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सेना परिचालन रोकने के लिए राष्ट्रपति से आग्रह

presidentअगस्त २८, काठमाडौं ।
आन्दोलनरत मधेसी और जनजाति दलों का संघीय गठबन्धन ने सेना परिचालन रोकने के लिए राष्ट्रपति डा. रामवरण यादव से आग्रह किया है । संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चा और जनजाति पार्टी संघीय गठबन्धन के नेता शीतल निवास पहुँच कर राष्ट्रपति को ज्ञापन पत्र बुझाया है । राजनीतिक मुद्दा को राजनीतिक समाधान खोजने के लिए नहीं बल्कि आन्दोलन को दबाने के लिए सेना परिचालन किया गया है गठबन्धन नें ऐसा आरोप लगाया है । शान्तिपूर्ण आन्दोलन करने का संवैधानिक अधिकार भी हनन होने की बात ज्ञापन पत्र में उल्लेख है । संघीय गठबन्धन मे आबद्ध तमसपा के वरिष्ठ नेता रामनरेश यादव नें कहा है की राजनीतिक किसिम से समाधान खोजना चाहिये, सेना परिचालन गैरसंवैधानिक है इसपर ध्यानाकर्षण हो । सेना सब का साझा है कहते हुए गठबन्धन ने सेना को विवाद मुक्त और सेना परिचालन का निर्णय फिर्ता लेने के लिए माग किया है । राष्ट्रपति डा. रामवरण यादव जवाफ में कहा, कि ‘सेना परिचालन की अनुमति हम से भी नहीं लिया गया है। संवैधानिक व्यवस्था के विषय में सरकार को ध्यानाकर्ष कराउंगा ।’ कैलाली के टीकापुर मे एसएसपी सहित के सुरक्षाकर्मी मारे जाने के बाद सरकार विभिन्न जिला को दंगाग्रस्त घोषणा कर के सेना परिचालन किया है । सेना परिचालनप्रति राष्ट्रपति स्वयंम असन्तुष्टि जता रहें है । गठबन्धन सेना परिचालन फिर्ता कर के वार्ता के वातावरण बनाने का माग किया है । कर्णाली के जनता को माग को सामाजिक असन्तोष कहकर सम्बोधन किया गया लेकीन थरुहट आन्दोलन को आतंककारी कहना यह कहा तक उचित है ? संघीय गठबन्धन द्वारा राज्य साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाया गया है ।

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