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शंकरलाल केडिया फाउण्डेशन द्वारा कानुन से संबंधित २० व्यक्तित्व को सम्मान

लिलानाथ गौतम/काठमांडू, १३ अप्रिल ।
कानुनी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देनेवाले तथा कानुन संबंधी उत्कृष्ट लेख लिखनेवाले विभिन्न २० व्यक्तित्व को कानुन व्यवसायी क्लब तथा शंकरलाल केडिया फाउण्डेशन ने सम्मान किया है । पूर्व न्यायाधिश कमलनारायण दास की सभापतित्व में बिहीबार काठमांडू में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि कायम–मुकायम प्रधानन्यायाधीश दिपकराज जोशी के हाथों उन लोगों को सम्मानित की गई है । स्मरणीय है, विगत १० साल से कानुन व्यावसायी क्लब तथा शंकरलाल केडिया फाउण्डेशन की ओर से हर साल इस तरह का सम्मान कार्यक्रम होता आ रहा है ।


स्व. शंकरलाल केडिया के स्मृति में आयोजित इस तरह के कार्यक्रम में विशेषतः ३ व्यक्ति को शंकरलाल केडिया कानुन पुरस्कार, कानुन युवा पुरस्कार और उत्कृष्ट कानुन पुस्तक पुरस्कार दिया जाता है । वि.सं. २०७४ साल के लिए स्व. शंकरलाल कानुन सम्मान पुरस्कार द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता युगलकिशोर लाल को सम्मानित की गई है । इसीतरह स्व. शंकरलाल स्मृति युवा कानुन पुरस्कार से प्रदेश नं. २ के मुख्य न्यायाधिवक्ता दिपेन्द्र झा और उत्कृष्ट पुस्तक लेखन पुरस्कार से जिला अदालत कञ्चनपुर के न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार आचार्य को सम्मानित किया गया । इसके अलवा कानुन पत्रिका में कानुन संंबंधी उत्कृष्ट लेख लिखनेवाले अन्य १७ कानुन व्यावसायी तथा लेखकों भी विभिन्न नामों में स्थापित पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।


कानुन संबंधी उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित होनेवाले व्यक्तित्व में जनकराज आचार्य, चन्द्रबहादुर बस्नेत, डा. गोपालप्रसाद दाहाल, सन्देश श्रेष्ठ, अर्जुनप्रसाद कोइराला, विवेककुमार पौडेल, द्वारिकामान जोशी, गीता के.सी., कैलाशकुमार सिवाकोटी, विनोदकुमार कार्की, महेश शर्मा, मेघराज पोखरेल, रुद्रप्रसाद पाठक, सुवास आचार्य, दुर्गा लामिछाने, चिरंञ्जिवी नेपाल और गणेशदत्त भट्ट हैं ।


स्व. शंकरलाल केडिया फाउण्डेशन द्वारा इससे पहले पूर्व प्रधानन्यायाधीश विश्वनाथ प्रसाद उपाध्याय, स्व. न्यायाधिश लक्ष्मणलाल अर्याल, प्राध्यापक डा. माधव आचार्य, न्यायाधिश टोपबहादुर सिंह, पूर्व कानुन सचिव रेवतीरमण खनाल, संवैधानिक कानुन के ज्ञाता भीमार्जुन आचार्य, पूर्वप्रधान्यायाधीश तथा तत्तकालीन मन्त्रिपरिषद् के अध्यक्ष खिलराज रेग्मी, पूर्व प्रधानन्यायाधिश रामप्रसाद श्रेष्ठ, डा. युवराज संग्रौला जैसे व्यक्तित्व सम्मानित हो चुके हैं ।


कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए वर्तमान कामु प्रधानन्यायाधिश दिपकराज जोशी ने कहा कि विकास और स्थायित्व के लिए कानुनी पक्ष भी महत्वपूर्ण होता है । उनका यह भी मानना है कि न्यायालय आज सार्वजनिक चिन्ता की विषय बन रही है, जो स्वतन्त्र न्यायालय और सामाजिक न्याय के लिए चुनौतीपूर्ण है । न्यायिक सर्वोच्चता पर जोर देते हुए कामु प्रधानन्यायाधिश जोशी ने कहा कि न्यायालय के संबंध में सार्वजनिक हरतरह का टिका–टिप्पणी सत्य नहीं भी हो सकता । उन्होंने आग्रह किया कि न्यायालय के प्रति जनविश्वास नहीं टुटना चाहिए ।
इसीतरह कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए नेपाल बार एशोसिएसन के अध्यक्ष शेरबहादुर केसी ने कहा कि वि.सं. २०७४ न्याय क्षेत्र के लिए सुखद नहीं रहा । स्वतन्त्र न्यायपालिका को संरक्षण करने के लिए आग्रह करते हुए अध्यक्ष केसी ने कहा– ‘हम अपेक्षा करें, वि.सं. २०७५ साल में हर नागरिक को सामाजिक न्याय की प्रत्याभूति हो सके ।’ इसीतरह प्रदेश नं. २ के मुख्य न्यायाधिवक्ता दिपेन्द्रकुमार झा ने कहा कि समावेशी लोकतन्त्र और सामाजिक न्याय को संस्थागत करना अभी भी बांकी है । उनका यह भी मानना है कि संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्र कार्यान्वयन के लिए कानुन व्यावसायियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है ।


शंकरलाल केडिया फाउण्डेशन की ओर से बोलते हुए अनिल केडिया ने कहा कि लगातार १० साल से कानुनी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देनेवाले व्यक्तित्व का सम्मान करना फाउण्डेशन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है । कानुनी क्षेत्र में स्व. शंकरलाल केडिया की योगदान पर चर्चा करते हुए उन्होंने आगे कहा– ‘अपेक्षा है कि सम्मानित व्यक्तित्व कानुन और न्याय क्षेत्र में और ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान दे सकें ।’

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