संघीय सद्भावना का महाधिवेशन सम्पन्न

हिमालिनी डेस्क
संघीय सद्भावना पार्टर्ीीी संघीय महाधिवेशन “शान्ति, समृद्धि, अधिकार एवं पहचान, संघीयता सहित का लोकतान्त्रिक संबिधान”  मूल नारा के साथ वि.सं. २०६९ बैशाख ८, ९ तथा १० गते -तद्नुसार २०, २१, २२ अप्रिल २०१२) को पर्सर्ााजले के वीरगंज में संपन्न हुयी है। संघीय सद्भावना पार्टर्ीीी स्थापना के शिर्फ९ महीने के भीतर संघीय महाधिवेशन का आयोजन कर सफल बनाना अपने-आप में एक महत्वपर्ूण्ा कदम है। पार्टर्ीीे महाधिवेशन की सफलता के कई महत्वपर्ूण्ा पक्ष रहे, जिसका विश्लेषण करना आज की प्रमुख आवश्यकता है। आइए इसकी बिबेचना करें ः
उद्घाटन सत्र
वि.सं. २०६९ बैशाख ८ गते अपराहृनका समय वीरगंज के लिए एतिहासिक यादगार के रुप में स्थापित हुआ, जहां लगभग ३० हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति तथा दो दर्जन से अधिक राष्ट्रिय तथा अन्तर्रर्ााट्रय नेताओं की सहभागिता में महाधिवेशन का औपचारिक उद्घाटन, पार्टर्ीीे अध्यक्ष तथा नेपाल सरकार के उद्योग मन्त्री मा.श्री अनिल कुमार झा के द्वारा किया गया। पार्टर्ीीध्यक्ष के उद्घाटन मन्तब्य में जहां एक ओर राष्ट्रिय राजनीति की सुलझती हर्ुइ गांठे की चर्चा की गयी। वहीं दूसरी ओर नेपाल के भविष्य की राजनीति को युवा नेतृत्व वर्ग को अपने हाथों में लेने के लिए  आगे आने का आहृवान भी किया गया। नेपाली राजनीति के अग्रज, पर्ूव प्रधान मन्त्री एवं राष्ट्रिय जनशक्ति पार्टर्ीीे अध्यक्ष श्री र्सर्ुयबहादुर थापा की सूझबूझ भरी शुभकामना मन्तब्य से शुरु हुयी अभिभाषण का कार्यक्रम भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेश के प्रवक्ता तथा सांसद श्री राशिद आल्वी एवं भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेश की पर्ूव सचिव श्री अलका लाम्बा, भारतीय जनता पार्टर्ीीे ओभरसिज सेल के कन्भेनर श्री विजय जौली, तृणमूल कांग्रेश की श्री सताब्दी राँय, जनता दल यूनाइटेड के सांसद श्री अनवर अली, राष्ट्रिय कांग्रेश पार्टर्ीीे महासचिव तथा सांसद श्री तारिक अनवर जैसे भारतीय नेताओं ने भारत नेपाल सम्बन्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं दोनो देशों के बीच बेटी रोटी के सम्बन्ध होने की चर्चा करते हुए संघीय सद्भावना पार्टर्ीीे युवा नेतृत्व की प्रशंसा एवं महाधिवेशन की सफलता की कामना किया। इसी तरह म्यानमार के नेशनल लिग फर डेमोक्रेसी पार्टर्ीीे सांसद श्री टीन सुआन, बांगलादेश के जातीय समाजतान्त्रिक दल के सांसद श्री मोइनुद्दिन खान बादल, तथा नेपाल स्थित श्री लंका राजदूतावास के काउन्सीलर डीक्सन जे. परेरा तथा मिनिस्टर काउन्सीलर डी. डब्लु. अबेयविक्रमा ने संघीय सद्भावना पार्टर्ीीे संघीय महाधिवेशन की सफलता की शुभकामना देते हुए द्विपक्षीय सम्बन्धों को मजबूत करते हुए आगामि दिनों में साथ साथ आगे बढने की आवश्यकता पर बल दिया। पार्टर्ीीहाधिवेशन की शुभकामना मन्तब्य को निरन्तरता देते हुए ए.ने.क.पा.माओबादी के नेता श्री विश्वनाथ साह, नेपाली कांग्रेश के नेता श्री अर्जुन नरसिंह के.सी., ने.क.