सतरंगी फिल्म “मधेश आंदोलन ४” आ रहा है, एडवांस बुकिंग चालू है : मुरलीमनोहर तिबारी

मुरलीमनोहर तिबारी (सिपु), बीरगंज ,२३ जुलाई |

हिट ! हिट !! हिट !!! सुपर हिट !!!! जी हां, मार- धार, एक्सन से भरपूर मधेश “आंदोलन-४”, बहुत जल्द आपके नजदीकी सिनेमाघर में आने वाली है, इसमें इमोशन है, ड्रामा है, ट्रेजडी है, इतना ही नहीं, इस बार इसमें पैट्रियोटिक और कॉमेडी भी है। गीत-संगीत, डायलॉग, और पटकथा के लिए सलीम-जावेद से बात चल रही है। करण जौहर, महेश भट्ट और राम गोपाल वर्मा का संयुक्त निर्देशन रहेगा।

मधेश के मंझे हुए कलाकारो को अनुबंधित किया जाएगा। पब्लिक डिमांड को ध्यान में रखकर थारुओं के राष्ट्रीय स्तर के कलाकार का गेस्ट अपियरेंस भी रखा जाएगा। “लाठी-फट्टा लेके होजा तैयार नेपाल अभिन बन्दे बा” के तर्ज पर भोजपुरी के तड़कते-भड़कते आइटम गाने होंगे।

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“मधेश आंदोलन १” में मधेश के मशीहा का मेन रोल था। “आंदोलन २” में सीनियर कलाकार महंथ  और एक्शन हीरो राजेंद्र को भी लाया गया था। “मधेश आंदोलन ३” में बम्बईया मसाला फिल्मों की तरह इन तीनों में ढिशूम-ढिशूम भी हुआ। ये प्रेम त्रिकोणीय फिल्म थी, लेकिन “आंदोलन ४” सतरंगी फिल्म होगी।

“मधेश आंदोलन ४” में सात हीरो को रखा जाएगा, जिससे पूरा पैसा वसूल होगा। टिकटों को बेचने के लिए, पहले ही हॉउसफुल का बोर्ड लगा कर टिकट ब्लैक में बेचा जायेगा, जैसे आंदोलन ३ में  नाका बंद होने के बाद भी तस्करी कराई जाती थी। फिल्म की पाइरेसी भी खुद ही कराई जाएगी, जैसे खुद ही तीन नाका खुला छोड़ा गया था।

“आंदोलन १” में कोइराला को मोकैम्बो, “आंदोलन २” में कोइराला को फिर मोकैम्बो, माधव नेपाल को शाकाल और प्रचंड को गब्बर के गेटअप में खलनायक का रोल दिया गया था। “आंदोलन ३” में ओली का अकेले डॉक्टर डैंग वाला दमदार किरदार रहा। “आंदोलन ४” में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खलनायकों को मुख्य भूमिका दी जायेगी।

पुरानी दुर्घटनाओं को कम करने के मद्देनज़र, इस बार इसमें १ सेकंड का डिस्क्लेमर रखा जाएगा, जिसमे लिखा होगा, इस फिल्म में सभी पात्र काल्पनिक है, इसका किसी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई सबंध नहीं। इसे सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से देखे। इसे सत्य मानकर मधेश मुक्ति के ख्वाब ना देखे अन्यथा फ़िल्मकार जिम्मेवार नहीँ होंगे।

फिल्म बनने के बाद इसके हीरो फिल्म प्रोमोशन के लिए मधेश के गली-गली में जाएंगे। इसके डायलॉग बोलकर तालिया बटोरेंगे, दर्शको को पचास-पचास लाख के लकी ड्रा का ऑफर करेंगे। शहीदों की मजारों का रंग रोगन होगा, सेल्फियां खिंचाई जाएंगी। गरीब, दलित के घर खाना भी खाएंगे। जल्दी कीजिये एडवांस बुकिंग चालू है।

इस फिल्म का बजट ज्यादा होने के कारण फ़िल्मकार कई ओवरसीज राइट्स बेच कर धन जुटा रहे है। डोमेस्टिक राइट्स भी पहले ही बेच कर “आगामी सरकार” फिल्म में अतिथि में शामिल हो रहे है। सेंसर बोर्ड से फिल्म पास कराने के लिए नई लिखित सहमति की बात हो रही है। जबकि हक़ीक़त है कि बोर्ड मेम्बर के दो तिहाई सदस्य के सहमति के बगैर फिल्म का कोई भी दृश्य पास नही हो सकता।

“आंदोलन १” को बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला था। “२” को भी कई अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड मिले। “आंदोलन ३” को फिल्म फेयर अवार्ड देने के लिए दिल्ली बुलाया गया था। “आंदोलन ४” इन्हें ऑस्कर अवार्ड मिलने की उम्मीद है। हालाकि फिल्म की रिलीज के समय ही कुछ आर्ट फिल्में भी आने वाली है, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर परेशान है की कही कम बजट वाली आर्ट फिल्म हिट हो जाएं और ये फिल्म पिट ना जाएं। अगर फिल्म पिट भी गई तो दक्षिण के दबाब में ऐसी फिल्म बनी कहकर बचने का जीवन बीमा भी होगा।

जिस प्रकार “बाहुबली” में इस प्रश्न का उत्तर नहीं मिला की कट्टपा ने बाहुबली को क्यों मारा, उसी तरह “मधेश आंदोलन १ से ४” तक में इस यक्ष प्रश्न का उत्तर नही मिलेगा की मधेश की समस्या का हल कैसे और कब होगा ? (व्यंग)
जागो मधेशी, जागो । जय मधेश।।

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