शराब जो बिल्कुल न करें खराब

शराब एक बुरी बला है । इसका चस्का जिसे एक बार लग गया, वह तो बर्बाद हो गया । शराब अनेक बुराइयों की जडÞ है । ऐसे खयालात पालने वाले अब अपनी सोच बदलने पर मजबूर हो जाएंगे । क्योंकि “वायो स्पिरिट्स नेपाल प्राइवेट लिमिटेड” ने “बायो बोड्का”, “बायो हिस्की” जैसी शराब को नेपाली बाजार में सफलतापर्ूवक प्रक्षेपण किया है ।
इस कंपनी का कारखाना परसौनी-३ बारा नेपाल में और प्रधान कार्यालय भाटभटेनी, काठमांडू में अवस्थित है । इस कंपनी का दावा है कि शराब की दुनिया में पहली बार ऐसा पेय पदार्थ तैयार किया गया है, जिस में नशा होने के बावजूद कोई भी हानिकारक साइड इफेक्ट नहीं होगा । प्रस्तुत है- इस कंपनी के कंट्री सेल्स मैनेजर कमलेशकुमार राय से इस नई शराब के बारे में ँहिमालिनी’ की ओर से कविता कर्ण्र्ाावं मुकुन्द आचार्य द्वारा ली गई अन्तवार्ता का सार संक्षेपः
० आप अपनी कंपनी का परिचय कैसे देंगे –

