सातदल का संघीय लोकतान्त्रिक मोर्चा गठन

sanghiy ghosanaजनपक्षीय संविधान न बनने की स्थिति में जलाने की चेतावनी
काठमान्डौ, आषाढ़ २६, सात राजनीतिक दलों ने जो पहचान सहित के संविधान के पक्षधर हैं, संघीय गणतान्त्रिक मोर्चा का गठन किया है । एमाओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड के नेतृत्व में सात विपक्षी दलों का संघीय गणतान्त्रिक मोर्चा नेपाल की घोषणा की गई है । उन्होंने कहा कि यह मोर्चा सरकार निर्माण के लिए न होकर जनता के पक्ष में संविधान निर्माण के लिए है । मोर्चा ने समय में संविधान निर्माण की ओर अपनी प्रतिबद्धता बताई है । उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संविधान जनता के पक्ष का न हुआ तो इसे जलाया जाएगा ।
अशोक राई ः (संघीय समाजवादी पार्टी) संविधान बनेगा ऐसा नहीं लगता है । सत्ता पक्ष को देखते हुए नहीं लगता है कि इस बार भी संविधान बनेगा । जिसके कारण संविधानसभा बना उसे ही दरकिनार किए हुए है । संविधान समय पर बने इसके लिए ही इस मोर्चा का गठन हुआ है ।
राजेन्द्र महतो ः (सद्भावना पार्टी) पहले संविधान सभा के विघटन के समय देश बड़े संकट से गुजर चुका है । फिर वैसा संकट नहीं आए इसलिए इस मोर्चे का गठन किया गया है । यह संविधान सभा द्वारा ही बनना चाहिए । और जनता के पक्ष में बनना चाहिए । नहीं तो इसे दिन के बारह बजे जलाया जाएगा ।
उपेन्द्र यादव ः (मधेशी जनअधिकार फोरम) विगत में संघीयता के कारण संविधानसभा का विघटन हुआ । अब ऐसा नहीं हो इसके लिए मोर्चा का गठन किया गया है । काँग्रेस, एमाले और राप्रपा की बात सुनकर लगता है कि पहचान सहित का संविधान नहीं बनेगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर क्रांति होगी । यह मोर्चा सत्ता पाने के लिए जोड़ घटाव के लिए नहीं है ।
महन्थ ठाकुर ः (तमलोपा) संविधान सभा में जो बड़े दल हैं उनकी नीयत को देखकर शक होता है । वो सब परिवत्र्तन के विरोधी हैं । ऐसे लोगों के लिए जवाब है ये मोर्चा ।
विजय गच्छदार ः ( मधेशी जनअधिकार फोरम) लोकतान्त्रिक संविधान बनाना चाहते हुए भी यथास्थिति वालों के कारण पिछला संविधान सभा विघटन हुआ । संविधान बनाने के लिए गठबन्धन हुआ था पर उनलोगों ने सफल होने नहीं दिया । बाबुराम ने कोशिश की पर काँग्रेस और एमाले नहीं माने । दूसरे संविधानसभा के लिए भी वो तैयार नहीं थे पर हमारे दवाब से वो बाध्य हुए । अभी एमाले और काँग्रेस के नेता जो विचार व्यक्त कर रहे हैं उससे संविधान नहीं बनेगा । हमें अगर कमजोर समझेंगे तो ज्ञानेन्द्र के जैसी हालत होगी । विगत में इसी विभेद के कारण आन्दोलन हुआ था अब ऐसी स्थिति नहीं आए इसके लिए यह मोर्चा बना है । संघीया विरोधी अगर संविधान बना तो एक दिन भी नहीं टिकेगा ।
प्रचण्ड ः –एमाओवादी ) यह मोर्चा विशुद्ध संविधान निर्माण के लिए बना है । सरकार बनाने या गिराने के लिए नहीं । काँग्रेस एमाले बहुमत में हैं इसलिए वो अपनी मनमानी के आधार पर संविधान बनाना चाहते हैं । अगर ऐसा हुआ तो विद्रोह होगा । हम चाहते हैं कि ऐसा नहीं हो । ऐसे स्थिति को रोकने के लिए यह मोर्चा बना है । यह जनता के बलिदान के द्वारा गठन किया गया मोर्चा है । इसे कमजोर समझने की भूल वो न करें । संविधान निर्माण के लिए गठित इस मोर्चे में और भी परिवत्र्तनकारी दल आ सकते हैं । विभद करने के कारण जन युद्ध हुआ था । इसे नजरअन्दाज करेंगे तो बहुत बड़ी गलती करेंगे ।

फोटो साभार रातोपाटी

 

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