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‘संघीयता खारीज होना चाहिए, नहीं तो देश खारीज हो जाएगा’

काठमांडू, ८ मई । राष्ट्रीय जनमोर्चा ने संघीयता को खारीज करने के लिए प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली को एक ज्ञापनपत्र दिया है । पार्टी की ओर से अध्यक्ष चित्रबहादुर केसी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल मंगलबार प्रधानमन्त्री कार्यालय सिंहदबार पहुँचकर ज्ञापनपत्र दिया है । ज्ञापनपत्र में कहा है कि संघीय व्यवस्था तत्काल खारीज होना चाहिए, नहीं तो देश भी खारीज हो सकता है ।
नेता केसी ने दावा किया है कि नेपाल को भारत में विलय कराने की षडयन्त्र स्वरुप भारत के ही पहल में नेपाल में संघीय व्यवस्था स्थापित की गई है । ज्ञापनपत्र में प्रधानमन्त्री ओली को सम्बोधन करते हुए लिखा है– ‘अगर संघीयता खारीज नहीं किया जाएगा तो देश ही खारीज हो सकता है, इसीलिए संघीयता खारीज के लिए प्रधानमन्त्री को सहास दिखाने की जरुरत है ।’ ज्ञापनपत्र में यह भी कहा है कि बामपक्षीय गठबन्धन में निर्मित सरकार की मुख्य जिम्मेदारी गणतन्त्र और राष्ट्रीयता की रक्षा करना है, देश को आर्थिक रुप में समृद्ध बनाना है । इसके लिए समाजवाद उन्मुख नीति तथा कार्यक्रम पर जोर देते हुए कहा गया है कि इसके लिए जनमोर्चा भी सरकार को साथ देने के लिए तैयार है ।
संघीयता के सवाल में ज्ञापनपत्र में उल्लेख है– ‘जनजाति, मधेशी और गरीब जनता के लिए संघीयता है, ऐसी प्रचार किया जा रहा है । लेकिन सत्य यह नहीं है । संघीय राज्य व्यवस्था हमारी देश में सफल हो ही नहीं सकता । इसकी ओर हमारी ध्यान नहीं जा रहा है । जिसके चलते आज दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम आ रहा है । इसको समय में ही करेक्सन करना चाहिए, नहीं तो राष्ट्रीयता तथा राष्ट्रीय एकता कमजोर, राष्ट्र विखण्डन, सार्वभौम सत्ता तथा विकास निर्माण कुण्ठित हो सकती है । अन्ततः नेपाल राष्ट्र की विघटन और भारतीय संघ में विलय होने की खतरा है ।’ जनमोर्चा का मानना है कि संघीयता को खारीज कर प्रजातान्त्रिक विकेन्द्रकरण और स्थानीय स्वायत्तता में आधारित एकात्मक प्रजातान्त्रिक शासन व्यवस्था स्थापना करनी चाहिए ।

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