सत्मार्ग अभियान प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

100_7385नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, २०७१ पौष १५ गते ।
सत्मार्ग अभियान नेपाल ने सत्मार्ग अभियान प्रशिक्षण कार्यक्रम नेपालगन्ज में शुरु किया है । नेपालगन्ज उप– नगरपालिका वार्ड नं.१ धम्बाझी वाटरपार्क के पास शिवशंकर पार्वती देबी धर्मशाला के प्राङगण में पौष ९ गते से चली कार्यक्रम १३ गते को सम्पन्न हुआ है ।
समापन कार्यक्रम में पूर्वीय तथा वेदान्तदर्शन के व्याख्याता नेपाली का“ग्रेस के पूर्व सभासद् एवं विश्वहिन्दू महासंघ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष डा.मिठाराम विश्वकर्मा के द्वारा विशेष मार्गोद्बोधन हुआ था ।
राष्ट्र–राष्ट्रीयता, संस्कृति, परम्परा, सभ्यता, सनातन हिन्दू धर्म, धर्ती माता की महिमा, पूर्र्वीय–दर्शन, मौलिकता लगायत स्वास्थ्य, शिक्षा, शारीरिक और मानसिक विषयक कार्यक्रम में प्रशिक्षण होगी । देशव्यापी अभियान के रुप में  100_7406पहली बार नेपालगन्ज में शुरु हुआ प्रशिक्षण में सत्मार्ग अभियान के राष्ट्रीय महासचिव खेमनाथ आचार्य, सत्मार्ग अभियान नेपाल राष्ट्रीय केन्द्रीय सदस्य, विश्व हिन्दू महासंघ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष तथा नेपाली का“ग्रेस के पूर्व सभासद् डा. मीठाराम विश्वकर्मा, चैतन्य कृष्ण जी, सत्मार्ग अभियान नेपाल ध्रुव अर्याल लगायत लोगों ने विभिन्न विषय में प्रशिक्षण दिया ।
अध्यात्म के वैज्ञानिक, अन्तराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक लगायत लोगों ने प्रशिक्षण देने की कार्यक्रम रहा है । सत्मार्ग अभियान नेपाल के केन्द्रीय सदस्य, क्षेत्रीय संयोजक गोविन्द प्रसाद पहाडी ने बताया है । विद्यार्थी, वुद्धजीवी, धार्मिक लगायत जनसमुदाय लोगों की  उपस्थिति रही थी । सुबाह ५ बजे से रात को १० बजे तक प्रशिक्षण सञ्चालन हुई थी संयोजक पहाडी ने बताया है ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में गौरीशंकर संस्कृतग्राम रामेछाप के संस्थापक अध्यक्ष तथा धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तोता आचार्य जनार्दन घिमिरे, जनजाति कल्याण आश्रम के संगठनमन्त्री प्रेम थुलुङ्ग, ब्रह्माण्डीय सनातन धर्म महासभा के 100_7392केन्द्रीय महासचिव दीपक सुवेदी, शिक्षासेवी प्राचार्य ध्रुव अर्याल, सनातन धर्म–अध्यात्म के वैज्ञानिक प्रवचक प्रखरवक्ता चैतन्यकृष्ण जी, संस्कार पाठशाला निर्माण अभियान की अभियन्ता श्रीदेवी घिमिरे, सत्मार्ग अभियान के राष्ट्रीय महासचिव  खेमनाथ आचार्य, शिक्षासेवी प्राचार्य किरण आचार्य, विश्व हिन्दू महासंघ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष तथा नेपाली का“ग्रेस के पूर्व सभासद् डा. मिठाराम विश्वकर्मा, गोवर्ती योगी सोमराज लगायत लोगों ने सम्बोधन तथा प्रशिक्षण बौद्धिक दिया था ।
प्रशिक्षण बौद्धिक सम्बोधन में आचार्य और घिमिरे से काई भी महादेश में हिमाल और सागर के सम्बन्ध विना वहा“ की प्राकृति संरचना सञ्चालन न होना और हमाने हिमाल इमाने इन्दु अर्थात हिमाल और इन्दु (समुद्र)को जो सभ्यता है उस को हिन्दू कह गया है । हिन्दूसभ्यता विना सृष्टि की पद्धति ही नही चलेगी तथा कोई भी मानव समुदाय की सभ्यता नही चलेगी विश्वब्रह्माण्ड ही हिन्दूसभ्यता में रुकी है ।
हिन्दू से बाहर कोई भी नही है वैज्ञानिक दृष्टिकोण रक्खा था जिस में प्रशिक्षार्थी बहत ही  उत्सुक थे । इसी तरह जनजाति के संगठनमन्त्री थुलुङ्ग के प्रशिक्षण से और रौनक हुआ था कि यत्रतत्र सर्वत्र जनजाति आदिवासी अहिन्दू है कहकर भ्रामक हावाए“  फैलाए“ हुयें है अभी के परिपेक्ष में थुलुङ्ग ने असली रुप में हिन्दू कहने के मतलब यहा“ के आदिवासी है विषय को पुष्टि किया था ।
जनजाति आदिवासी के मूल धर्म किरा“तसभ्यता के बारे में तथ्य में आधारित वहा“ के बौद्धिक प्रशिक्षण ने वर्तमान नेपाल में जनजाति आदिवासी को उसका कर उन लोगों की बुद्धि खतम करने की काम विभिन्न षड्यन्त्र के रुप में हो रही है, राष्ट्र को विखण्डन कराने की  तत्वों की चलखेल बढ रही है बताया ।
डा. मिठाराम विश्वकर्मा से सनातन धर्म के दर्शन और सिद्धान्त विपरित समाज में धर्म को ही खराब करके अमानवीय रुप में जातीय लगायत के विभेद चल रही है और वैसा चलन को हटाने के लियें सनातन धर्म के बारे में जनचेतना बढाना आवश्यक रही है धारणा रक्खा था  । प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में स्थानीय सर्वसाधारण और सहभागी प्रशिक्षार्थीयों ने सन्तोषपूर्ण अभिव्यक्ति दिया था । प्रशिक्षण वर्गाधिकारी गोविन्द पहाडी के अध्यक्षता में सु–सम्पन्न हुआ है ।

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