संसद में वहस जारी,सत्तारूढ़ एमाले के सांसद द्वारा प्रधानमन्त्री नही हटने का संकेत

काठमाण्डू, साओन ८
केपी ओली सरकार के विरुद्ध संसद में पेश किया गया अविश्वास के प्रस्ताव के उपर आज शनीवार को भी वहस जारी है । सत्तारूढ़ एमाले के अधिकांस सांसद अविश्वास के प्रस्ताव पारित होने के बाद भी प्रधानमन्त्री नही हटने का संकेत दे रहें हैं | उनके अनुसार नया प्रधानमन्त्री बनने के लिए संविधान में संसोधन जरूरी है | इसलिए अविश्वास प्रस्ताव वापस लेकर सहमति करने पर जोड़ दे रहें है | लेकिन बिपक्षी दल अपना तर्क दे रहें हैं |
बैठक में बोलते हुए रमेश खरेल ने कहा नेपाल के सांसद प्रधानमन्त्री हटा सकते है तथा दुसरे प्रधानमन्त्री चयन नहीं कर सकते तर्क करने वालों से मेरा प्रश्न है की यह कैसा  संसदीय प्रणली है ? २९८ धारा आन्तरिम संविधान के धारा ३८ को लाकर रखा गया प्रावधान है । अतः उस धारा से प्रधानमन्त्री चयन, उसका विश्वास, अविश्वास करते हुए नया प्रधानमन्त्री बनाया जा सकता है ।

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वहज में सहभागी होते हुए सदभावना पार्टी के लक्षमणलाल कर्ण ने इस से पहले प्रचण्ड, माधवकुमार नेपाल ने अविश्वास के प्रस्ताव न आने पर भी राजीनामा दे  दिया था कहा | लेकिन वर्तमान सरकार अविश्वास प्रस्ताव पारित किया जाने का क्रम में भी कुर्सी नहीं छोडेगें अडान लिए बैठी है बताया । उन्होंने ३३८ सदस्य से ८२ सदस्य फिर्ता होने के बाद भी इस सरकार के विषय में वहस नहीं करना पडेगा ऐसा लगा था बताया । कर्ण ने तीन विधेयक असफल होने के बाद भी ये वहस जारी रहना क्या दिखता है ? प्रतिप्रश्न किया ।
वहीं लम्बे समय से संसद बैठक बहिष्कार करता आ रहा मधेसी मोर्चा ने कांग्रेस–माओवादी द्वारा केपी ओली सरकार विरुद्ध अविश्वास के प्रस्ताव लाने के बाद बैठक में सहभागी हुई है ।

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