संविधान संशोधन के लिए वैकल्पिक रास्ता की जरुरत हो सकती है : अनिलकुमार झा

काठमांडू, २२ अप्रिल । राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) नेपाल के अध्यक्ष मंडल के सदस्य नेता अनिलकुमार झा ने कहा है कि अभी राजपा संविधान संशोधन के लिए सरकार को दबाव दे रही है । उनका कहना है कि संविधान संशोधन के खातिर ही दो तिहाई बहुमत के लिए राजपा ने प्रधानमन्त्री चयन करते वक्त एमाले को भोट दिया है, राजपा सरकार में जाने के लिए आतुर नहीं है।
पार्टी स्थापना की प्रथम वार्षिकोत्सवक के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नेता झा ने हिमालिनी से कहा– ‘हम लोग चाह रहे हैं कि एमाले–माओवादी को थोड़ा सा ‘पुस’ करके ही सही, संविधान संशोधन किया जा सके ।’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर दो तिहाई बहुमत होने के बाद भी सरकार संविधान संशोधन के लिए तैयार नहीं है तो उसके लिए राजपा को ही वैकल्पि रास्ता तलाशने की जरुरत रहेगी ।

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नेता झा ने आगे कहा– ‘हम लोग एक साल के अन्दर पार्टी महाधिवेशन करने की तैयारी में हैं । मधेश मुद्दा सम्बोधन के लिए अगर राजपा को वैकल्पिक उपाय तलाश करनी पड़ती है तो वह भी महाधिवेशन से ही तय किया जाएगा ।’ उनका यह भी मानना है कि अगर राजनीतिक पार्टी के पास सत्ता संचालन के लिए बहुमत नहीं है और संविधान संशोधन के लिए भी कोई रास्ता नहीं रहेगी तो उसको सड़क संघर्ष ही करना पड़ेगा ।
नेता झा ने यह भी कहा है कि दो तिहाई बहुमत होते हुए भी अगर एमाले नेतृत्व में निर्मित वर्तमान सरकार संविधान संशोधन के लिए तैयार नहीं है तो एमाले को वोट देनेवाले मधेशी जनता को भी अब एमले के बारे में सोचने की जरुरत है । उन्होंने कहा– ‘तराई–मधेश में एमाले से ज्यादा वोट राजपा ने प्राप्त की है । एमाले ने भी वहां से वोट प्राप्त की । लेकिन जो संघीयता, मधेश प्रदेश, हिन्दी भाषा चाहते हैं, उन लोगों ने एमाले को वोट दिया है तो अब उन लोगों को भी सोचना चाहिए कि दो तिहाई बहुमत प्राप्त करने से भी एमाले संविधान संशोधन के लिए क्यों तैयार नहीं है ?’

 

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