सवाल संविधान का

संविधान निर्माण का सवाल
susil-koirala1श्वेता दीप्ति, काठमान्डो । एक बार फिर नेताओं के बीच संविधान निर्माण के लिए विवादित विषयों पर बातचीत शुरु हो चुकी है । कहा नहीं जा सकता कि इसमें कितनी गम्भीरता है । खैर कोशिश की जा रही है तो कोई तो परिणाम अवश्य सामने आएगा । संविधान निर्माण के जो विवादित विषय हैं उन पर सबकी सहमति की कोशिश की जा रही है । शुक्रवार एमाले और एमाआवादी के बीच बातचीत हुई थी फिर शनिवार काँग्रेस और एमाआवादी के बीच संघीयता, शासकीय स्वरुप, निर्वाचन प्रणाली, न्यायपालिका आदि विषयों पर विचार किए गए । नेताओं की कोशिश है कि निर्धारित समय पर जनता के हाथों में संविधान सौंपा जाय । किन्तु जनता सरकार के सुस्त कार्यशैली से आशंकित है । गुजरे महीनों के कार्यप्रणाली को देखकर जनता यह विश्वास नहीं कर पा रही है कि सरकार संविधान निर्माण समय पर कर सकेगी । गठबन्धन की सरकार में आपसी सामंजस्य नहीं दिख रहा सत्तारुढ नेताओं में मतभेद है । जनता मंहगाई की मार झेल रही है, अस्पतालों के आन्दोलन से स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रहे हैं । एक अपराधी तत्व के मारे जाने पर सरकार में बवाल है किन्तु प्रकृति की मार से पीडित जनता का ख्याल उन्हें कम ही आ रहा है । पुनः संविधान निर्माण की चर्चा से जनता उत्सुक है । मधेश अपने अधिकारों को लेकर सशंकित है । कहीं उन्हें फिर से छला तो नहीं जाएगा ? इन सब के बीच प्रधानमंत्री की
अस्वस्थता एक बार फिर सोचने पर विवश कर रही है कि क्या सचमुच संविधान निर्माण इन अवरोधों के बीच सम्भव है ? देश एक मजबूत प्रतिनिधि खोज रहा है, जो उन्हें और उनकी आकांक्षाओं को समझ सके और उसका निराकरण कर सके ।

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