संविधान में २५ से ज्यादा मंत्रियों के न रहने की व्यवस्था कार्यान्वन की ऒर

काठमांडू, 10 अगस्त |नियमों के उल्लंघन व पालन की नीति , मंत्रालयों के बनने व घटने का क्रम
 जैसा कि संविधान में २५ से ज्यादा मंत्रियों के न रहने की व्यवस्था होने से सरकार नें इस नियम को ही लागू करने का निर्धारण किया गया  है ।
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इस संदर्भ में मंत्रिपरिषद के अधिकारियों नें विभिन्न ४ विकल्पों को भी दिया है ।
संविधान की प्रक्रिया का प्रारम्भ हो जाने के कारण ही अब ३ से १० तक की संख्या में मंत्रालयों के घटाने का सुझाव दिया गया है । इससे मंत्रालयों की संखया ३१ से २१ तक आने की संभावना है । इसके लिए कुछ मंत्रालयों को मिला देने का भी विकल्प है। जिसमें ५ मंत्रालयों को एक दूसरे में मिलाने की भी संभावना है । साथ ही , ३ मंत्रालयों कों घटाने की व यदि यह संभव न हुआ तो कम से कम २ मंत्रालयों को घटाने का भी सुझाव दिया गया है । जिन मंत्रालयों को घटा सकने की संभावना हैं , उनमें पशुपक्षी विकास, शान्ति व पुनर्निर्माण, तथा सहकारी व गरीबी निवारण  मंत्रालय हैं । एक अंय विकल्प के रुप में मात्र २ मंत्रालयों कों ही घटाने का सुझाव है जिसमें आपूर्ति व पशुपक्षी विभाग हैं ।
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