Wed. Sep 26th, 2018

श्रावण के पहले सोमवार घर लाएं इनमें से कोई भी एक वस्तु, होगी धनवर्षा : आचार्य राधाकान्त शास्त्री ,

28 जुलाई शनिवार 2018 से शुरू होगा सावन, और 26 अगस्त रविवार 2018 तक रहेगा सावन :-

 श्रावण के पहले सोमवार घर लाएं इनमें से कोई भी एक वस्तु, होगी धनवर्षा
हिन्दू पंचांग के अनुसार भारत में हर महीने का एक अलग महत्व है. लेकिन श्रावन यानी सावन के महीने को भगवान शंकर से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए इसका महत्व बढ़ जाता है. ये दिन भगवान शिव की अराधना के लिए सबसे खास माने जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस महीने में भगवान शंकर की पूजा अर्चना करने से या हर सोमवार नियमपूर्वक शिवलिंग पर जल अर्पित करने से हर मनोकामना पूरी होती है और कई लाभ मिलते हैं. जिस काम को पूरा करने की आप लंबे समय से प्रयासरत हैं और वह होते-होते रह जाता है तो सावन के महीने में शिव की अराधना से वह पूरी हो जाती है.
प्रकृति के लिहाज से भी श्रावन मास का खास महत्व है. प्रकृति हरी-भरी रहती है और यह माना जाता है कि इस महीने जो जातक खुद को प्रकृति के करीब महसूस करता है, उसे प्रकृति की देवी से भी आर्शीवाद प्राप्त होता है.
इस बार सावन का महीना 28 जुलाई से शुरू हो रहा है. हालांकि यह श्रावण मास की तिथि 27 जुलाई को ही लग जाएगी. लेकिन इसे उदया तिथि से ही शुरू माना जाएगा. इसलिए इसकी शुरुआत 28 जुलाई से ही मानी जाएगी. इस बार सावन में चार सोमवार होंगे. पहला सावन का सोमवार 30 जुलाई 2018 को पड़ेगा. कुछ चीजें भगवान शिव को बेहद प्रिय हैं. यहां हम आपको ऐसी 8 चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें सावन के सोमवार के दिन यदि आप घर लाते हैं या स्थापित करते हैं तो निश्चित रूप से शिव की कृपा मिलती है और हर काम का दो गुना फल प्राप्त होता है.
1. भस्म: पहले सोमवार को या किसी भी सावन के सोमवार को शिव मूर्ति के साथ यदि भस्म रखते हैं तो शिव कृपा मिलेगी.
2. रुद्राक्ष: ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी. इसलिए यदि आप इसे सावन के सोमवार को घर में लाते हैं और घर के मुखिया के कमरे में रखते हैं तो भगवान शिव ना केवल रुके हुए काम को पूरा करते हैं, बल्कि इससे आर्थिक लाभ भी होता है. इससे प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है.
3. गंगा जल: भगवान शंकर ने गंगा मां को अपनी जटा में स्थान दिया था. इसलिए यदि आप सावन के सोमवार को गंगाजल लाकर घर की किचन में रखते हैं तो घर में सम्पन्नता बढ़ेगी और तरक्की व सफलता मिलती है.
4. चांदी या तांबे का त्रिशूूल: घर के हॉल में चांदी या तांबे का त्रिशूूल स्थापित करके आप घर की सारी नेेगेटिव एनर्जी खत्म कर सकते हैं. इस बार सावन में इसे जरूर लाएं.
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5. चांदी या तांबे का नाग: नाग को भगवान शिव का अभिन्न अंग माना जाता है. घर के मेन गेट के नीचे नाग-नागिन के जोड़े को दबाने से रुके हुए काम पूरे होते हैं.
6. डमरू: घर में डमरू रखने से नेगेटिव एनर्जी का असर नहीं होता. खासतौर से यदि आप इसे बच्चों के कमरे में रखें तो ज्यादा अच्छा होगा. बच्चे किसी भी नकारात्मक ऊर्जा से बचे रहेंगे और उन्हें हर काम में सफलता भी प्राप्त होती है.
7. जल से भरा तांबे का लोटा: घर के जिस हिस्से में परिवार सबसे ज्यादा रहता है, वहां एक तांबे के लोटे में जल भरकर रख दें. इससे घर के लोगों के बीच प्रेम और विश्वास बना रहेगा. ध्यान रखें कि समय-समय पर उस पानी को बदलते रहें. उस पानी को ऐसे ही जाया ना करें, उसे किसी पेड़ या पौधे में डाल दें.
8. चांदी के नंदी: जिस प्रकार घर में चांदी की गाय रखने का महत्व है उसी प्रकार चांदी के नंदी घर में रखने का भी खास महत्व है. अपनी तिजारी या अलमारी में जहां आप पैसे या गहने रखते हैं, वहां चांदी के नंदी रखें. इससे आपको धन लाभ होगा और आपकी आर्थिक सम्पन्नता बढ़ेगी.
 इस बार सावन 28 जुलाई से शुरू हो रहा है। भगवान शिव की अराधना के लिए यह माह विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि सावन या श्रावण मास में शिवजी की पूजा करने से कई गुणा ज्यादा पुण्य प्राप्त होता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस साल का सावन का महीना बहुत खास रहने वाला है क्योंकि 19 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है।
इस बार सावन का महीना पूरे 30 दिन का रहने वाला है जो कि 19 साल बाद होने जा रहा है। माना जा रहा है कि ऐसा अधिकमास (दो जेष्ठ) होने के कारण हुआ है। 28 जुलाई को सावन का पहला दिन होगा जो कि 26 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगा। सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को पड़ेगा। मान्यता है कि सावन के सभी सोमवार व्रत रखने और शिवलिंग पर विल्बपत्र के साथ जल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
श्रावण मास में ,
31 जुलाई मंगलवार को श्री गणेश चतुर्थी,
2 अगस्त गुरुवार को कृष्ण पंचमी,
11 अगस्त  को शनि अमावस्या व हरियाली अमावस्या का व्रत किया जाएगा ।
हरियाली तीज का व्रत 13 अगस्त मंगलवार को होगा।
 नागपंचमी का पर्व 15 अगस्त बुधवार के दिन मनाया जाएगा,
24 अगस्त शुक्रवार को श्रावणी तेरस  ,
और  रक्षाबंधन 26 अगस्त रविवार को होगा।
इस प्रकार पूरे महीने भर शिवार्चन पूजन कर महादेव की विशेष कृपा प्राप्त किया जा सकेगा ,
महादेव की कृपा से आप सपरिवार की सभी इक्षित मनोकामना पूर्ण हो , आचार्य राधाकान्त शास्त्री ,
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