सपनों से मधेश का रिश्ता क्या –

एक कहावत है कि ‘कबीर दास की उल्टी वानी, बर से कम्बल भीगे पानी ।’ नेपाल की राजनीति में फिलहाल ऐसा ही हो र हा है । कम्बल बर स र हा है और पानी भींग र हा है ।
संविधान सभा के निर्वाचन में संसदीय चुनाव की झाँकी देखने को मिल र ही है । वैसे भी नेपाल प्रकृति की गोद में बसा, प्राकृतिक दृश्यों से सजा एक सुन्दर सा देश है । लेकिन जहाँ सौर्न्दर्य है वहाँ पहाड भी है और चट्टान भी और पत्थर भी । यहाँ का यही प्राकृतिक वैशिष्ट्य यहाँ सक्रिय विभिन्न दलों के नेताओं के चरि त्र में भी बसा है । उनकी जीभ पर सौर्न्दर्य का वास है मगर हाथों में पाषाण । इसलिए देश भी बेहाल है और रजनैतिक अनिश्चितता लगातार लम्बी होती जार ही है । देश दूसरी सविधानसभा के निर्वाचन के

2
2324

loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz