‘सन् १९५० की संधी परिमार्जन के लिए नेपाल–भारत सहमत’

काठमांडू, २३ आश्वीन । नेपाल–भारत बीच सन् १९५० में संपन्न ‘शान्ति तथा मैत्री संधी’ परिमार्जन के लिए दोनों देश सहमति के करिब पहुंचे हैं । नेपाल–भारत प्रबुद्ध व्यक्ति समूह (ईपीजी) की ५वीं बैठक में इसके संबंध में सहमति बनी है, –बैठक में सहभागी नेपाली पक्षों का ऐसा कहना है ।
आइतबार सम्पन्न ईपीजी बैठक के बाद आयोजित पत्रकार सम्मेलन में बोलते हुए नेपाली पक्ष के संयोजक डॉ. भेषबहादुर थापा ने कहा कि अब सन् १९५० की ‘शान्ति तथा मैत्री संधी’ पुरानी ही अवस्था में नहीं रहेगी, ९ महिना के अंदर उसमें परिमार्जन किया जाएगा । संयोजक थापा का कहना है कि संधी में जो कुछ भी लिखा हो, अब उसमें परिमार्जन किया जाएगा ।


पत्रकारों से उन्होंने कहा– ‘हम दो देश के प्रतिनिधि हैं, लेकिन एक हो कर काम कर रहे हैं । बहुत विषयों में सहमति हुआ है । अब ९ महिना के बाद निचोड के साथ साझा प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा ।’ संयोजक थापा का कहना है कि सिर्फ सन् १९५० के संधी ही नहीं समग्र विषयों में दो देशों के प्रतिनिधि के बीच विचार–विमर्श की गई है । लेकिन जानकारों को मानना है कि सन् १९५० के संधी के संबंध अभी तक दोनों पक्षों के बीच समान धारणा नहीं बन पा रही है । यह समाचार आज की कान्तिपुर दैनिक में है ।

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