सभी जातजाति और भाषाभाषी की एकता से राष्ट्र मजबूत होता हैः उपराष्ट्रपति पुन

काठमांडू, १५ जनवरी । उपराष्ट्रपति नन्दबहादुर पुन ने कहा है कि सभी जातजाति, भाषाभाषी, धर्म–संस्कृति और भूगोल के एकता से ही राष्ट्र समृद्ध बन सकता है । उनका यह भी कहना है कि अब संविधान कार्यान्वयन के साथ–साथ देश को आर्थिक समृद्धि की ओर ले जाना चाहिए । आइतबार खुलामंच में मगर संघ द्वारा आयोजित मकर संक्रान्ति पर्व के अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा– ‘नेपाल प्राकृतिक रुप में सम्पन्न है, जो विश्व में एक अनुपम उदारहण है । हमारे यहां विभिन्न जातजाति, भाषाभाषी, धर्म–संस्कृतिवाले लोग रहते हैं, जो हमारे लिए गर्व की बात है । साझा मौलिक संस्कृति और प्राकृतिक–सांस्कृतिक सम्पदा के कारण नेपाल एक नमूना देश भी है । इन सभी के बीच एकता होने से ही हमारे राष्ट्र मजबूत बन सकता है ।’
समृद्ध नेपाल निर्माण के लिए मगर समुदाय की योगदान पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति पुन ने कहा– वर्तमान राजनीतिक उपलब्धी के लिए विभिन्न कालखण्ड में जो ऐतिहासिक संघर्ष हुआ, उसमें मगर समुदाय से भी ऐतिहासिक योगदान रहा है ।’ वर्तमान राजनीतिक गतिविधि पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा– ‘जल्द ही राजनीतिक दल सकारात्मक निष्कर्ष के साथ देश को निकास देने के लिए सक्षम रहेंगे यह मेरा विश्वास है ।
कार्यक्रम में बोलते हुए मगर संघ के अध्यक्ष नवीन रोका मगर, उपाध्यक्ष गंगा मगर, सल्लाहकार बालकुमारी मगर आदि वक्ताओं ने मगर पहिचान सहित का एक अलग ही राज्य का मांग किया । कार्यक्रम में मगर जाति और संस्कृति संबंधी गीत और नृत्य भी प्रस्तुत किया गया था ।

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