सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में गांधी जी के विचारों को घर-घर पहुंचायेंगे : नीतीश

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*मोतिहारी.मधुरेश*~राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार देश और समाज के लिए हमेशा प्रासांगिक रहेंगे। गांधी जी के आदर्शों पर चलकर ही हम बेहतर राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बापू की कर्मभूमि चंपारण के मोतिहारी में सर्व जन संघ के बैनर तले आयोजित चंपारण सत्याग्रह शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। सीएम ने कहा कि वे चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में महात्मा गांधी के विचारों को घर-घर पहुंचाएंगे। शताब्दी वर्ष 10 अप्रैल से आरंभ होगा, जो 21 अप्रैल 2018 तक चलेगा। स्कूलों मेें बापू से जुड़े पाठ पढ़ाए जाएंगे। बापू से जुड़े स्कूलों का विकास किया जा रहा है। मोतिहारी के एमएस कालेज के मैदान में सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू के सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में 17 अप्रैल को पटना में पूरे देश के स्वरंतत्रता सेननियों को सम्मानित किया जाएगा। पटना में ही चंपारण सत्याग्रह को लेकर 10 अप्रैल को गांधी विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसे राष्ट्रीय विमर्श कार्यक्रम का नाम दिया गया है। इसमें राष्ट्रपति प्रवण मुखर्जी को भी आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में देश को आगे ले जाने पर विचार विमर्श किया जाएगा, मानवता की सेवा को लेकर चर्चा की जाएगी और सामाजिक सदभाव किस प्रकार कायम रहे इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। सीएम ने कहाकि बापू से जुड़ी जानकारियां और उनकी जीवंतस्मृति के लिए सरकार तत्पर है। नई पीढ़ी को बापू के विचारों से ओतप्रोत करने का कार्यक्रम चलाया जाएगा। उन्होंने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि जिस प्रकार सामाजिक सदभाव बिगड़ रहा है वह अच्छा संकेत नहीं है। क्योंकि असहिष्णुता का वातारवरण लगातार बनता जा रहा है। इंगलैंड, अमेरिका, आस्ट्रेलिया आदि देशों का उदाहरण भी उन्होंने दिया और बताया कि वहां सामाजिक तानाबाना टूटने लगा है। उन्होंने गांधीवादियों से अपील किया कि वे भी राष्ट्रीय विमर्श के इस कार्यक्रम में भाग लें। चंपारण सत्याग्रह सिर्फ याद करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि वह आज के संदर्भ में कितना प्रासंगिक है इस पर विचार करना होगा। देश को कहां ले जाना है इस पर चिंता और चिंतन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में गांधी के विचारों से ही सामाजिक असहिष्णुता का समाधान हो सकता है। सीएम ने गांधीवादियों से देश का एजेंडा तय करने को कहा और आग्रह किया कि इसपर वे कार्य करें अन्यथा देश में जो धारा चल पड़ी है उससे मुकाबला करना कठिन हो जाएगा। नीतीश ने कहा कि चंपारण में गांधी से जुड़े स्थलों को विकसित किया जाएगा। इस अवसरत पर गांधी स्मृति यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। यह बापू से जुड़े सभी स्थलों तक जाएगी। बापू से जुड़े स्थलों तक स्तंभ लगाया जाएगा। स्मारक भी निर्मित किया जाएगा और जहां बापू की प्रतिमा नहीं होगी वहां इसे स्थापित भी किया जाएगा। चंपारण सत्याग्रह से जुड़े सभी स्थल विकसित होंगे और उससे जुड़नेवाली सड़कों को भी विकसित किया जाएगा। सीएम ने कहा कि चंपारण का महत्व काफी है क्योंकि बापू ने यहीं से सत्याग्रह के माध्यम से आजादी का बिगुल फूंका था। इसके लिए उन्होंने सामाजिक अध्ययन कर लोगों की दशा सुधारते हुए खुद को इससे जोड़ा था।प्रकृति से छेड़छाड़ नहीं चाहते थे बापू। उन्होंने कहा कि बापू प्रकृति के करीब रहना चाहते थे और इसमें कोई छेड़छाड़ उन्हें पसंद नहीं थी। पर्यावरण असंतुलन के कारण इस वर्ष गंगा नदी ने भयावह रूप धारण कर लिया था। उन्होंने जलपुरुष राजेंद्र सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि गंगा की अविरलता के लिए वे लगातर संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार नमामि गंगे नाम से एक कार्यक्रम आरंभ की है, जिसमें गंगा की सफाई पर ज्यादा फोकस किया गया है, लेकिन इसकी अविरल प्रवाह को लेकर किसी को चिंता नहीं है। उन्होंने बिहार में गंगा के उफानके लिए फरक्का बांध में जमे गाद को जिम्मेवार बताया और कहा कि इसके चलते बिहार में बाढ़ की समस्या बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व की मनमोहन सरकार भी गंगा की अविरलता को लेकर पहल की थी, लेकिन वह परवान नहीं चढ़ पाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू ने प्राकृतिक चिकित्सा दो पूरे देश से विलुप्त हो रही थी को पुनर्स्थापित किया। आज इसकी जरूतर है। उन्होंने चंपारण में अपने प्रवास के दौरान भी लोगों की ज्यादातर चिकित्सा प्राकृतिक रूप से की थी।

IMG-20170323-WA0004मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद बिहार को पूरी तरह नशामुक्त बनाने की दिशा में हम कदम बढ़ा चुके हैं। इसका आरंभ भी किया जा चुका है। पिछले 21 जनवरी को पूरे बिहार में चार करोड़ लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर इसका सबूत पेश कर दिया। उन्होंने शताब्दी वर्ष में बापू के नशाबंदी के सपने को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इस अवसर पर उन्होंने अब तक शराबबंदी के लिए किए गए कार्यों को गिनाया।राज्य के मानव संसाधन विकास मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया औऱ् कहा कि यह सामाजिक माहौल खराब करने में लगी हुई है। देश में गांधी विरोधी शक्तियां हावी हो रही है। केंद्र सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि बापू की हत्या पर झूमनेवाले लोग आज देश चला रहे हैं। गोड्से की मूर्तियां लगायी जा रही है। सामाजिक सदभाव नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि अब तक बापू की विचारधारा जन-जन तक नहीं पहुंच पायी है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने गांधी सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में शिक्षा विभाग को नोडल बनाया है। सबसे ज्यादा 24 हजार करोड़ शिक्षा विभाग को ही आवंटित किए गए हैं। कार्यक्रम को बापू के पौत्र तुषार गांधी, डा. रामजी सिंह आदि ने संबोधित किया। गांधीवादी पूर्व मंत्री ब्रजकिशोर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में स्वामी अग्निवेश, जलपुरूष राजेंद्र सिंह, मेघा पाटकर, महादेव विद्रोही, रमन कुमार, डा. एसएन सुब्बा राव, सीबी राजगोपाल, जयंत मटकर, रीता महादेव, आदित्य पटनायक, अशोक मोदी सहित अन्य गांधीवादी मौजूद थे। इससे पूर्व हेलीकाप्टर से उतरते ही एम एस कॉलेज के मैदान में सीएम को पुलिस प्रशासन की ओर से गार्ड अॉफ अॉनर दिया गया। आयोजकों की ओर से सीएम को चरखा भी भेंट किया गया। सम्मेलन में लोगों की भारी भीड़ को देखकर सीएम गदगद हो गये।

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