वोट और रामराज्य

योगेन्द्रप्रसाद साह:खिलराज रेग्मी की चुनावी सरकार द्वारा घोषित दूसरी संविधानसभा का चुनाव अगहन ४ गते २०७० साल को सम्पन्न होगा कि नहीं- इस विषय पर तत्काल बहस की जरूरत नहीं है। हम लोग यह मान कर चलें कि चुनाव निश्चित तिथि पर अवश्य होगा। वैसे भारतीय विदेशमन्त्री सलमान खर्ुर्शिद ने एकाएक काठमांडू का भ्रमण करके  -९ जुलाई २०१३ को) चुनाव आयोग को चुनाव प्रयोजन के लिए ४८ गाडियाँ प्रदान करने के समझौते पत्र पर दस्तखत कर दिए हैं। अब तक का इतिहास यही बताता है कि सामान्य तौर पर भारतीय सरकार की नेपाल सम्बन्धी नीति का चीन र्समर्थन करती रही है। नेपाल कम्युनिष्ट पार्टर्ीीाओवादी के अध्यक्ष मोहन वैद्य का चीन भ्रमण को महत्त्व देना बेकार है। चुनाव के दो धुर विरोधी मोहन वैद्य और उपेन्द्र यादव चुनाव से घबडÞा रहे हैं। एनजीओ के संयोजक से मधेश का नेता बन जाने वाले यादव जी की अभी राजनीतिक हैसियत खत्म हो चुकी है। अतः इस बक्त चुनावी माहौल के निर्माण में बुद्धिजीवियों को जुट जाना ही श्रेयस्कर है। जिससे र्सार्थक संविधान निर्माण हो सके।
अब तक नेपाल में लोकतान्त्रिक अभ्यास में जो विफलता मिलती आई है, उसका कारण जाने बिना मतदान करने से आगे भी धोखा खाने की सम्भावना बनी रहेगी। त्याग, तप के साथ राजनीति करनेवाले महान समझे जाने वाले व्यक्तित्व सत्ता में आने पर व्यवहारिक रूप में लोभी, पापी, चरित्रहीन और जातिवादी साबित होते रहे हैं। यही कारण है कि बार बार की सफल क्रान्ति जनता के दुखों को दुर नहीं कर सकी और नेतृत्व वर्ग के कुकृत्यों से देश में अराजकता की स्थिति उत्पन्न होती रही है। भ्रष्ट, ऐयाश और सामन्ती ठाटबाट से जीने वाले नेताओं के कथन में विश्वास करके जनता उनको साम्यवादी, सामाजवादी और लोकतन्त्रवादी का खिताब देती चली गई। नतीजा यह निकला है कि प्रत्येक क्रान्ति के लिए जनता आहुती देती गई और नेतागण सत्ता में पहुँच कर जनता के दुःखों का मजाक उडÞाते रहे। इस राजनीतिक कुसंस्कार का विकास इस कदर बढÞ चुका है कि लोकतन्त्र के आर्दशो का अब कोई मायने नहीं रह गया है।khilraj regmi
राक्षसी सत्ता के लिए अराजक माहौल का होना अनिवार्य शर्त है। अराजकता की स्थिति समाप्त होते ही राक्षसी सत्ता का अन्त होना निश्चित है। अतः आगामी संविधानसभा चुनाव के बाद नेपाल को रावण की लंका बनाना है कि रामराज्य का अवधं, जनता के मतदान से ही इस बात की साफ तस्वीर मिल सकेगी।
नेपाल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति यह है कि लगभग सभी ख्याति प्राप्त दलों का पूरी तरह अपराधीकरण हो चुका है। आगामी संविधानसभा चुनाव में मतदान के बाद ही पता चलेगा कि जनता को आपराधिक चरित्र पसन्द है या नहीं। दशकों बाद बिहार राज्य -भारत) की जनता ने चाहा तो सुशासन अस्तित्व ग्रहण करने लगा है। वहाँ पहली बार जातिवाद को जनता ने नकार दिया है। भारतीय सुप्रिम कोर्ट द्वारा दो वर्षों की सजा पाने वाले व्यक्ति को तत्काल र्सार्वजनिक पदों से हटना होगा और राजनीति करने पर पावन्दी लग जाएगी। इलाहावाद हाईकोर्ट ने भी १० जुलाई २०१र्३र् इ. के एक फैसला में जातीय रैली पर पाबन्दी लगा दी है।
नेपाल का राजनीतिक वातावरण भ्रष्टाचार के दर्ुगन्ध से काफी प्रदूषित हुआ है। ट्रान्सपैरेन्सी इन्टरनेशनल के अनुसार नेपाल के सभी राजनीतिक दल आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हैं। राजनीतिक परिवेश -मंगलबार २५ गते आषाढ, २०७० साल अनुसार) की सच्चाइ यही है। आज प्रत्येक थाली में जहरीला खाद्यान्न परोसने की मजबूरी है। दूध में डिर्टर्जेन्ट पाउडर की मिलावट है। हवा में दर्ुगन्ध इतना भर चुका है कि सांस लेना मुश्किल है, नदियाँ सूख रही हैं, सभी घातक विमारियाँ महामारी का रूप धारण कर चुकी हैं। गरीबी और शिक्षित बेरोजगारी की संख्या बढÞते देख विदेशी भी चिन्तित हैं। आज तस्करी मुख्य उद्योग हो चुका है। भ्रष्टाचार ही असल कमाई है। हत्यारा, आतंकी, परजीवि, अपराधी चन्दा आंतक की सृजना करके राजनीति की आडÞ में लाखों की कमाई कर रहे हैं। नेताओं की सभी गोष्ठियाँ पाँच सितारे होटल में की जा रही है, किन्तु विकास के लिए पैसा नहीं है। बहू बेटियों के अपहरण मे नेता गिरोह की सक्रियता देखी जा रही है। कब किसकी बहू-बेटी वेश्यालय में पहुँचा दी जाएगी, इसका ठिकाना नहीं है। खुद नेता जी के सुपुत्र तीन-तीन रखैल रखने लगे हैं। वैसे नेता की महानता में कोई भी असर उनके कुकर्मों से होता दिख नहीं रहा है। क्या जनता को अपनी जान और इज्जत भी प्यारी नहीं रह गई – क्या जनता सिर्फपैसा और जाति के आधार पर कुकर्मी नेताओं के पक्ष में मतदान करेगी और संविधान बनाने में अवरोध की सृजना कर देगी – कोशिश करने वालो की हार नहीं होती। जनता अगर कोशिश करे कि देश में अब सुशासन की अत्यन्त आवश्यकता है, तब योग्य और कर्मठ उम्मीदवार को वोट देकर संविधान निर्माण करा सकती है- जरूरत है लोभ और जातिवादी मन पर लगाम कसकर मतदान करने की। िि
ि

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz