सामाजिक रुपान्तरण के लियें सफल अभ्यास का आदान प्रदान

2नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल ।
महिलाओं की प्रयास से भी समाज में आर्थिक सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है । इसका उदाहरण देश के विभिन्न भागों में महिलाओं व्दारा किये गये कामों से पता चलता है।
इसी क्रम मे मीरेष्ट नेपाल नामक सञ्चार संस्था ने कुछ ऐसा ही अभ्यास किया है ।  संस्था ने नेपाल के पूर्वी क्षेत्र में रहे धनकुटा जिला से सुदूरपश्चिम के कैलाली जिला तक की घटनाओं का  अध्ययन (केश स्टडी) करके वृत्तचित्र (डकुमेन्ट्री) बनाकार प्रदर्शन किया है । इसका अन्तरक्रियात्मक कार्यक्रम का आयोजन  करके सचेतना फैलाने का भी काम किया है ।
उसी क्रम में बाँके जिला के खास कारकादौं गाँव विकास समिति के भुजई गाँव में  एक कार्यक्रम के वीच महिला तथा पुरुष  के वीच विद्यमान असमान मजदूरी  को  अन्त  करके समान मजदूरी कायम करें महिला ने  किया पहल और प्रयास को असल अभ्यास के रुप में तयार किया गया   वृत्तचित्र (डकुमेन्ट्री) प्रदर्शन करते हुयें ग्रामीण महिलाओं के वीच अन्तरक्रिया किया गया  ।
7वृत्तचित्र में धनकुटा जिला के भरौल गाविस के नागरिक सचेतना केन्द्र में आवद्ध महिला ने लैङ्गिक समानता, महिला पुरुष का समान मजदूरी , निर्माण विकास के काम में महिला की उदाहरणीय सहभागिता लगायत की उदाहरणीय तथा उत्प्रेरणा फैलाने जैसे कामों को उजागर किया गया ।
इसी तरह नागरिक सचेतना केन्द्र की बैठक में नास्ता खर्च के लियें  सरकार ने उपलब्ध कराया गया एक जनें के उपर दश रुपैयँ नास्ता में खर्च न करके कोष में जमा  करके विभिन्न स्वरोजगार किया है और आर्थिक रुपान्तरण  भी हुआ उदाहरण  भी वृत्तचित्र में मिलाया गया था ।
इसी तरह बा“के जिला के खास कारक“ँदौं गा“व विकास समिति वडा नं.९ अन्तर्गत लगदहवा गा“व में रहा नागरिक सचेतना केन्द्र की महिला सदस्यों ने भी बैठक में नास्ता  खर्च का दश रुपैया“ समूह के कोष में जमा करके आयमूलक कामों में लगानी  करके आर्थिक स्वावलम्बन तर्फ उन्मुख हुई है । नागरिक सचेतना केन्द्र में  अभी २६ महिलाए“ सदस्य रही है  ।
एकदम पिछडिए हुयें मधेशी समुदाय की महिलाए“ ने किसी ने कोष की रकम से कर्जा  लेकर भैंस पाला है किसी ने तो छगडी खसी पालन किया है किसी ने तो बंगुर पालन करके आयआर्जन कर रही है ।
11ए महिलाए“ के अग्रसरता और प्रयासों से वर्षौ से नही बना काम वो खुद अपने  बस्ती में रास्ता निर्माण  भी किया है और वर्षात में कीचड  और पानी के समय पर आनेजाने में समस्या होता था इस अवस्था से  मुक्ति मिला है उदाहरणीय तथ्य भी वृत्तचित्र मार्फत् उजागर किया गया है ।
वृत्तचित्र (डकुमेन्ट्री) प्रदर्शन के बाद अन्तरक्रियात्मक कार्यक्रम में बोल्ते हुयें सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती लता शर्मा ने महिलाए“ में एकता हुआ तो और चाहा तो  पुरुष ने करने वाला काम करके देखाएंगी कहकर  उदाहरण वृत्तचित्र में उल्लेखित घटनाए“ से भी प्रष्ट किया है अपने विचारों में व्यक्त की ।