kamlesh kumar ray

कमलेशकुमार राय

-संसार में पहली बार हमारी कंपनी ने एक ऐसी शराब का उत्पादन किया है, जिसके सेवन से कोई भी शारीरिक, मानसिक नुकसान बिलकुल नहीं होगा । सामान्यतया कोई भी शराब लेने पर उसके साइड इफेक्ट्स पीने वाले को होते हैं । मगर हम वैज्ञानिक रूप से दावा कर सकते हैं कि सोलह प्राकृतिक जडÞीबूटियों से बनी हमारी मदिरा ऐसी कोई हानि नहीं करती । इस में प्रयोग होने वाले सोलह कुदरती घटक -द्रव्य) शराब के साइट इफेक्टस को निस्तेज कर देते हैं ।
० आपका उत्पादन बायो हिस्की बायो बोडका किन अर्थों में अन्य अल्कोहलिक पेय से भिन्न है –
-हमारे उत्पादन में किसी प्रकार का सिन्थेटिक फ्लेबर नहीं है । इस में उच्च गुणस्तरीय प्रिमियम ग्रैन स्पिरिट और माल्ट्स का प्रयोग होता है । अल्कोहल के साइट इफेक्ट्स हटाने के लिए प्राकृतिक दर्ुलभ जडÞीबूटियों की खोज और उनका शोध करके इसे तैयार किया जाता है । बाला, अश्वगंधा, कुमारी रसंभव, अकर-करभ, हर्रि्रा, ब्राहृमी, तुलसी, रसना, भूमि आंवला, कटुक, र्सपगंधा, आत्मगुप्त, अर्जुन, फोकुम, पुठकर, मुल और शहद -इन सोलह वनस्पतियों का अनूठा-अनुपम सम्मिश्रण से ऐसा खास पेय तैयार किया गया है । राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डा. श्रीनिवास अमरनाथ ने वर्षों की मेहनत और खोज के बाद ऐसी नायाब चीज का उत्पादन करने में सफलता पाई है । शराब पीने वालों के लिए यह उनकी बहुत बडÞी देन है । आप इसके सेवन से शराब का आनन्द भी ले सकते हैं और साथ ही शराब के दुष्परिणामों से अपने शरीर को सुरक्षित भी रख सकते हैं । समझिए, दोनों हाथ में लड्डू ।
० क्या इसे शुद्ध आयर्ुर्वेदिक पेय कहा जा सकता है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है –
-बेशक कहा जा सकता है । अनेक अवसरों पर इसका सफल प्रयोग हम लोग कर चुके हैं । इसीलिए नेपाल के बहुत सारे शहरों में अन्तर्रर्ाा्रीय स्वयंसेवी संस्था लायन्स के उच्च पदाधिकारी स्वतः स्फर्ूत भाव से इस उत्पादन का डीलर बनने की होडÞ में हैं । उन्होंने स्वयं इसका प्रयोग कर, इसे बखूवी परख कर इसके विक्रेता बनने में रुचि दिखाई है । पश्चिमी देशों के वैज्ञानिक -खास कर शराब उत्पादन विशेषज्ञ) भी इसकी गुणवत्ता को स्वीकार कर रहे हैं ।
० इसका बाजार कैसा चल रहा है – क्या इसे आप निर्यात भी करते हैं
– हमारे इस नायाब उत्पादन का बाजार दिन प्रतिदिन बढÞ रहा है । इसकी मांग और खपत बढÞ रही है । बारा परसौनी स्थित भवानी डिस्टिलरी के साथ हमारा सहकार्य चल रहा है । मांग के अनुरुप हम लोग सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं । किसी भी नई चीज को बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए कुछ समय तो लगता ही है । हमारा उत्पादन भी तो नेपाल, भारत, भूटान में लोकप्रिय हो रहा है । बाद में अन्य देशों में भी हम इसे निर्यात कर सकते हैं । क्योंकि गुणस्तर के मामले में हम कोई समझौता नहीं करते । फिर भी कुछ जद्दोजहद तो करनी ही पडÞती है ।
० आप अपने उत्पादन के लिए कच्चा पदार्थ कहाँ से प्राप्त करते हैं –
-हम लोग नेपाल और भारत के विभिन्न जगहों से अपने लिए कच्चा पदार्थ उपलब्ध करते हैं । आवश्यक मात्रा में गुणस्तरीय कच्चा पदार्थ प्राप्त करना भी स्वयं में एक चुनौतीपर्ूण्ा कार्य है । फिर भी हम इसे बखूबी निभा रहे हैं । घटक द्रव्यों की गुणस्तरीयता के मामले में हम कभी कोई समझौता नहीं करते ।
० हाल ही में सदन में प्रस्तुत बजट का कैसा असर पडÞ रहा है, आप के उद्योग पर –
– निम्नस्तर की शराब पर ज्यादा कर बढÞा कर उसे हतोत्साहित तो किया गया है, यह बजट का अच्छा पक्ष है । लेकिन मिलाजुला कर सरकार ने एक ही बार ज्यादा अन्तःशुल्क बढÞा दिया है, जिसे उतना अच्छा नहीं कहा जा सकता । टैक्स बढÞ जाने से यह भी तो हो सकता है कि लोग घरेलु दारु की ओर झुक जाए । या तो सरकार घरेलु शराब उत्पादन पर अंकुश लगावे ।
० बाजार के पेय से आपकी प्रतिस्पर्धा कैसी है –
-हर नए उत्पादन को बाजार में प्रतिस्पर्धा तो झेलनी ही पडÞती है । मगर हमें यकीन है जल्द ही हम इस दौडÞ में भी आगे रहेंगे । वैसे भी अभी हम लिकर उत्पादन करने वाली कंपनियों में दो नंबर पर हैं ।
० अब एक अन्तिम प्रश्न, नशा देने वाला कोई भी पेय कैसे हानिकारक नहीं हो सकता –
– हानिकारक तत्वों के असर को हम जडÞमूल से नष्ट कर देते हैं अपनी दर्ुलर्भ, प्रभावकारी और युगों से आजमायी हर्ुइ आयर्ुर्वेदिक गुणों से युक्त जडÞीबूटी से । दिस इज भेरि सिम्पल । फिर भी हमारा नारा है- हो सके तो मत पीयो, पीना ही पडÞे तो ‘बायो’ का प्रोडक्ट पीयो । होने वाली सम्भावित हानि को शून्य स्तर तक पहुँचा देना ही तो हमारी इकलौती खासियत है ।

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