Sun. Sep 23rd, 2018

वीरगंज में माक्र्सवाद संबंधी प्रशिक्षण

वीरगंज, २३ अगस्त । नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) ने वीरगंज में माक्र्सवाद संबंधी विचार गोष्ठी शुरु किया है । कम्युनिष्ट नेता कार्ल माक्र्स की द्विशतवार्षिकी की अवसर पर बुधबार शुरु विचार गोष्ठी दो दिन तक जारी रहेगी । ‘मधेश में माक्र्सवाद’ शीर्षक में आयोजित विचार गोष्ठी का उद्घाटन नेकपा के सचिवालय सदस्य तथा पूर्व प्रधानमन्त्री झलनाथ खनाल किया ।

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कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए नेता खनाल ने कहा कि मधेश में माक्र्सवाद संबंधी विचारों की प्रशिक्षण लम्बे समय से नहीं हो रहा है, जो आवश्यक है । उन्हों ने दावा किया माक्र्सवाद से ही मधेश में विकास सम्भव है । मधेश में व्याप्त गरीबी, अशिक्षा, असमानता और विभेद पर चर्चा करते हुए नेता खनाल ने कहा कि सम्पूर्ण विभद और असमानता अन्त्य के लिए माक्र्सवाद ही उपर्युक्त विकल्प है । लोकतान्त्रिक प्रणाली को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए नेता खनाल ने आगे कहा– ‘संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्र को और भी व्यवस्थित और प्रभावकारी बनाने की जरुरत है । इसके लिए हम सभी को अपनी–अपनी ओर से दायित्व बोध होना चाहिए ।’ उनका यह भी मानना है कि जब तक लोकतन्त्र मजबूत और व्यवस्थित नहीं होगा, तब तक सम्यवाद तक की यात्रा सम्भव नहीं है ।
इसीतरह नेकपा के नेता घनश्याम भुसाल को कहना है कि माक्र्सवाद अभ्यास करने पर ही मानव, मानव की तरह जी पाते हैं । उन्होंने आगे कहा– अभी तराई–मधेश में अमीरों के विरुद्ध गरीब और गरीबाें के विरुद्ध अमीरों को भडकाया जा रहा है । भुसाल को मानना है कि सामाजिक जडता और नौकर–मालिक बीच में व्याप्त असमानता अन्त्य के लिए भी माक्र्सवाद की आवश्यकता है । नेता नागेन्द्र चौधरी ने कहा कि मधेश में विभिन्न वादों की बाढ़ आई है, लेकिन यहां माक्र्सवाद का विकल्प नहीं है । उन्होंने आगे कहा– ‘मधेशवाद कोई भी दर्शन, सिद्धान्त वा वाद नहीं है, यह तो भावनात्मक पक्ष है । लेकिन यहाँ मधेशवाद के नाम में आन्दोलन हो गया, माक्र्सवाद कमजोर होने के कारण ही यह सब हो रहा है ।’

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