सन्त निंरकारी मण्डल नेपाल शाखा, नेपालगन्ज द्वारा रक्तदान

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नेपालगन्ज,(बॉके) पवन जायसवाल, २०७४ बैशाख ११ गते ।
सन्त निंरकारी मण्डल नेपाल शाखा, नेपालगन्ज ने रक्तदान कार्यक्रम का आयोजन किया ।
नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका वार्ड नं. ७ फुल्ट्रेक्रा स्थित सन्त निरंकारी मण्डल शाखा नेपालगन्ज में सुबाह ९ बजे से ही रक्तदान करने की शुरुवात किया था ।
मानवता दिवस की अवसर पर शाखा ने हरेक वर्ष जैसे इस वर्ष भी रक्तदान कार्यक्रम की आयोजन किया गयासन्त निंरकारी मण्डल नेपाल शाखा, नेपालगन्ज के अध्यक्ष शिव प्रसाद गोडिया ने बताया ।
रक्तदान कार्यक्रम में ७३ लोगों ने रक्तदान किया था जिस में १४ लोग महिला और ५९ लोग पुरुष करके ७३ लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया ।
रक्तदान करनेवालों में सूरज सोनी, लल्लु निषाद्, महादेवी राना, नरेन्द्र राना, भूषण शर्मा, सुदीप प्रताप सिंह, नेपाली सेना के डा. प्रतीक रेग्मी, चक्र बहादुर बुढाथोकी, दिल बहादुर बुढाथोकी, राज कुमार गोडिया, जीवन मौर्या, सुशील कुमार मौर्या, सूरज थापा, सरोज गुप्ता, निरु रेग्मी, नवीन शाक्य, सुनील कनौजिया, सन्जु रेग्मी, आशीष वर्मा, हितेष भारती, सुरज देवकोटा, किरन सोनी, माया बस्याल, मनोज गोडिया, रोहित घरुक, शंकर बस्याल, पंकज कुमार निषाद्, दिपक गुप्ता, रबि साहू, राहुल कस्यप, राम चन्द्र भट्टराई लगायत ७३ लोगों ने रक्तदान किया ।
रक्तदान कार्यक्रम में नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बा“के शाखाद्वारा सञ्चालित क्षेत्रीय रक्तसञ्चार सेवा केन्द्र नेपालगन्ज की प्राविधिक सहयोग में किया गया था । प्राविधिक सहयोग करनेवालों में केन्द्र के प्रमुख उपेन्द्र रेग्मी, सोम प्रकाश सापकोटा, सुनीता कुमाई, सरिता सिंह, होम गिरी, रबिन्द्र कुमार मिश्र, तेज बहादुर डा“गी लगायत लोगों ने सहयोग किया था । सन्त निंरकारी मण्डल नेपाल शाखा, नेपालगन्ज ने भोजन की व्यवस्था भी किया था । इसी तरह की विभिन्न कार्यक्रम करते आ रहा है ।
निरंकारी मिशन का यह प्रचार सन् १९२९ में बाबा बूटा सिंह जी ने पेशावर से आरम्भ किया था । सन् १९४३ में बागडोर बाबा अवतार सिंह जी ने सम्हाली । सन् १९६२ में इस सच्चाई की बागडोर बाबा गुरबचन सिंह जी को सौंपी गई ।
अप्रैल १९८० में बाबा गुरबचन सिंह जी के बलिदान के बाद सद्गुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने इस जिम्मेवारी का निर्वाह किया । मई २०१६ से इस दिव्य जिम्मेवारी का निर्वाह सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी महाराज कर रही हैं ।
सन्त निरंकारी मिशन इस मान्यता में विश्वास रखता है कि निराकार परब्रम्हा जहा“ सृष्टि के कण–कण में व्यप्त है, वहीं यह सम्पूर्ण दृश्यमान जगत से न्यारा भी है । सम्पूर्ण दृश्यमान सृष्टि माया है जो परिर्वतनशील है । इस पंच – भौतिक सृष्टि के परिवर्तित होने पर भी जो अस्तित्व सदैव स्थायी, स्थिर और एकरस है, वही निराकार पारब्रम्हा है । परमात्मा निराकार होते हुये भी अनुभूतिगम्य है, जानने योग्य है । वास्तव में निरंकार परमात्मा को जानना ही मानव जीवन का मूल उद्देश्य है ।
आज सद्गुरु माता जी मानवता के कल्याणार्थ समाज–कल्याण के अनेक कार्यक्रम विश्वभर में चला रही हैं । इन में रक्तदान शिविर, नेत्र चिकित्सा, स्वास्थ्य की जा“च शिविर आदि तो एक निरन्तर प्रक्रिया ही बन गये हैं । निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का प्ररेणा वाक्य है । “रक्त नाडियों में बहे, नालियों में नहीं” मिशन रक्तदान देकर बहुमूल्य जीवन बचा रहा है । ब्रम्हा विद्या के साथ–साथ अनेक शिक्षण संस्थाए“ विभिन्न स्थानों पर चलाई जा रही है ताकि छात्र लौकिक शिक्षा प्राप्त करके अच्छे नागरिक बन सकें इनका चरित्र निर्माण हो सके । सद्गुरु माता जी ने सादा शादियों और नशा मुक्ति को बढावा देकर हजारों परिवारों को राहत ही है ।

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