संविधान अपूर्ण है, इससे देश का हित नहीं हो सकता : परमानन्द झा

जितेन्द ठाकुर, विराटनगर ,९ दिसम्बर |

पूर्व उपराष्ट्रपति परमानन्द झा ने पहाड़ी समुदाय के राज्यनेताओं की मधेश और मधेशी के प्रति जो अवहेलना की नीति है उसके कारण आन्दोलन का होना बताया है । उन्होंने कहा है कि विगत के सहमति और समझौता को अनदेखा कर के और मधेशी को सभी अधिकार से वंचित कर के संविधान जारी किया गया है । विराटनगर स्थित अपने निवास पर उन्होंने यह सारी बातें कही हैं । उन्होंने कहा कि अगर मधेशी नेता के साथ मिलकर और सहकार्य कर के संविधान का निर्माण हुआ होता तो यह विषम परिस्थिति नहीं आई होती । संविधान जारी के समय अगर कुछ दिन और लगाकर सहमति कर के संविधान जारी किया जाता तो आज देश इस स्थिति से नहीं गुजर रहा होता ।

Parmanand Jhaसंविधान निर्माण करने से पहले ही जिला बाँटकर ६ प्रदेश निर्माण करने और दलों के विरोध में पहाड़ के सुर्खेत और कणार्ली के आन्दोलन होने के कारण राज्य नेताओं ने एक सप्ताह में ही सम्बोधन करते हैं किन्तु मधेश में इतने लम्बे समय से चल रहे आन्दोलन को नजरअंदाज उनके द्वारा किया जा रहा है । पहाड की माँग सुनवाई करने में समय नहीं लगता है और मधेश के लिए कोइृ मतलब ही नहीं है यही सबसे बडी विडम्बना है । संविधान जारी होने के तुरन्त बाद संशोधन का प्रस्ताव काँग्रेस के द्वारा लाना ही बताता है कि संविधान अपूर्ण है । अपूर्ण संविधान से देश का हित हो ही नहीं सकता है । सरकार द्वारा बेवास्ता करने के कारण ही आन्दोलनकारियों ने नाकाबन्दी की है । इसके बाद ही राज्य का ध्यान इधर गया और आन्दोलन को दबाने तथा बदनाम करने के लिए भारत पर आरोप लगाया जा रहा है कि नाकाबन्दी भारत ने किया है । इन सबसे समाधान नहीं निकलनेवाला है यह राज्य को समझना होगा । उन्होंने कहा कि आन्तरिक समस्या के हल के लिए कमल थापा का दो बार भारत जाना ही गलत है । इससे तो साफ पता चलता है कि सरकार ही भारत को महत्व दे रही है । यह तो अब पता चल ही गया है कि मधेश के लिए भारत में जाकर गलत प्रचारबाजी की जा रही है । और इस बात के बाद तो मधेशी नेताओं को मधेश की स्थिति बताने के लिए और आन्दोलन के औचित्य को बताने के लिए भारत जाना ही था । इसमें कोई गलती नहीं है । सबसे अधिक जटिल समस्या सीमांकन की है और इसका समाधान प्रदेश घटा बढा कर शीघ्र करना आवश्यक है ।

गाँव केन्द्रित जागरण करता गठबन्धन

विराटनगर ः जारी मधेश आन्दोलन को और सशक्त बनाने के लिए चार मधेश केन्द्रित दल द्वारा बनाए गए संघीय समावेशी मधेशी गठबन्धन ने जनजागरण अभियान शुरु किया है । गठबन्धन निर्माण के दो हफ्ते के बाद से ही आन्दोलन को सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए यह अभियान गाँव गाँव में जा रहा है और लोगों को जागृत कर रहा है । यह जानकारी जिला संयोजक श्रीराम कामत ने दी । राष्ट्रीय मधेश समाजवादी पार्टी ,मधेशी जनअधिकार फोरम ( गणातान्त्रिक), तराई मधेश राष्टिय अभियान, नेपाल सद्भावना पार्टी का संघीय समावेशी मधेशी गठबन्धन गठन किया गया है । गठबन्धन ने विगत में हुए सम्झौता कार्यान्वयन कराने के लिए जारी आन्दोलन को निर्णायक बनाने सब विचार मिलने और आन्दोलन में सहभागी रहे संघ संगठन के साथ निरन्तर संवाद हो रहा है, गठबन्धन के एक घटक तथा तराई मधेश राष्ट्रीय अभियान के मोरंङ जिला संयोजक जफर अहमद जमाली ने बताया है । गठवन्धन के संयोजक श्रीराम कामत ने शान्तिपूर्ण ढंग से अपनी माँग पूरी कराने के लिए मधेश केन्द्रित दल एक होकर आगे बढने की और सक्रियता के साथ सहभागी होने की जनता की इच्छा है । गठबन्धन आने वाले पूस २ र ३ गते विराटनगर तथा रंगेली के डायनिया में शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी की है । गठबन्धन में आवद्ध दलों के केन्द्रीय अध्यक्ष तथा नेताओं की उपस्थिति में पुस २ गते विराटनगर के महाविर चौक में विरोध सभा समेत करने की जानकारी संयोजक कामत ने दी है ।

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