उस गाविस में विगत डेढ दशक से सामाजिक रुपान्तरण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सचेतता तथा विभिन्न क्रियाकलाप करते आया ग्रामीण आर्थिक सामाजिक उत्थान केन्द्र की कार्यक्रम संयोजक समेत रही शर्मा ने महिला और पुरुष  के वीच आपसी समन्वय  करके विकास कार्यो में समान सहभागिता  अगर हुआ तो जैसा भी असम्भव काम  भी हो सकता है बातों पर जोड दी ।
???????????????????????????????मीरेष्ट नेपाल के महासचिव तथा वरिष्ठ पत्रकार कुमार यात्रु की लेखन और निर्देशन तथा कृष्ण मुरारी पुडासैनी की छाया“कन में तयार किया गया  वृत्तचित्र को प्रदर्शन के बाद प्रतिक्रिया  देते हुयें खास कारक“ँदौं गा“व विकास समिति के सचिव एवं अध्यक्ष नवराज शाह ने तुलनात्मक रुप में मधेशी समुदाय की महिलाए“  पीछे पडी है  उल्लेख करते हुयें अब उन लोग भी सचेत होते आ रही है बताया ।
स्थानीय महिला अगुवा ओम कुमारी थापा ने मधेशी महिलाए“  केवल  चुल्हा चौका में सिमित रहती है और घर बाहर न निकल्ने से भी विकास निर्माण के गतिविधियों में मिलाना कठिन हुआ है अनुभव सुनायी थी ।
साहु समाज बा“के जिला के अध्यक्ष हंशराम साहु ने पुरुष जुवा तास जैसे कुलत कार्य में व्यस्त होते है, लेकिन महिलाए“  तो अधिकँ“श समय काम में भीडी रहती है इस अवस्था से अब कुछ हद में भी सचेत होने  से  मधेशी महिलाए“  घर  से बाहर निकल्ने लगी है बताया  ।
कार्यक्रम  की प्रारम्भ में मीरेष्ट नेपाल के कार्यकारी निर्देशक गौरव पुडासैनी ने कार्यक्रमों का उद्देश्य पर प्रकास डाल्ते हुयें महिलाए“ की  छोटी छोटी प्रयासों से गा“व घर में आया सकारात्मक परिवर्तन और आर्थिक स्वावलम्बन की रुास्ता को मिलाकर  सिकाई की आदान प्रदान करना और  दुसरे जगाह की महिलाए“ को भी उत्प्रेरित करने की प्रयास किया अपने विचारोंm में व्यक्त किया ।
उसी अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार पूर्ण लाल चुके, मीरेष्ट नेपाल के व्यवस्थापन अधिकृत मदन सिंह ठकुरी, नागरिक सचेतना केन्द्र की अध्यक्ष चेतरानी सोनकर, सदस्य सरोज देवी सोनकर, सामाजिक सहजकर्ताए“ में पुष्पलता श्रीवास्तव, ललिता जैसी, चित्रा के.सी. लगायत ने वृत्तचित्र के बारे अपनी अपनी विचार ब्यक्त की ।
???????????????????????????????इसी तरह की कार्यक्रम बर्दिया जिला के देउढाकला गाविस के लक्ष्मणा में भी सफल अभ्यास की दुसरी वृत्तचित्र प्रदर्शनी किया गया था ।
उसी अवसर पर  जिला संयोजक विष्णु प्रसाद तिमिल्सेना, गाविस सचिव मोहन प्रसाद आचार्य, मुस्लिम महिला अगुवा जुवेदा खातुन लगायत ने अपनी अपनी धारणाए“ रक्खा था ।
अन्तरक्रिया के क्रम में मीरेष्ट नेपाल के महासचिव कुमार यात्रु और मीरेष्ट नेपाल के कार्यक्रम अधिकृत सुमन पुडासैनी ने सहजीकरण किया था ।

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