सौन्दर्य से भरपूर है नेपाल और सुरक्षित भी

महाभूकम्प के पश्चात पर्यटन क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, इसी सन्दर्भ में पर्यटन बोर्ड के एडमिन्स्ट्रेटिम चीफ रमेशकुमार अधिकारी से कविता दास की हुई बातचीत का सम्पादित अंश
भूकम्प के बाद सबसे अधिक नेपाल का पर्यटन क्षेत्र ही प्रभावित हुआ है, इससे क्या नुकसान हुआ है और इसका सरकारी आंकड़ा क्या है ?
– वह समय नेपाल पर्यटन के लिए मुख्य समय था । बसंत ऋतु के मौसम नेपाल में पयर्टक बहुत तादाद में आते हैं । पर्यटन क्षेत्र में इसका

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पर्यटन बोर्ड के एडमिन्स्ट्रेटिम चीफ रमेशकुमार अधिकारी

प्रभाव तो पड़ा है, वह भी नकारात्मक प्रभाव । नेपाल के पूरे जिला की बात करें तो उतना असर नहीं है, बस भूकम्प से कुछ जिले प्रभावित हुए हैं । पर्यटकीय दृष्टि से तो आठ जिला ही प्रभावित हुए हैं । सरकारी नुकसान का आंकड़ा देखा जाये तो ज्यादा नुकसान हुआ है । अभी हमलोगाें के पास सरकारी नुकसानी का आकड़ा आया है जो कि २० अरब तक है । इस भूकम्प से अभी आगे के ६ महीने तक पर्यटन क्षेत्र को नुकसान है वह भी ६० अरब का । कुल मिलाकर ८० अरब का इस क्षेत्र में घाटा है ।
० पर्यटकों को यह विश्वास दिलाना कि नेपाल सुरक्षित है, काफी चुनौती भरा काम है । ऐसे में पर्यटन बोर्ड की योजना क्या है पर्यटकों को नेपाल बुलाने की ?
– पहले तो मैं यह बात कहना चाहता हूँ कि नेपाल सुरक्षित है । अभी हमलोग भारत और चीन के पत्रकार लोगों को नेपाल बुला रहे हंै । उन्हें नेपाल के पर्यटकीय स्थिति के बारे में जानकारी दे रहे हैं । उन्हें वास्तविक स्थिति को जानकर अपने देश में रिपोर्ट करने के लिए भी कह रहे हैं । मीडिया ही नहीं हम यात्रा सलाहकार को भी सहयोग करने के लिए कह रहे हंै, नेपाल में रहे राजनायिक मिशन (दूतावास) को भी आग्रह कर रहे हैं कि नेपाल की सही स्थिति की जानकारी अपने देश में दें । अभी जो नेपाल में दाता सम्मेलन हुआ है वह एक बड़ा उदाहरण है । यहाँ की सुरक्षा अच्छी नहीं होती तो शायद यह सम्मेलन संभव नहीं होता । अभी सभी टीवी, विभिन्न पत्र पत्रिका के द्वारा भी  हम यह जानकारी दे रहे हैं कि नेपाल में आने के लिए कोई भी परेशानी नहीं है और यह सूचना भी दे रहे हैं कि के  नेपाल का जीवन सामान्य है और पूरी तरीके से सुरक्षित है । हमलोगों के लिए जून, जुलाई, अगस्त यह ३ महीना थोड़ा पर्यटकीय दृष्टिकोण से थोड़ा फुर्सत का होता है । इसमें हमलोग आगे आने वाले समय के लिए योजना बनाते हैं, अभी कैलाश टूर पर जाने वाले लोग ज्यादा हंै ।
भूकम्प और उसके बाद लगातार आ रहा पराकंपन तो प्राकृतिम चीज है । अभी हमारी जरुरत है कि जो सम्पदा नष्ट हुई है उसके  बुनियादी ढांचे को फिर से बनाना, मरम्मत करना और मानव संसाधन को कार्य में ला कर व्यापार में फिर से शुरुआत करवाना  है । पर्यटन उद्योग के लिए पर्यटक को नेपाल में लाने के लिए यहाँ  सुरक्षित वातावरण बनाना यह भी हमारे द्वारा हो रहा है । काठमांडू में  हेरिटेज साइट्स को नुकसान हुआ है पर होटल, ट्रैकिंग आदि सुरक्षित है । बस यह बात है कि मीडिया ने कुछ ज्यादा ही नकरात्मक तरीके से दिखाया  जिसके कारण विदेशी पर्यटक के मन में डर है ।
० नेपाल में सबसे अधिक भारतीय पर्यटक आते हैं । उनको लक्षित कर कोई विशेष योजनाएं बनाई गई है क्या ?
सही कहा आपने, हमारे पर्यटक भारत और चीन से ज्यादा आते हैं । भारतीय सांस्कृतिक दृष्टिकोण से नेपाल आते हैं । यहाँ का दृष्य अवलोकन के लिए भी आते हैं । पोखरा और चितवन भारतीय पर्यटक के लिए एक पसंदीदा स्थल है । यह दोनों जगह पूरी तरह सुरक्षित है । आराम से नेपाल आकर पशुपति और मुक्तिनाथ दर्शन कर पाएँगे । वैसे मुक्तिनाथ पूरी तरह से सुरक्षित है । यहाँ पर जो ऐतिहासिक धरोहर है उसका जो नुकसान हुआ है उसे भी पर्यटक देखें ।
० पर्यटन के सामने आई इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए क्या कुछ नई योजना नई पहल की जाएगी ?
– राष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमने संस्था गठन किया है । इसमें सरकारी निकाय ,निजी क्षेत्र और पर्यटकीय क्षेत्र मिलकर नेपाल में पर्यटन को बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं । हाल ही में पोखरा में ३०० से ज्यादा लोग सहभागी हुए हैं ।
० अंत में आप क्या कहना चाहेंगे ?
– इस आपदा ने हमेंं तकलीफ तो दिया है किन्तु हम इससे फिर बाहर निकलेंगे और मजबूती से आगे बढेंगे यह हमारा विश्वास है । बस नेपाल के सुंदरता को देखने की जरुरत है । यहाँ की विशेषता को देखे हमारे नेपाल में बहुत सारे खूबसूरत स्थल है । आनंद के लिए, सुन्दरता के लिए नेपाल आयें । नेपाल की यात्रा करें, सहयोग करें और  नेपाल से प्यार करें ।

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