पा. एमाले के नेता श्री रघुवीर महासेठ, मधेशी जनअधिकार फोरम -लोकतान्त्रिक) के बीरेन्द्र नेपाली, मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल के लालबाबु राउत, तर्राई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टर्ीीे सहमहासचिव जितेन्द्र सोनल, रा.प्र.पा.के गोकुल कर्ुर्मी, रा.प्र.पा. नेपाल के शम्भू चौरसिया, ने.क.पा. माले के शत्रुधन प्रसाद उपाध्याय तथा राष्ट्रिय सद्भावना पार्टर्ीीे अनिरुद्ध प्रसाद सिंह ने कम समय में भी संघीय सद्भावना पार्टर्ीीा भब्य महाधिवेशन आयोजन करने के लिए पार्टर्ीीे अग्रगामी कार्यों का सराहना किया। कार्यक्रम में विभिन्न जातजाति तथा समुदाय के संस्कृति से सम्बन्धित झांकियाँ प्रस्तुत की गई।
बन्द सत्र का बौद्धिक बहस
मिति २०६९ बैशाख ९ गते, महाधिवेशन का दूसरा दिन, पार्टर्ीीी भावी रणनीति एवं कार्यनीति पर छलफल करने हेतु निर्धारित किया गया था। लगभग १५०० महाधिवेशन प्रतिनिधि एवं ल्ागभग ५०० पर्यवेक्षक सहित देश के २२ जिल्ला से लगभग २००० राजनीतिक नेता तथा कार्यकर्ताओ के बीच वीरगंज के टाउनहल में सुरु हुयी बन्द सत्र के कार्यक्रम में बिभिन्न समितियों द्वारा प्रस्तुत किये गये पार्टर्ीर्ेेी राजनीतिक दस्तावेज, पार्टर्ीीी घोषणा पत्र तथा पार्टर्ीीी बिधान पर ब्यापक बहस एवं छलफल किया गया। बिभिन्न विषयों पर किए गए लगभग १२ घंटे के लोकतान्त्रिक बौद्धिक बहस तथा छलफल के बाद संशोधन सहित र्सवसम्मति से पारित किया गया।र्
र्सवसम्मत नेतृत्व चयन
महाधिवेशन के तीसरा और अन्तिम दिन नेतृत्व चयन के लिए निर्धारित किया गया था। निर्धारित समय तालिका अनुसार अध्यक्ष तथा १५ संघीय कार्यसमिति के सदस्यों के चुनाव के लिए अध्यक्ष के लिए एक मात्र उम्मेदवारी आवेदन श्री अनिल कुमार झा का तथा सदस्यों के लिए ४६ लोगों ने अपना आवेदन दर्ता करवाया। अध्यक्ष पद में श्री अनिल कुमार झा निर्विरोध निर्वाचित होने के साथ हीं सदस्य पद में भी चुनाव नहीं करा र्सवसम्मति से चुने जाने के प्रति र्समर्थन जनाते हुए सभी ४६ उम्मेदवारों ने स्वेच्छा से अपना नामांकन फिर्ता लेकर सहज वातावरण का निर्माण किया। महाधिवेशन के बन्द सत्र के पर्ूण्ा बैठक में र्सवसम्मति से १५ सदस्यों के चुनाव करने के प्रस्ताव लाने के साथ हीं पर्ूण्ा बैठक ने र्सवसम्मति से यह अधिकार भी संघीय कार्यसमिति के अध्यक्ष को हीं देकर नेतृत्व चयन की चुनौती को बडी हीं सहजता के साथ सम्पन्न्ा कर एक नये आयाम की शुरुआत किया।
महाधिवेशन का संदेश
संघीय सद्भावना पार्टर्ीीे सम्पन्न महाधिवेशन ने कई महत्वपर्ूण्ा सन्देश देने का प्रयास किया है। पार्टर्ीीे अपना संगठन विस्तार का दायरा बढाकर जिल्ला ही नहीं निर्वाचन क्षेत्र तथा गा.वि.स. तक जड जमाने का प्रयास किया है। इसके अलावा मधेश जनता के बीच में मधेशी नेताओं के प्रति बढते असंतोष, अविश्वास एव्ां वितृष्णा को कम कर विश्वास का वातावरण सृजना करने का प्रयास किया है। महाधिवेशन ने राष्ट्रिय राजनीति में संघीय सद्भावना पार्टर्ीीो लोकतान्त्रिक बिधि से स्थापित राजनीतिक दल के रुप में अपनी पहचान बनाने एवं अन्तर्रर्ााट्रय जगत में भी अपनी पहचान को नेपाल के महत्वपर्ूण्ा उभरति राजनीतिक शक्ति के रुप में स्थापित करने में भी सफल रही है। ±±±

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