सद्भावना पार्टी में प्रवेश की लहर : विनोदकुमार विश्वकर्मा

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विनोदकुमार विश्वकर्मा ‘विमल’, काठमाण्डू, कात्तिक–५ । मधेशी समुदाय को देश की शासन प्रणाली में पहुंच, पहचान व प्रतिनिधित्व कराने के उद्देश्य से आज से २६ साल पूर्व सद्भावना पार्टी की स्थापना हुई है । यह मधेश के सबसे सशक्त एवं संगठित राजनीति दल है । मधेश के कोई ऐसा गांव, मोहल्ला, नगर एवं क्षेत्र नहीं है, जहां सद्भावना पार्टी के कार्यकर्ता, शुभेच्छुक एवं नेता न हों । इन सभी क्षेत्रों में कार्यकर्ता एवं नेता संगठित हैं । और संगठित समितियों के द्वारा ईमानदारी से आम जनता की समस्याओं का समाधान हेर्तु सदैव तत्पर रहते हैं ।

सद्भावना पार्टी के अनुशासित एवं सुसंगठित अवस्था को देखकर तथा विगत के दिनों में हुए मधेश आंदोलन में पार्टी द्वारा निर्वाहक भूमिका की वजह से आकर्षित होकर मधेश पे्रमी लोग सद्भावना पार्टी में शामिल हेतु आतुर हैं । और हजारों मधेशी समुदाय पार्टी की सदस्यता लेकर शामिल भी हो गये हैं । इतना ही नहीं, तथाकथित मधेशवादी पार्र्टीयों में नेतृत्व की अदूरदर्शिता, अनुशासनहीनता एवं मधेश के मुद्दों से विमुख होने की वजह से तत् पार्टीयों के शीर्ष नेतागण भी सद्भावना पार्टी के प्रति आकर्षित हुए हैं । लोगों का मानना है कि जिस पार्टी ने हमें नागरिक प्रमाणपत्र दिलायी, जो हमें आरक्षित कर सकती है, जो मधेशियों को सुरक्षित कर सकती है, जो हमारी भाषा, वेशभूषा की मान्यता हेतु सदैव लडती है, और मधेशवाद का संस्थापक स्व. गजेन्द्रनारायण सिंह थे एवं वर्तमान में जिसका अध्यक्ष राजेन्द्र महतो हैं, वही हमें हमारी समस्याओं से मुक्ति दिला सकते हैं । इन्हीं विचारों के बल पर सद्भावना पार्टी आगे बढ रही है । और तमाम मधेशी जनता को आश्वस्त कराती आई है कि सद्भावना पार्टी मधेशवाद के प्रति कटिबद्ध थी, है और रहेगी ।
सद्भावना पार्टी ही एक ऐसी पार्टी है जो मधेश के हर गांव में सुसंगठित एवं अनुशासित है । वर्तमान में हर गांव, नगर एवं क्षेत्र में पार्टी के विभिन्न वर्गीय मंच संगठित है । और दिन–प्रति–दिन राजनीतिक, सांगठनिक सुदृढीकरण जैसे कार्यक्रमों का आयोजना होता रहता है जिससे मधेश के लोग ऊर्जस्वित बने रहे ।

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पिछले एक वर्ष में जितने लोग सद्भावना पार्टी में शामिल हुये, उतने अन्य पार्टीयों में नहीं हुये हैं । सद्भावना पार्टी में निम्न कारणों से लोग प्रवेश करते हैं– नेतृत्व के उदारचरित, नीति एवं आरक्षण संबंधी प्रष्ट धारणा, मधेश के मुद्दों में समर्पित, विभिन्न आंदोलन में सक्रिय एवं अहम् भूमिका, स्व. गजेन्द्रनारायण सिंह के सिद्धान्त प्रति कटिबद्ध आदि ।
इसी सिलसिले में करीब छह महीने पूर्व संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के पल्टन ठाकुर, सीता शरण ठाकुर, डॉ. रीना यादव, साधना यादव, विनोदकुमार विश्वकर्मासहित मधेशी टेड युनियन महासंघ नेपाल के करीब ५०० से अधिक कार्यकर्ता सद्भावना पार्टी में प्रवेश किए । पल्टन ठाकुर, सीता शरण ठाकुर, डॉ. रीना यादव, साधना यादव, मधेशी टेड युनियन महासंघ नेपाल के जिम्मेदार पद में थे और विनोदकुमार विश्वकर्मा संघीय समाजवादी फोरम नेपाल से प्रकाशित मासिक पत्रिका लोकसत्ता के सम्पादक थे । इसी प्रकार सिरहा के बी.के. महतो और निर्मला देवी महतो भी शामिल हुये हैं ।

