Fri. Sep 21st, 2018

सर्वोच्च की सकारात्मक सोच, मधेशी आयोग गठन

Supreme Court of Nepalकाठमाण्डू, १० मार्च । सर्वोच्च अदालत ने मधेशी आयोग गठन करने लिए सरकार के नाम में परमादेश जारी किया है । मधेशी समुदाय इस पहल से खुश है । जो स्वाभाविक भी है । इतने दिनों बाद कुछ अच्छा जो सुनने को मिला है । न्यायाधीश द्वय गिरीशचन्द्र लाल और दीपकराज जोशी के संयुक्त इजलास ने सोमवार यह आदेश जारी किया है ।आदेश में अन्तरिम संविधान २०६३ की धारा १५४ के अनुसार मधेशी समुदाय के हक और उनके अधिकार के लिए आयोग गठन करने का निर्देश दिया है । अधिवक्ता रंजन सिंह ने चैत्र ९ गते सर्वोच्च अदालत में मधेशी आयोग गठन करने की माँग करते हुए रिट दायर किय था । जिसका फैसला कल आया है ।

पहले मधेश आन्दोलन के बाद  सरकार के साथ हुए २२ सुत्रिय समझौते में आयोग गठन करने की बात शामिल थी पर कार्यान्वयन आज तक नहीं हो पाया था । उक्त निर्णय के पश्चात् यह उम्मीद तो जगी है कि मधेश की समस्याओं को सम्बोधित करने के लिए अब एक माध्यम हमारे सामने है ।किन्तु आयोग और आयोग मृें चयनित होने वाले सदस्य कितनी निष्पक्षता के साथ मधेश की समस्याओं पर केन्द्रित होंगे सोचने वाला पहलु ये है क्योंकि आयोग तो कई गठन होतृ हैं पर वो भत्ता लृेने और सैर करने तक सीमित हो जाते हैं । खैर उम्मीद है कि आयोग मधेश की समस्याओं को सम्बोधित करेगा और मधेश का कल सुधरेगा । -‍ श्वेता

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of