संविधान संशोधन के क्रम में मधेस, थारु और मगर को न्याय मिलने का प्रधानमन्त्री का वचन

काठमांडू, आश्विन १७ ।
प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ने संविधान संशोधन के क्रम में मधेस, थारु और मगर समुदाय को न्याय हों इस प्रकार से सहमति का प्रयास जारी है बताया ।

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संविधान में सभी के भावनाओं को समेटने का प्रयास किया जा रहा है बताते हुए प्रधानमन्त्री दाहाल ने जनता की आवश्यकता व इक्षाओं का ख्याल करते हुए आगे बढने को वर्तमान सरकार प्रयत्नशील होने की बात की ।
प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में सोमबार सर्वपक्षीय मगर प्रतिनिधियों के साथ भेंट के क्रम में प्रधानमन्त्री ने कहा संघीय संरचना अन्य विषय आधारभूत रुप में मिला हूआ ही है । लेकिन थारु, मधेसी तथा मगर समुदाय के क्षेत्र मिला नही है, अलग अलग है । इस को संशोधन करते वक्त मिलाने का प्रयत्न जारी है । उन्होंने संविधान संशोधन करते हुए कुछ विषय छुट जाने का अनुभव सभी पक्ष को है और उस को आधारभूत रुप में मिलाया जाएग बाताया ।
भेंट में प्रधानमन्त्री ने हिमाल, पहाड तथा तराई सभी के भावना समेटकर आन्तरिक एकता मजबुत बनाने के लिए सरकार क्रियाशील है बताया ।
भेंट के क्रम में मगर पतिनिधियों ने स्वायत्त मगरात प्रदेश का व्यवस्था, समावेशी, समानुपातिक प्रतिनिधि, गाउँपालिका तथा नगरपालिका निर्माण में समुदायिक सघनता के आधार में आदिवासी, जनजाति के प्रथाजन्य कानुन को वैधानिकता देने लगायत के विषय में प्रधानमन्त्री का ध्यानाकर्षण करबाया था ।

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