शिक्षण अस्पताल द्वारा करोडों राजश्व देने में अनाकानी

जितेन्द्र साह: वीरगंज स्थित नेशनल मेडिकल काँलेज तथा शिक्षण अस्पताल ने राजकीय सुविधाओं का उपयोग करते हुए भी वीरगंज उपमहानगरपालिका को करोडÞो का राजश्व समय में नहीं भुगतान कर खुलमखुला आर्थिक भ्रष्टाचार किया है । वीरगन्ज उपमहानगरपालिका-१८ भेडियाही स्थित इस अस्पताल में अपने शुरुवात के दिनों से अब तक करीब १० करोडÞ राजश्व भुक्तान नहीं किया है, ऐसा नगरपालिका अधिकृत शान्त बस्नेत ने बताया है । उनके अनुसार स्थानीय स्वायत्त शासन ऐन के तहत घर-जमीन टैक्स, व्यवसाय टैक्स, सवारी टैक्स आदि सभी टैक्स बकाया रखा गया है । बारबार लिखित और मौखिक जानकारी देने पर भी अस्पताल टैक्स बुझाने के मामले में उदासीन है । टैक्स असूली के लिए पत्र भेजने पर अस्पताल की तरफ से धम्की दी जा रही है ।
काँलेज परिसर के भीतर करीब १६ बिघा जमीन में ३५ से अधिक भवन निर्माण किए गए है । लेकिन नगरपालिका में सिर्फ१ बिघा १८ कठ्ठा क्षेत्रफल अस्पताल की ओर से दिखाया गया है । और तीन मञ्जिला भवन सिर्फचार दिखाया गया है ।
वि.सं. ०५९ साल में तीन मञ्जिला चार भवन निर्मण के लिए नक्सा पास किया गया था । लेकिन अभी वे भवन ६ मञ्जिल के है । उपमहानगरपालिका के योजना प्रमुख प्रकाश अमात्य के अनुसार शिक्षण अस्पताल ने ३ मञ्जिला ओपीडी, जेनरल वार्ड, र्इमर्जेन्सी, गाइनो वार्ड का नक्सा पास कराने के लिए ३ लाख १८ हजार ८ सौ ४४ रुपये बुझाए है । उसी तरह ०६० जेष्ठ १८ में अनुसन्धानशाला, अडोटोरियम हाँल, लेक्चर हाँल के लिए ५ लाख ७ हजार ६ सय १० रुपयां अस्पताल ने भुक्तान किया है । उसके बाद कोई नक्शा पास नहीं किया गया । तीन मञ्जिला भवनका नक्शा पास कराकर ६ मञ्जिला भवन बनाते समय शिक्षण अस्पताल ने  उपमहानगरपालिका से स्वीकृति नहिं ली है । अस्पताल परिसर के अन्दर विधार्थीका अलग छात्रावास, शिक्षक और मेडिकल अधिकृत के लिए सुविधायुक्त आवास की व्यवस्था की गई है । वर्तमान में परिसर के अन्दर ५ मञ्जिला दो भवन निर्माणाधिन अवस्था में दिखाइ देता है ।
स्थानीय स्वायत्त शासन ऐन के अनुसार टैक्स नहीं बुझानेवाले शिक्षण अस्पताल ने राज्य द्वारा दी गई प्रत्येक सुविधा का उपभोग किया है । उपमहानगरपालिका और उपभोक्ता समिति की पहल में ४१ लाख १४ हजार की  लागत में भेडियाही चौक से शिक्षण अस्पताल तक करीब ६ सौ ३० मिटर पक्की सडÞक नगरपालिका द्वारा बनाई गई है, ऐसा योजना प्रमुख अमात्य ने बताया । सडक में भेपर लाइट की व्यवस्था भी नगरपालिका ने अपनी ओर से की है । राज्य द्वारा प्रदत्त सेवा उपभोग करने पर भी राज्य को टैक्स नहीं देनेवाले शिक्षण अस्प्ताल को बारबार सचेत कराने पर भी अनुसुनी कर रहे है, ऐसा कार्यकारी अधिकृत शिवदत्त भट्टर्राई बताते है । उन्होंने कहा- ‘अब हम लोग कानून का दरवाजा खटखटाएंगे ।’ बडेÞ लोग और बडÞी संस्थाएँ कर के दायरे से बाहर है, ऐसी मानसिकता बढÞती जा रही है । इससे पहले टैक्स भुक्तान करने के लिए शिक्षण अस्पताल को तीन बार पत्र दिया जा चुका है । इस बात का उल्लेख करते हुए उपमहानगरपालिका वीरगंज ने जिला प्रशासन कार्यालय पर्सर्ााो कर असूल में मदत करने के लिए पत्र भेजा हे ।
अस्पताल व्यवस्थापनका कहना है किसी भी अस्पताल वा शिक्षण अस्पताल को टैक्स देना नहीं पडÞता है । मगर काठमांडू मेडिकल काँलेज तथा शिक्षण अस्पताल ने काठमांडू महानगरपालिका को टैक्स दिया हुआ प्रमाण वीरगंज उपमहानगरपालिका के पास है, ऐसा दावा अधिकृत बस्नेत का है । उन्होंने कहा- शिक्षण अस्पताल व्यवस्थापन ने अन्य मेडिकल काँलेज द्वारा टैक्स बुझाया गया प्रमाण दिखाइए, इसलिए उपमहानगरपालिका ने वैसा प्रमण मगाया है । उपमहानगरपालिका का मूख्य आयस्रोत आन्तरिक राजश्व संकलन और उसका परिचालन ही होने से अनेक जटिलताएं पेश आ रही है, कार्यकारी अधिकृत भट्टर्राईका ऐसा कहना है । भूतपर्ूव प्रधानमन्त्री माधव नेपाल ने उक्त शिक्षण अस्पतालका औपचारिक उद्घाटन किया था ।
पन्ध्र शैयावाले उस शिक्षण अस्पताल में दैनिक करीब एक हजार रोगी उपचार के लिए आते है । देश के निजी अस्पतालों में अपने को सब से अच्छा दाबी करनेवाला शिक्षण अस्पताल में नेपाल, भारत, बंगलादेश, अमेरिका के विद्यार्थी अध्ययनरत है । नेपाल मेडिकल काउन्सील ने भी इस काँलेज को स्थायी मान्यता प्रदान की है ।
सरकार ने स्थानीय स्वायत्त शासन ऐन २०५५ नियमावली २०५६ द्वारा व्यवस्थित अनुसूचि ८ नियम १४० के अनुसार घर-जमीन कर और अनुसूचि ९ नियम १४१ के अनुसार भाडÞा कर अनुसूचि १० नियम १४२ अनुसार व्यवसाय कर अनुसूचि ११ नियम १४३ के अनुसार सवारी कर की व्यवस्था की गई है । दलीय संयन्त्र का समन्वय नहीं होने से इस प्रकार की समस्या आई है । जिस से राजश्व संकलन प्रभावित हुआ है, ऐसा एक कर्मचारी का कहना है ।

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