संसदीय सुनवाई समिति में राष्ट्रीय सभा की ओर से ३ सदस्यों के नाम घोषित


हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, ८ जुलाई । 
राष्ट्रीय सभा की बैठक में सभाध्यक्ष गणेश प्रसाद तिमिल्सिना ने संसदीय सुनवाई समिति में राष्ट्रीय सभा की ओर से प्रतिनिधित्व के लिए ३ सदस्यों के नाम घोषित किए । इनमें सुमनराज प्याकुरेल, नंदा चपाई और जितेंद्र नारायण देव शामिल हैं ।
१५ सदस्यों की संसदीय सुनवाई समिति में प्रतिनिधिसभा से १२ और राष्ट्रीय सभा से ३ सदस्यों के शामिल होने का प्रावधान है ।
इस बीच प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने बीते भाद्र १४ गते से फागुन २ गते तक में पूर्व सरकार द्वारा की गई नियुक्ति को खारिज करने के निर्णय को वापस लेने का सरकार को सुझाव दिया ।

इसीतरहा, प्रमुख प्रतिपक्षी नेपाली कांग्रेस के अवरोध के कारण प्रतिनिधिसभा की बैठक नहीं हो सकी ।बैठक के शुरू में ही कांग्रेस के सांसदों ने अनशनरत डॉ. गोविंद केसी के इलाज और जीवन रक्षा संबंधी सार्वजनिक महत्व वाले प्रस्ताव को बहस में लाने की माँग करते हुए बैठक को अवरुद्ध किया था ।

कांग्रेस के प्रमुख सचेतक बालकृष्ण खाँड़ ने संसद में दर्ज हो चुके प्रस्ताव को बहस में न लाने तक बैठक को न चलने देने की बात कही थी । इस पर कांग्रेस के सभी सांसदों ने विरोध जताना शुरू किया था । इसके बाद सभामुख कृष्ण बहादुर महरा ने आधे घंटे के लिए बैठक के स्थगित होने की घोषणा की थी ।

इसके बाद भी बैठक शुरू तो हुई पर कांग्रेस के पुनः अवरोध के कारण सभामुख महरा ने आषाढ़ २५ गते तक के लिए बैठक को स्थगित कर दिया । प्रतिनिधिसभा बैठक में संसदीय सुनवाई समिति में सदस्यों के नाम मनोनयन के लिए प्रस्ताव करने की कार्ययोजना थी ।

इसीतरहा, राष्ट्रीय सभा की बैठक में प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय, रक्षा मंत्रालय, परराष्ट्र मंत्रालय, भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मंत्रालय, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति कार्यालय और राष्ट्रीय योजना आयोग के सचिवालय अंतर्गत विनियोजन विधेयक के विभिन्न शीर्षकों पर बहस हुई ।

बहस में सांसदों ने कहा कि बजट निर्धारित क्षेत्रों की बजाए अन्य स्थानों में खर्च किए जाते हैं । साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि बड़ी सड़क परियोजनाओं के लिए आवंटित रकम पारदर्शी नहीं हैं । सांसदों ने नेपाली सेना में फास्ट ट्रैक के नाम पर अपने नजÞदीकी लोगों की पदोन्नति करने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए सेना का लोकतांत्रिकीकरण, भ्रष्टाचार नियंत्रण, ढिलाई–सुस्ती का अंत लगायत मुद्दों पर जोर दिया था ।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

avatar
  Subscribe  
Notify of
%d bloggers like this: