वी पी मा वि मे ५२७ अविभावक के जगह २१ लोगों की उपस्थिति मे विद्यालय चुनाव सम्पन्न…

वी पी मा वि मे ५२७ अविभावक होते हुऐ केवल २१ लोगों की उपस्थिति मे विद्यालय व्यवस्थासमितिका चुनाव सम्पन्न…
(गरीव बच्चों की भविष्य अन्धकार की और)

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हिमालीनि डेस्क सप्तरी, २७ चैत्र २०७३ |
शिक्षा को समाज की ज्योति कहे जाने पर भी राजनीति की चरम हस्तक्षेप के कारण गरीब बच्चों के लिए भविष्य अंधकारमय बनाने की
स्थलके रूपमे विकसित होते गया है | सप्तरी भारदहवार्ड नं. १ अवस्थित रहे वीपी मा.वि. भारदह की अविभावक भेला आज २१ लोगो की
उपस्थिति मे सम्पन्न हुआ है | कुल ५२७अविभावकोंका मत रहे ईस विद्यालय मे केवल २१ मत मे विद्यालय व्यवस्थापन समिति के
लिए चार सदस्य निर्वाचित किया गया है | निर्वाचित होनेवाले में भारदह वार्ड नं. १ के श्री प्रभानन्द मण्डल (प्राप्त मत ७), भारदह
वार्ड नं. ५ के श्री रामनारायण मण्डल (प्राप्त मत ७), भारदह वार्ड नं. २ की श्रीमति अनितामण्डल और मधवापूर वार्ड नं. १ की श्रीमति
राजकुमारी मण्डल सहमति से चयन किया गया है | नैतिक दायित्वका तिलाञ्जली देते हुए विद्यार्थीयों की भविष्य उपर नजरअन्दाज
करके प्रधानाध्यापकद्वारा ये निर्वाचन कराया गया दिख रहा है | ईससे पहले दो बार आह्वान किया गया बैठक अनिर्णित बननेपर विद्यालय ने निकटतम व्यक्ति छनौट करने के लिए ऐसी चोर रास्ता अपनाई गया हो सक्नेका विचार बैठक सम्पन्न होने के
पश्चात मालुम होनेवाले अविभावकों ने टिप्पणी किया है | सभीको ज्ञात रही बात है सार्वजनिक विद्यालय मे गरीव और अचेत अविभावक के बच्चे ज्यादातर अध्ययन किया करते है | ऐसी परिस्थिति मे अविभावक भेला मे उपस्थितजिल्लाके प्रतिनिधी और स्कुलके प्रधानाध्यापक ने ऊन अविभावक और विद्यार्थीयों की भविष्यके बारेमे सकारात्मकत चिन्तन लेने था | परन्तु, बिडम्बना वें लोग नैतिक दायित्व और कर्तब्य प्रति बिमुख हुए देखा जा सकता है | ५२१ मतदाता रहे विद्यालय मे जम्मा २१ लोगो की मतदान से चुनीगई विद्यालय व्यवस्थापन समिति, विद्यार्थी, अविभावक, शिक्षा और विद्यालय की भविष्य प्रति कितना
जिम्मेवार होकर काम करेंगे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है |

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विद्यार्थीयों की भविष्य और अविभावक की चेतना मे रही कमजोरी उपर खिलवाड़ करके प्रधानाध्यापक की गैर जिम्मेदारीपना और स्थानीय राजनैतिक अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप उपर सभी की ध्यान पहुँचे | शिक्षा क्षेत्र स्वक्ष, स्वतन्त्र एवं राजनैतिक दवाव मुक्त होना चाहिऐ, गुणस्तरिय शिक्षा प्राप्त करना सभीका जन्मसिद्ध अधिकार है ईसिलिए शिक्षाक्षेत्र मे ठोस रणनीति अपनाकर सेवामुखि भावना से समाज मे शिक्षा की ज्योती फैलाना हर एक व्यक्ति का कर्तव्य है ।

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