस्ता है, बिजली की आपूर्ति सहज है, कानुन व्यवस्था की अवस्था अपेक्षाकृत अच्छी है । इन सब के साथ–साथ नेपाल में निवेश का अच्छा वातावरण है । दो सत्रों में विभाजित इस कार्यक्रम में बिहार चेम्बर ऑफ कॉमर्स के श्री एस. के. पटवारी, सुधीर कुमार पटवार, श्री अंकुर रुँगटा, श्री रंजित कुमार, श्री दीपक कुमार, श्री सुशील कुमार, श्री सत्यजीत सिंह, श्री हेमंत दास, डॉ. सत्यजीत सिंह, डॉ टी.आर गाँधी, उद्योग वाणिज्य संघ उत्तर–प्रदेश के श्री वीरेन्द्रनाथ गुप्ता, श्री शैलेन्द्र जैन, श्री आर. एस. शुक्ला, भरतीय आयातक चेम्बर ऑफ कॉमर्स की सुश्री मनीषा श्रेष्ठ, रोमी राजलक्ष्मी और बंगाल से श्री अरूप गुहा आदि व्यवसायी तथा उद्योगियों की उपस्थिति थी । इस कार्यक्रम का स.चालन उप–महावाणिज्यदूत श्री नीरज जायसवाल ने किया ।

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