सर्लाही, महोत्तरी और धनुषा में डेंगु का प्रकोप तीव्र, सतर्क रहने के लिए आग्रह

जनकपुर, २२ आश्वीन । मध्य तराई के सर्लाही, महोत्तरी और धनुषा में डेंगु का प्रकोप तेजी से फैला रहा है । स्वास्थ्यकर्मियों ने सर्वसाधारणको सतर्क रहने के लिए भी कहा है । दो हफ्ता पहले सर्वप्रथम सर्लाही के लालबन्दी में डेंगू से पीडित बिमार पाया गया था । लेकिन अब इस का प्रकोप महोत्तरी के बर्दिबास होते हुए धनुषा के मिथिला नगरपालिका और क्षीरेश्वरनाथ नगरपालिका तक पहुँच चुका है ।
जिला जनस्वास्थ्य कार्यालय धनुषा के अनुसार धनुषा में अभी तक ३ लोगों को डेंगू का लक्षण दिखने को मिला है । वे तीन लोग मिथिला और क्षीरेश्वरनाथ नगरपालिका निवासी हैं । इधर महोत्तरी जिला में डेंगू संक्रमित व्यक्ति ४२ पहुँच चुके है । बर्दिबास डेंगू से सबसे ज्यादा पीडित एरिया है । यहां के २८ लोगों में डेंगु पाया गया है ।

क्या है डेंगु ?
डेंगू दुनिया भर में पाया जाने वाला एक खतरनाक वायरल रोग है जो की संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है।अकेला एक संक्रमित मच्छर ही बच्चे बड़ों एक साथ कई लोगों को डेंगू रोग से ग्रसित कर सकता है। डेंगू बुखार के लक्षण मच्छर के काटने के 3 से 14 दिनों के बाद स्पष्ट हो पाता है।
डेंगू बुखार में तेज़ बुखार के साथ जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों में दर्द और शरीर पर दाने निकल आते हैं। मरीज की स्थिति गम्भीर होने पर प्लेट लेट्स (platelets) की संख्या तेजी से कम होती है। इसके साथ ही नाक, कान, मुँह या अन्य अंगों से रक्त स्राव शुरू हो जाता है और रक्त चाप काफी कम हो जाता है। यदि समय पर उचित इलाज़ ना मिले तो रोगी की मौत भी हो सकती है। वर्तमान में, कोई विशिष्ट दवा या डेंगू के इलाज के लिए टीका उपलब्ध नही है।
जिस व्यक्ति को ये बुखार है उसे अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन, आराम के साथ ताप को कम करने के लिए नॉन-एस्पिरिन दवा भी लेनी चाहिए । अगर मरीज की स्थिति गंभीर हो जाये तो उसे अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता होती है। सही समय अगर इसका इलाज़ शुरू कर दिया जाये तो स्थिति को गम्भीर होने से रोका जा सकता है। 100 देशों में लगभग 50 से 100 लाख लोग सालाना डेंगू से प्रभावित होते हैं।

डेंगू के लक्षण, बचाव और इलाज

आज कल न्यूज़ चैनल और अखबारों में जिस खबर की सबसे ज्यादा चर्चा है वह है डेंगू और चिकुनगुनिया. बहुत से लोग अनजाने में इसके लक्षण पहचाहने में काफी देरी कर देते है जिसकी वजह से यह बुखार काफी तेजी से मरीज को अपनी चपेट में ले लेता है। तो चलिए इस पोस्ट में हम आपको बताते है की डेंगू बुखार क्या होता है, डेंगू कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

क्या होता होता डेंगू

डेंगू एक वायरस से होने वाली बीमारी का नाम है जो एडीज नामक मच्छर की प्रजाति के काटने से होती है। इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से मरीज के शरीर में अपना असर दिखाते जिसके कारण तेज बुखार और सर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते है. इसे हड्डी तोड़ “बुखार” या ब्रेक बोन बुखार भी कहा जाता है। डेंगू होने पर मरीज के खून में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटती है जिसके कारण कई बार जान का जोखिम भी बन जाता है।

कब सबसे ज्यादा फैलता है डेंगू 

गर्मी और बारिश के मौसम में यह बीमारी तेजी से पनपती है। डेंगू के मच्छर हमेशा साफ़ पानी में पनपते है जैसे छत पर लगी पानी की टंकी, घडो और बाल्टियों में जमा पीने का पानी, कूलर का पानी, गमलो में जमा पानी आदि। वही दूसरी ओर मलेरिया के मच्छर हमेशा गंदे पानी में पैदा होते है. डेंगू के मच्छर ज्यादातर हमेशा दिन में काटते है

डेंगू के लक्षण

  • तेज ठंड और बुखार
  • कमर, मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द
  • हल्की खाँसी, गले में दर्द और खराश
  • शरीर पर लाल-लाल दाने(रैश) दिखाई देता है.
  • थकावट, भूख न लगना और कमजोरी
  • उलटी और दर्द

डेंगू का इलाज़

  • वैसे तो डेंगू का इलाज़ चिकित्सकीय प्रक्रिया से डॉक्टरो के द्वारा किया जाता है लेकिन सावधानी के तौर पर आप भी कुछ तरीके अपना सकते है।
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा तरल चीजे दीजिये ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो
  • मरीज को पीपते के पत्ते पानी में या पीस कर दिए जा सकते है . यह शरीर में प्लेटलेट्स (platelets) बढाने का काम करते है लेकिन देने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर ले
  • मरीज को डिस्प्रीन और एस्प्रीन की गोली कभी ना दें
  • बुखार कम करने के लिए पेरासिटामॉल की गोली दी जा सकती है
  • जितना हो सके नारियल पानी और जूस पिलाये ।

कैसे करे डेंगू से बचाव 

  • डेंगू  एक मच्छर से होने वाली बीमारी का नाम है। यानी आपको अपना बचाव मच्छरों से करना है।
  • डेंगू का घर साफ़ पानी है इसलिए घर में या आस पास पानी २-३ दिन से ज्यादा न जमा होने दे। कूलरो में मिट्टी के तेल का छिडकाव करे। 1-2 दिन बाद घडो और बाल्टियों में जमा पानी को हटाते रहे।
    अगर बुखार घर में ठीक न हो रहा हो तो एक बार जांच जरुर करवाए ।
  • जितना हो सके बच्चो को पूरी बाजू के कपडे पहेनाये ।
  • घर और गली में कीटनाशक का छिडकाव जरुर करवाए ।
  • जितना हो सके इस मौसम में घर की खिडकियों को बंद करके रखे ।
  • कूड़े के डिब्बे म कूड़ा न जमा होने दे ।
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