संसद बैठक : किस नें क्या कहा ? चुनाव से लेकर मधेश मुद्दा तक


हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १९ मई ।
व्यवस्थापिका–संसद की बैठक में विभिन्न दलों के सांसदों ने पहले चरण के स्थानीय तह का चुनाव सम्पन्न होने को लेकर खुशी जाहिर करते हुए अगले चरण के चुनाव को और व्यवस्थित और निष्पक्ष रुप में कराने के प्रति ध्यानाकर्षण कराया ।

बैठक प्रारम्भ होने के साथ सभामुख से समय लेकर नेपाली काँग्रेस के ईश्वरी न्यौपाने ने जीतने वालों को बधाई दी । उन्होंने करिब दो साल पहले आन्दोलन के दौरान कैलाली के टीकापुर में हुई घटना के दोषियों पर कार्रवाई न होने और निर्दाेष कैद में होने की बात पर चिंता जताई ।

नेकपा (एमाले) के राजेन्द्रप्रसाद पाण्डे ने स्थानीय तह के चुनाव के दरमियान कथित तौर पर हुए ‘विभिन्न धाँधली और आचारसंहिता उल्लङ्घन’ लगायत घटनाओं की जाँच के लिए संसदीय छानबिन समिति गठन करने की माँग की । गर्न माग गर्नुभयो । सांसद पाण्डे ने प्रधानन्यायाधीश के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव को वापस लेने की भी माँग की ।

राप्रपा की कुन्तीकुमारी शाही ने सरकार और सत्तारुढ दलों पर चुनाव में पैसा और शक्ति का प्रयोग करने का आरोप लगाती हुई आगामी चुनाव में इस तरह का रवैया न दोहराने का आग्रह किया । उन्होंने इस बात को लेकर भी आपत्ति जताई कि चुनाव में मारे गए अन्य जिलों के लोगों को शहीद घोषित किया गया लेकिन कालीकोट में मारे गए उनकी पार्टी से वार्ड अध्यक्ष उम्मीदवार धनु बटाला को सरकार ने शहीद की सूची में शामिल नहीं किया ।

वहीं राष्ट्रिय जनता पार्टी के जङ्गीलाल यादव ने संविधान संशोधन के बगैर अगले चरण का चुनाव न कराने के प्रति ध्यानाकर्षण कराते हुए चुनाव से पहले तराई–मधेस के ११ जिलों में स्थानीय तह की सङ्ख्या को बढ़ाने की माँग की । साथ ही उन्होंने कहा कि चूँकि जेठ ३१ गते को मुसलिम समुदाय का रमजÞान पर्व शुरू होता है, इसलिए ये तिथि चुनाव के लिए उपयुक्त नहीें होगा ।

मौके पर नेपाल मजदुर किसान पार्टी के प्रेम सुवाल ने कहा कि दो चुनावों के बीच सरकार परिवर्तन और बजट प्रस्तुति जैसे कामों को आचारसंहिता के विपरीत बताते हुए कहा कि स्थानीय तह की सङ्ख्या को बढ़ाना अनुचित होगा ।

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