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इसी प्रकार मोरङ में संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के जिला कार्य समिति के सचिव राधे कामत, सदस्य लक्ष्मण साह, भोगेन्द्र यादव, कन्हैया लाल साह, ओम प्रकाश अग्रवाल एवं नेकपा माओवादी सहित अन्य पार्टीयों के १४० से अधिक नेता व कार्यकर्ता शामिल हुये हैं ।
सुनसरी में राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के सुकदेव मेहता एवं नन्दलाल मेहता, मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल (लोकतांत्रिक) के देवनारायण महतो, नेकपा माओवादी के जिला इन्चार्ज शत्रुघ्न साह एवं कार्यकर्ता धु्रव पंडित सहित अन्य पार्टीयों के ८०० से अधिक कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता लेकर प्रवेश किये हैं । इस जिले में सबसे ज्यादा नेकपा माओवादी के युवा कार्यकर्ताएं शामिल हुये हैं ।
इसी वर्ष सप्तरी व सिरहा में भी विभिन्न दलों के नेता तथा कार्यकर्ता शामिल हुये हैं । धनुषा में नेकपा माओवादी के अगेश्वर ईश्वर, दिनेश यादव, दुखिया पासवान, नेकपा (एमाले) के सुरेश साह एवं सुनिल शिवहरे तथा नेपाल सद्भावना पार्टी के रामकुमार महतो सहित ५०० से अधिक नेता तथा कार्यकर्ता पार्टी की सदस्यता लेकर प्रवेश किये हैं । इसी प्रकार डॉ. चन्द्रकिशोर साह भी शामिल हुये हैं ।
महोत्तरी जिले में मधेशी जनअधिकार फोरम (लोकतांत्रिक) के केन्द्रीय सदस्य दिपु साह हलुवाई सहित अन्य पार्टीयों के नेता तथा कार्यकर्ता भी सद्भावना पार्टी में शामिल हुये हैं ।
सर्लाही में मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल (गणतांत्रिक) के केन्द्रीय सदस्य विजय यादव एवं जिला सचिव वीरेन्द्र यादव, संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के राजकुमार यादव, मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल (लोकतांत्रिक) के अंजनी यादव, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेपाल के उपेन्द्र यादव तथा नेपाली कांगे्रस के शिव देव राय एवं पिताम्बर राय भी सद्भावना पार्टी में शामिल हुये हैं । इसी प्रकार अन्य दलों के ३०० से अधिक नेता, कार्यकर्ता भी पार्टी की सदस्यता सहित प्रवेश किये हैं ।
रौतहट में भी विभिन्न पार्टीयों के वरिष्ट नेता तथा कार्यकर्ता शामिल हुए हैं । बारा जिले में नेकपा (एमाले) से निर्वाचित पूर्व गाविस उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह, नेकपा माओवादी के विजय पटेल, मनोज पटेल एवं बनारसी मुखिया, तराई–मधेश लोकतांत्रिक पार्टी के भगवान् पटेल एवं सुलेन मुखिया, संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के ठकुरी सहनी एवं भिखारी पटेल सहित २०० से अधिक नेता तथा कार्यकर्ता शामिल हुये हैं ।
इसी क्रम में पर्सा जिले में जनता दल के केन्द्रीय सदस्य ज्वाला माली, मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल (लोकतांत्रिक) के जिला अध्यक्ष किशोरी यादव, नेपाली कांगे्रस के विजय पटेल, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के केन्द्रीय सल्लाहकार गगनदेव यादव, नेपाल जनता दल (लोहिया पार्टी) के केन्द्रीय सदस्य किरण वर्मा पार्टी की सदस्यता सहित शामिल हुये हैं । इसी प्रकार अन्य पार्टीयों के १२०० से अधिक नेता तथा कार्यकर्ता भी प्रवेश किये हैं । सद्भावना पार्टी में प्रवेश की लहर में दिन–प्रति–दिन वृद्धि हो रही है ।

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