समाज में कुरीति को अन्त्य करने के लियें ज्ञापन– पत्र

11नेपालगञ्ज,(बाँके जिला) पवन जायसवाल भाद्र १८ गते ।
समाज में धर्म और संस्कृतियों के नामों पर हो रही कुरीतिजन्य हिंसा अन्त्य करने का माँग करते हुयें सुदूर पश्चिमाञ्चल और मध्यपश्चिम क्षेत्र में हो रही कुरीतिजन्य हिंसा प्रभावितों ने मंगलवार को नेपालगन्ज में बा“के जिला के प्रमुख जिला अधिकारी को ज्ञापन– पत्र दिया ।
“कुरीतिजन्य हिंसा अन्त्य के लियें सभी लोग एकजुट हों” मूल नारा के साथ नेपालगञ्ज में शुरु हुआ कुरीतिजन्य हिंसा अन्त्य क्षेत्रीय स्तरीय सञ्जाल के पदाधिकारियों के  लियें आयोजित दो दिनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यक्रम में सञ्जाल की (कैलाली, कंचनपुर, बाँके, बर्दिया) क्षेत्रीय संयोजक लोग्सरी कुंवर ने कुरीति प्रभावितों के ओर से  ज्ञापन दिया ।22
ज्ञापन– पत्र बाँके जिला प्रसाशन कार्यालय बाँके के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी कृष्ण प्रसाद आचार्य ने  कुरीतिया से प्रभावितों को न्याय के लियें  जिला प्रशासन कार्यालय और उस के मातहतों के  निकायों को  संवेदनशील रहने के लिये बताया ।
समाज में कुरीतियो के नाम पर कोई भी  नागरिक हिंसा और यातना सहन नही कर सकता यह कहते हुयें आचार्य ने कुरीतिजन्य हिंसा को अन्त्य करने के लियें नेपाल में बना हुआ ऐन कानून को कार्यान्वयन करने के लियें जिला प्रशासन कार्यालय पिछे ना हट्ने के लियें प्रतिवद्धता ब्यक्त किया ।
इसी तरह कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के मध्यपश्चिम क्षेत्रीय निर्देशक मुरारी प्रसाद खरेल ने संस्कृति ही सभी जात, धर्म और लिङ्गों को मनुष्यों को सम्मान करता है कहते हुयें संस्कारों के नाम में हो रही  कुरीति उस के विरुद्ध रहा है बताया ।
कानून का किताब पढ्ने से और मानवअधिकारों का तालीम लेने से  सिर्फ मानवअधिकारों के बारे में जानकार हो गयें ए नही हो सकता कहकर , क्षेत्रीय निर्देशक खरेल ने कहा “अधिकारों को व्यवहारों में लागू करना ही बडी बात है” उन्हों ने कहा प्रशासनिक निकाय, सामाजिक संघ संस्थाओं के ब्यक्ति लगायत आम नागरिकों को संस्कृतिया और कुरीतिया क्या है ? इस के बारे में सचेत कराना एकदम जरुरी रहा है बताया ।
कुरीतिया समग्र समाज के विकास में ही क्षति पहुचाति आ रही है कहते हुयें अधिक कुरीतिया की शिकार में तो महिलाए पडी है क्षेत्रीय निर्देशक खरेल ने बताया ।
कार्यक्रम में सोंच नेपाल के कार्यकारी निर्देशक उत्तम निरौला ने कार्यक्रम को बारे में प्रकाश डाल्ते हेयें कुरीतिजन्य हिंसा अन्त्य राष्ट्रीय सञ्जाल के सहयोगी संस्था सोंच नेपाल के अध्ययन अनुसार अभी तक नेपाल में ५७ प्रकार की  कुरीतिया“ नेपाल में रही बताया ।
कार्यकारी निर्देशक निरौला ने कुरीतिजन्य हिंसा मानव अधिकार हनन् के प्रमुख मुद्दें होने के नाते गत वर्षो में मानववादी समज (सोंच) नेपाल ने तराई जिला के विभिन्न २२ जिला में कुरीतिजन्य हिंसा विरुद्धों का अनुसन्धानात्मक अभियान संचालन करते आया है और उसी दौरान में १३ सौ  घटनाए“  भी संकलन किया गया  जानकारी दिया । निरौला ने कहा बाहर से देखने पर कुरीतिजन्य परम्पराओं को  सरोकारवाला समुदायों ने इस को कुरीति होकर अपना संस्कृति है तर्क भी देते है बताया ।
इसी तरह कार्यक्रम में नेपाल पत्रकार महासंघ बा“के के सभापति  शुक्रऋषि चौलागाई, नेपालगञ्ज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद श्रेष्ठ, अंचल प्रहरी कार्यालय नेपालगन्ज के प्रहरी निरीक्षक राजेन्द्र बहादुर अधिकारी, नेपाली का“गं्रेस की प्रतिनिधि कमला भट्ट, नेकपा एमाले की प्रतिनिधि विजया धिताल, महिला मानव अधिकार रक्षक सञ्जाल एवं महिला पत्रकार अछरी पोख्रेल, न्याय के लियें द्वन्द्व पीडित समाज की अध्यक्ष चन्द्रकला उप्रेती, दलित सेवा संघ के महासचिव ईश्वरी विश्वकर्मा, एकल महिला सञ्जाल बा“के की अध्यक्ष शोभा, और कुरीति प्रभावित कार्यक्रम में सहभागीयों के तर्फ से एकल महिला सञ्जाल दाङ जिला की अध्यक्ष यमकुमारी ढकाल ने भी कुरीति विरुद्ध काम करने के लियें  प्रतिवद्धता सहित अपना मन्तव्य व्यक्त की ।
कुरीतिजन्य हिंसा अन्त्य राष्ट्रीय सञ्जाल की संयोजक विमला पराजुली के अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम में द्वन्द्व पीडित तथा एकल महिला सञ्जाल की शोभा विसी ने स्वागत की और महिला अधिकारकर्मी विमला विक ने कार्यक्रम का संचालन की थी । दो दिनों तक संचालन होने वाला गोष्ठी में मध्य पश्चिमाञ्चल और सुदूरपश्चिमाञ्चल क्षेत्रों के विभिन्न जिले से तीन दर्जनों की सहभागी रही ।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz