शीर्ष नेतृत्व का संकुचित दायरे से बाहर न निकल पाना दुःखी और निराश किया : विजयकुमार सिंह

 

डा. विजय कुमार सिंह,जनकपुर |  रा ज पा ने स्थानीय निर्वाचन मे भाग लिया और अब नतीजे का इन्तज़ार स्वाभाविक है ।सबसे पहले शुभेच्छुकों, मतदाताओं एवं सम्बद्ध सम्पूर्ण जन समुदाय के प्रति हार्दिक आभार और कृतज्ञता निवेदित करता हुँ।
पर अब आवश्यकता है अविलम्ब और सम्पूर्णता और समग्रता मे गहन विश्लेषण की । अत्यन्त ही कम समय में उम्मीदवारों का लेखा-जोखा और चयन कठिन तो अवश्य था पर सर्वाधिकार सम्पन्न शीर्ष नेतृत्व का अपने संकुचित दायरे से बाहर न निकल पाना ( past hang over ) और तत्सम्बन्धि क्रियाकलापों ने अतिशय दुःखी और निराश किया। शीर्षस्थ अध्यक्षों की राजनीतिक अदूरदर्शिता , अहंवादिता ,छोटे मोटे निहित स्वार्थ और दल के पदाधिकारियों एवं राजनीतिकर्मियों की सक्रिय सहभागिता , चुनावी संघर्ष मे सुनिश्चित नहीं कर पाना , दुर्भाग्यपूर्ण है। दलीय स्वरूप ग्रहण के अटपटी शिशु-अवस्था के बावजूद, राजपा के सहकर्मी साथियों ने राजनीतिक चुनौतियों का जिम्मेदारीपूर्वक मज़बूती से सामना किया है । निश्चित रुप से हम बहुत ही अच्छा कर सकते थे, जन समर्थन तो स्पष्ट था पर , शायद हमें अपने आप पर ही विश्वास नहीं था और हम अपनी छाती को समुचित रुप मे चौड़ा नहीं कर सके । (डा. विजय कुमार सिंह, के वाल से )

 

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